राजधानी में गणेशोत्सव की तैयारियां अंतिम चरणों में
रायपुर,17 सितम्बर 2023 (ए)। 19 सितंबर से प्रारंभ होने वाले गणेशोत्सव के लिए राजधानी में जोरदार तैयारियां की जा रही हैं। शहर के चौक-चौराहों में थीम बेस्ड बड़ी और भव्य गणेश पंडाल तैयार की जा रही हैं। अधिकांश स्थानों पर पंडालें तैयार हो चुकी हैं और सजावट के काम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं मूर्तिकार भी प्रतिमाओं को फाइनल टच देकर गणेशोत्सव समतियों को दे रही है। शहर के कालीबाड़ी चौक में चंद्रयान मिशन की सफलता को आधार मानते हुए गणेशोत्सव समिति ने एलएमवी रॉकेट का प्रतिरूप पंडाल के रूप में तैयार कराया है।
राजधानी में मनाए जाने वाले गणेशोत्सव की धूम न केवल पूरे छत्तीसगढ़ में है बल्कि देशभर में भी रायपुर का नाम इस उत्सव के लिए प्रमुखता से लिया जाता है। गणेशोत्सव को खास तरह से सेलिब्रेट करने की वजह से रायपुर का नाम काफी प्रसिद्ध हो चुका है। इसकी एक वजह यह भी है कि रायपुर में मनाई जाने वाली गणेश उत्सव किसी खास विषय पर केन्दि्रत कर मनाई जाती है। इस वर्ष भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की चंद्रयान 3 की सफलता का जश्र पूरे देश में मनाया जा रहा है। कालीबाड़ी गणेशोत्सव समिति ने इसरो की इस सफलता को और अधिक सेलिब्रेट करने के उद्देश्य से एलएमवी (लांच व्हीकल मार्स) की तरह पंडाल तैयार कराया है। इस पंडाल में प्रवेश करने के बाद श्रद्धालुओं को एक खास तरह का अनुभव होगा। इसी एलएमवी-3 के अंदर बप्पा की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयोजकों के अनुसार इस बार यहां गणेश जी का दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को अंतरिक्ष का अनुभव कराने के उद्देश्य से इस तरह का पंडाल तैयार किया गया है।
तरह-तरह की प्रतिमाएं :
राजधानी रायपुर में इस बार गणेश जी की प्रतिमाओं को विविध रूपों में तैयार किया गया है। फल-फूल, सब्जियां, भौरा, रेत बांटी, गिल्ली-डंडा, कॉफी बीज, विभिन्न तरह की अनाजों और फलाहारी से गणेश जी की शानदार और अनूठी प्रतिमाएं तैयार की गई है। शहर के एक परिवार ने सब्जियों के बीजों से प्रतिमाएं तैयार की है। इसमें कद्दू, सूरजमुखी, कलिंदर, खरबूजा, मेथी, करेला के बीज से भी प्रतिमाएं तैयार की गई है। वहीं कलरफूल पेपर क्राफ्ट से भी गणेश जी की प्रतिमाएं तैयार हुई हैं।
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