कोरबा,10 जुलाई 2023(घटती-घटना)। जिले में लंबे समय से कई प्रकार के नशे के अभ्यस्त हो चुके मरीजों को सही रास्ते पर लाने के लिए जिला अस्पताल में विभाग बनाया गया है जिसके अंतर्गत नसा से जुड़े मरीजों को ऑप्शनल थेरेपी दी जाती है। पर कुछ समय से इस वर्ग को दवा उपलब्ध नही होने से इन मरीजों में समस्या बढ़ गई है। कई प्रकार के नशे की जद में शामिल लोगों को बाहर लाने के लिए विभिन्न तौर तरीके अपनाए जा रहे हैं। ओपीओइड सब्सीट्यूशन थेरेपी इसी का एक हिस्सा है जिसमे मरीजों को दवा के माध्यम से नासा से छुटकारा दिलाने का प्रयत्न किया जा रहढ्ढ है । कोरबा में 300 से ज्यादा लोगों ने अपना पंजीकरण मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में पिछले वर्षों में कराया जिन्हें लगातार इस थेरेपी के अंतर्गत दवाएं दी जा रही थी। पिछले डेढ़ महीने से दवा की आपूर्ति ना होने से संबंधित लोगों को इसका वितरण नहीं किया जा सका है जिसके कारण दवा की कमी से ऐसे युवक आए दिन हंगामा कर रहे हैं। एक ऐसी ही तस्वीर हस्पताल में देखने को मिली । मरीजों ने जमके हंगामा किया जिसे कुछ लोगों ने हस्तक्षेप करने के साथ नियंत्रण किया और हंगामा करने वालों को सुरक्षित माहौल देने की कोशिश की। इस दौरान एक युवक ने बताया कि दवा नहीं मिलने के कारण दिक्कतें हो रही हैं और ऐसे में कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ गोपाल कंवर ने स्वीकार किया कि कुछ समय से ओपीओइड सब्सीट्यूशन थेरेपी पर काम करने वाले सेंटर में दवाएं उपलब्ध नहीं है। जल्द दवाओं की कमी पूरा कर लिया जाएगा द्य आपको बताते चले कि ओएसटी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें ओपिओइड-आश्रित इंजेक्शन लगाने वाले नशीली दवाओं के उपयोगकर्ताओं को मनो-सामाजिक हस्तक्षेपों के साथ-साथ चिकित्सकीय देखरेख में लंबे समय तक काम करने वाली ओपिओइड एगोनिस्ट दवाएं प्रदान की जाती हैं। अब देखना होगा के कोरबा में दवाओं की कमियों को कब तक पूरा कर लिया जाता है जिससे इन नसे के मरीजों को समस्याओं से छुटकारा दिलाया जा सके ।
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