- भाजपा नेताओं ने विधायक के तंज पर भी बजाई ताली,सबसे उत्साहित दिखे भाजपा के दो वरिष्ठ नेता।
- ग्राम पंचायत पटना को मिला नगर पंचायत का दर्जा,क्षेत्रीय विधायक का हुआ अभिनंदन कार्यक्रम।
- कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी मंच पर पहुंचकर जताया क्षेत्रीय विधायक का आभार,दिया धन्यवाद।
- जनपद सदस्य ने सम्हाला मंच,किया मंच संचालन,बताया नगरीय निकाय में शामिल होने का महत्व।
- आदिवासी वरिष्ठ नेता कार्यक्रम से रहे दूर,ग्राम से पूर्व सांसद रह चुके विधायक रह चुके,जिला पंचायत रह चुके पूर्व सरपंच रह चुके आदिवासी नेताओं ने बनाई रखी दूरी।
- सरपंच ग्राम पंचायत ने भी किया विधायक के प्रति आभार व्यक्त,जो कर सकी आगे उससे ज्यादा होगा विकास नगर पंचायत बनने के बाद।
- भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं की खुशी सबसे अधिक की गई महसूस,पार्टी लाइन छोड़कर उत्साह उनका झलक आया सामने।
- कांग्रेस के भी वरिष्ठ नेताओं को क्षेत्र के नहीं किया गया कार्यक्रम में आमंत्रित,कार्यक्रम पूरी तरह एक कांग्रेस में नए नए शामिल नेता के रहा अधीन।
- कार्यक्रम में हर बात पर ताली बजाते भाजपा के वरिष्ठ दो नेताओं पर टिकी रही लोगों की नजर,हर बात में ताली उनकी फितरत दिखी।
- विधायक ने कहा पटना पहले ही बन सकता था नगर पंचायत,पूर्व सरकार ने रोका पहले हो सकने वाला विकास।
- नगर पंचायत की खुशी में पटना ग्राम के ज्यादातर लोगों को नहीं किया गया आमंत्रित,खास लोगों के बीच किया गया विधायक का आभार प्रदर्शन।
- आदिवासी नेताओं की अनुपस्थिति ने खड़े किए सवाल,निर्णय को लेकर उनकी सहमति नहीं।
- पटना क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य जनपद सदस्य को भी नहीं किया गया आमंत्रित,अन्य क्षेत्र के जनपद सदस्य ने खुद से दर्ज कराई अपनी उपस्थिति।
- ग्राम के दो वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने भी अन्य भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं को नहीं किया आमंत्रित,खुद ताली बजाते बैठे रहे मंच पर।
- पहले नगर पंचायत बनने की उपलब्धि पूरे पटना 84 की बताई गई बाद में जश्न में पूरे ग्राम को भी नही किया गया आमंत्रित।
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 09 अक्टूबर 2023 (घटती-घटना)। ग्राम पंचायत पटना को नगर पंचायत बनाने के लिए बैकुंठपुर विधायक सिद्दत से लगी हुई हैं वहीं इस अभियान में उनका साथ पटना ग्राम पंचायत के पूर्व उप सरपंच दे रहे हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री के ग्राम आगमन पर भी नगर पंचायत बनाए जाने को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया था और माना जाता है की उसी प्रदर्शन से मुख्यमंत्री प्रेरित हुए थे और उन्होंने नगर पंचायत बनाए जाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा थी कार्यवाही भी चालू हुई लेकिन बीच में यह अभियान कुछ दिनों तक ठंडा नजर आया और लगा की शायद नगर पंचायत की घोषणा घोषणा ही रह जाए और इसका गठन शायद ही हो पाए लेकिन सितंबर माह के आखिर सप्ताह के बाद से इसकी प्रक्रिया में गति देखी गई और देखा गया की पटना ग्राम पंचायत नगर पंचायत बनाया जाए इसको लेकर प्रशासन चुस्त नजर आया और इसी बीच प्रशासन की चुस्त कार्यवाही देखने को भी मिली और अधिसूचना भी जारी हुई,अधिसूचना जो जारी हुई उसके अनुसार दावा आपत्ति का फिलहाल समय दिया गया है और जिसे नगर पंचायत बनाए जाने को लेकर आपत्ति है वह अपनी आपत्ति दर्ज कर सकता है यह अधिसूचना प्रकाशन का उद्देश्य है इसी बीच अधिसूचना का प्रकाशन होने उपरांत ही ग्राम के कुछ लोगों को अत्यंत उत्साह में देखा गया और उन्ही के द्वारा विधायक का आभार प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया जो रविवार को संपन्न हुआ। यह खबर सोशल मीडिया में पोस्ट वीडियो व जन चर्चा के आधार पर तयार किया गया है।
नगर पंचायत की घोषणा के बाद ग्राम की आबादी दो हिस्सों में बंट गई है
