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रायपुर@यूके्रन नहीं जा पाया छत्तीसगढ़ का पावर लिफ्टर

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अब नेशनल फेडरेशन को चुकाना होगा भारी जुर्माना
रायपुर,17 फरवरी 2026। राजधानी रायपुर के अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टर विकास प्रधान के साथ हुए पैसों के विवाद में जिला उपभोक्ता आयोग ने नेशनल पावर लिफ्टर्स फेडरेशन को दोषी पाया है। आयोग ने फेडरेशन को आदेश दिया है कि वह खिलाड़ी को रोकी गई राशि 35 हजार रुपए ब्याज सहित लौटाए और मानसिक प्रताड़ना के बदले 20 हजार रुपए का हर्जाना भी दे। यह फैसला छत्तीसगढ़ के उभरते खिलाडि़यों के लिए एक बड़ी जीत है, जो अक्सर खेल संघों की लापरवाही और मनमानी का शिकार होते हैं। यह आदेश स्पष्ट करता है कि खिलाडि़यों के करियर और मानसिक गरिमा से खिलवाड़ करने वाली संस्थाओं को कानूनी जवाबदेही से बचना नामुमकिन है। शिकायतकर्ता विकास प्रधान का चयन साल 2020 में यूक्रेन में आयोजित एशियन पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप के लिए हुआ था। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए उनसे कुल 1.50 लाख रुपए (टिकट,एंट्री फीस, वीजा और यूनिफॉर्म आदि) जमा कराए गए थे। सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद फेडरेशन ने वीजा स्वीकृति की जानकारी समय पर नहीं दी, जिसके कारण उन्हें मुंबई से वापस लौटना पड़ा और वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने से चूक गए। वापसी के बाद फेडरेशन ने 1.15 लाख रुपए तो लौटा दिए,लेकिन 35 हजार रुपए टिकट कटौती के नाम पर रोक लिए। जब इस कटौती का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला, तब खिलाड़ी ने न्याय के लिए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि फेडरेशन ने हवाई टिकट कटौती का कोई भी दस्तावेजी प्रमाण पेश नहीं किया। आयोग ने इसे सेवा में गंभीर लापरवाही माना और कहा कि इस देरी की वजह से खिलाड़ी न केवल प्रतियोगिता से वंचित रहा, बल्कि उसके करियर और मानसिक स्थिति पर भी गहरा बुरा प्रभाव पड़ा। रायपुर उपभोक्ता आयोग में अब ई-फाइलिंग और ई-हियरिंग की सुविधा शुरू हो गई है।


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