इस बीच बताया यह भी जा रहा है की नगर पंचायत की घोषणा के बाद ग्राम की आबादी दो हिस्सों में बंट गई है जिसमे एक हिस्सा नगर पंचायत के पक्ष में है वहीं दूसरा हिस्सा विरोध में,विरोध करने वालों ने आपत्ति भी नियमानुसार दर्ज की है वह आगे उच्च न्यायालय तक जाकर नगर पंचायत बनाए जाने को लेकर विरोध दर्ज करेंगे यह उनकी तैयारी है, इस बीच विधायक के आभार प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान भी ग्राम की आबादी को दो हिस्सों में ही बंटा हुआ देखा गया जिसमे एक हिस्सा मौजूद रहा कार्यक्रम में जिसमे कुछ खास बाजारपारा निवासी खासकर व्यापारी समूह के अलावा अन्य कम ही नजर आए शेष ने कार्यक्रम में ही आना मुनासिब नहीं समझा और जो उपस्थित हो सके उन्ही के बीच आभार प्रदर्शन विधायक का किया गया। कार्यक्रम में विरोध दर्ज करने वालों को बुलाया भी नहीं गया यह भी बताया जा रहा है जिनकी सहमति थी वह पहुंचे शेष पूर्व उप सरपंच ने जिन्हे बुलाया वह पहुंचे।
यह नहीं देखे कार्यक्रम में
खासबात यह भी रही की इस कार्यक्रम आभार प्रदर्शन में ग्राम क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य जो ग्राम के ही मतदाताओं द्वारा फिलहाल निर्वाचित हैं उन्हे नहीं बुलाया गया या बुलाया भी गया तो वह उपस्थित नहीं हुए, वहीं अन्य क्षेत्र के जनपद सदस्य ने उपस्थित होकर नगर पंचायत की महत्ता से उपस्थित लोगों को अवगत कराया गया वहीं उन्ही के द्वारा मंच संचालन भी किया गया। सबसे अजीब इस आभार प्रदर्शन की जो घटना रही उसमे यह देखा गया की सत्ताधारी दल के द्वारा घोषित नगर पंचायत की घोषणा उपरांत सत्ताधारी दल की विधायक के आभार प्रदर्शन कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने खुले दिल से हिस्सा लिया और उसमे भी सबसे विचित्र बात यह देखी गई की कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेताओं के द्वारा ताली भी सबसे ज्यादा बजाई गई।
नगर पंचायत का दर्जा 20 वर्षो से रुका रहा
विधायक ने जहां ग्राम पंचायत पटना को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के अपने प्रयासों को लेकर यह कहा की यह काम 20 वर्ष पूर्व ही हो जाना था ग्राम के विकास को 20 वर्षों से रोके रखा गया था पूर्व की सरकार द्वारा वहीं उन्होंने नगर पंचायत नहीं बनाए जाने को लेकर पूर्व सरकार को जमकर कोसा,इस दौरान भाजपा के दो वरिष्ठ नेता जो मंचासिन थे उन्होंने इस बात पर भी ताली बजाई और कहीं न कहीं स्वीकार किया की उन्होंने वह प्रयास नहीं किया ग्राम को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने को लेकर जो वर्तमान सरकार और विधायक ने किया और जो संभव हुआ।
कुछ भाजपा तो कुछ कांग्रेस नेता तो कुछ व्यापारी ने हिस्सेदारी निभाई और कार्यक्रम संपन्न हुआ
वैसे कार्यक्रम में ग्राम के वरिष्ठ आदिवासी नेताओं की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक रह चुके ग्राम के सम्मानित व्यक्ति इस दौरान अनुपस्थित रहे, पूर्व सरपंच रह चुके साथ ही जिला पंचायत कोरिया के प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके ग्राम के वरिष्ठ आदिवासी नेता भी कार्यक्रम से दूर रहे वहीं ग्राम के पूर्व सरपंच रहे साथ ही ग्राम विकास में लगातार योगदान देने वाले ग्राम के वरिष्ठ आदिवासी नेता भी कार्यक्रम से नदारत रहे। कुल मिलाकर कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने कुछ हिस्सेदारी निभाई वहीं कुछ कांग्रेस नेताओं ने हिस्सेदारी निभाई कुछ व्यापारी वर्ग ने हिस्सेदारी निभाई और कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसजनों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही, ग्राम पटना से सीधा जुड़ाव रखने वाले हर दुख सुख में सभी के शामिल होने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता योगेश शुक्ला सहित जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी की अनुपस्थिति नजर आई और सवाल खड़ा हुआ की क्या उन्हे बुलाया नहीं गया या बुलावे के बाद वह नहीं पहुंचे, वैसे बताया जा रहा है की हाल फिलहाल विधायक से जुड़कर उनके खास बन चुके एक कांग्रेस नेता की बातें आयोजकों ने मानी और उनके बताए अनुसार ही अतिथि बुलाए गए और ग्राम जन बुलाए गए।
नगर पंचायत हो जाने के बाद बढ़कर अनुदान मिल सकेगा
कार्यक्रम में वर्तमान सरपंच का उद्बोधन भी काफी चर्चा का विषय बना हुआ है, उन्होंने यह कहकर नगर पंचायत का समर्थन किया की अभी तक ग्राम पंचायत स्तर पर मिलने वाले अनुदानों से किसी तरह उनके द्वारा ग्राम विकास का कार्य किया जा रहा है जो आगे नगर पंचायत हो जाने के बाद बढ़कर अनुदान मिल सकेगा और विकास तेजी से हो सकेगा।
क्या एक भी योग्य कांग्रेस नेता नहीं थे पटना में जो मंच का संचालन कर सके?
ताजुब यह भी माना गया की जिस ग्राम का नगर पंचायत में उन्नयन हुआ उस पंचायत से जो नगर पंचायत का दर्जा पाने जा रहा है एक योग्य ऐसा कांग्रेस नेता समाने नहीं आ सका जो मंच का भी संचालन कर सके। मंच संचालन करने के लिए भी त्रि स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था अंतर्गत निर्वाचित एक जनप्रतिनिधि का सहारा लेना पड़ा पटना ग्राम या कहें भविष्य के नगर पंचायत वासियों को,यह भी चर्चा देखी सुनी गई।
पार्षद भी कहकर संबोधित किया
आभार कार्यक्रम संपन्न हुआ,विधायक ने उपस्थित सरपंच सहित पंचों को अध्यक्ष सहित पार्षद भी कहकर संबोधित किया, उपस्थित ग्राम जनों को बधाई भी उन्होंने दिया,उन्होंने यह भी कहा की अभी पूरी तरह यह अभियान संपन्न नहीं हुआ है कुछ बढ़ाएं आएंगी जो दूर की जाएगी यह मैं विश्वास दिलाती हूं। कार्यक्रम में पूर्व उप सरपंच पटना ने अपनी पूरी ऊर्जा झोंक दी थी और उनका प्रयास लगभग सफल भी नजर आया।
कार्यक्रम की झलकियां जो चर्चा की वजह बनी:
चर्चा 1: ग्राम को नगर पंचायत का दर्जा मिलने पर विधायक के आभार प्रदर्शन के लिए आयोजित कार्यक्रम में संख्या ग्राम जनों की कम नजर आई,जो चर्चा का विषय बनी।
चर्चा 2: ग्राम के वरिष्ठ आदिवासी नेताओं ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी और कार्यक्रम में उन्होंने शिरकत नही की,इसे उनकी असहमति स्वरूप माना गया।
चर्चा 3: ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा मिला,ग्राम स्तर में विधायक का सम्मान कार्यक्रम रखा गया,कार्यक्रम में ग्राम के ही अधिकांश कांग्रेसी नहीं नजर आए जो चर्चा सुनी गई।
चर्चा 4: कार्यक्रम में आसपास के वरिष्ठ कांग्रेसजनों को नहीं बुलाया गया और इसकी वजह भी अज्ञात रही इसको लेकर भी चर्चा सुनी गई,जबकि कई कांग्रेसी नगर पंचायत के समर्थक माने जाते थे और समय समय पर मांग का समर्थन करते थे।
चर्चा 5: नगर पंचायत के लिए अधिसूचना जारी होने पर पहले कुछ कांग्रेस नेताओं ने इस उपलब्धि को पटना चौरासी के लिए उपलब्धि निरूपित किया था सोशल मीडिया में ,आभार प्रदर्शन सहित स्वागत कार्यक्रम में विधायक के पटना चौरासी के वरिष्ठ जनों सहित ग्राम जनों को नहीं किया गया आमंत्रित यह भी चर्चा सुनी गई।
चर्चा 6: भाजपा नेताओं को मंचासीन देखकर भी बातें सामने आईं, उनका बात बात पर ताली बजाना लोगों को काफी रास आया और बाद में यह भी लोग कहते सुने गए की नगर पंचायत की घोषणा का सबसे ज्यादा उत्साह भाजपा नेताओं में देखा गया जिन्होंने कुर्सी सबसे पहले पकड़ी कार्यक्रम में और छोड़ी सबसे बाद में,लोग यह भी कहते सुने गए की भाजपा नेताओं को नगर पंचायत का सबसे ज्यादा इंतजार है,उनका कुछ निजी स्वार्थ है जो नगर पंचायत बनने उपरांत ही पूरा हो सकेगा इसलिए वह उत्साहित नजर आए पार्टी लाइन के विपरीत जाकर मंच साझा किया वहीं उन्होंने तब भी ताली बजाई जब विधायक ने पिछली भाजपा सरकार को कोसने का काम किया।
चर्चा 7: विधायक ने भी इसे अपनी उपलब्धि बतौर साबित करने का कोई मौका नहीं छोड़ा और उन्होंने कई अन्य लाभ भी गिनाने की कोशिश की जो नगर पंचायत का दर्जा मिलने उपरांत मिलने की बात उन्होंने कही।
चर्चा 8: आधी आबादी भी कार्यक्रम में नहीं हुई शामिल,उत्साह बाजारपारा तक ही देखा गया सिमटा,विधायक के सम्मान सहित उनके प्रति आभार के लिए पूर्व उप सरपंच ने जिसे जरूरी समझा उसे ही किया आमंत्रित।
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