
शनिवार की सुबह करीब 8.30 बजे तक 4.2 मिलीमीटर वर्षा,बीते 2 दिनों से घने बादल छाए हुए
अम्बिकापुर 13 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। सरगुजा जिले का मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बीते 2 दिनों से घने बादल छाए हुए हैं। वहीं शनिवार की सुबह करीब 8.30 बजे तक 4.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि आने वाले दिनों में कड़ाके की ठंड पडऩे वाली है।
हालांकि मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि आनेवाले 24 घण्टे में परिस्थितियां बदल सकती है। घने बादल छट जाएंगे लेकिन रुक-रुक कर वर्षा होती रहेगी। मौसम विभाग के विज्ञानी का कहना है कि तीन दिनों पहले तमिलनाडु के समुद्र तट क्षेत्र में एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ जो तमिलनाडु आंध्र, प्रदेश के बीच से प्रवेश किया जिसके प्रभाव से उत्तर उड़ीसा एक द्रोणिका सक्रिय हो गई है। जिस वजह से उत्तरी छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इसके अलावा बादल छटते ही हवा की दिशा बदल जाएगी और हवा उत्तरी दिशा से चलनी शुरू हो जाए। जिस वजह से न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी और कड़ाके की ठंड एक बार फिर पडऩे लगेगी। इसके अलावा मौसम विभाग के विज्ञानी एएम भट्ट का कहना है दिसंबर और जनवरी के शुरुआत में विगत 3 वर्षों की तुलना में इस वर्ष कड़ाके की ठंड पडऩे वाली है। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि इस वर्ष पिछले दो से तीन वर्षों का रिकॉर्ड ठंड के इस मौसम में टूट सकता है।
गर्म कपड़ों की बढ़ी मांग
पिछले दो दिनों से मौसम खराब रहने व रूक-रूक कर हो रही रिमझिम बारिश से ठंड बढऩी शुरू हो गई है। आसमान से बादल छंटते ही तापमान में और गिरावट आ सकती है और ठंड बढ़ सकती है। इसे देखते ही गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है। शनिवार को पूरे दिन लोग गर्म कपड़े में नजर आए। वहीं दुकानों में भी गर्म कपड़े खरीदते नजर आए।
किसानों के माथे पर चिंता
जिले में धान की फसल पक कर तैयार है। किसान कटाई और मिसाई में जुटे हैं। इस वर्ष धान की फसल की उपज अच्छी बताई जा रही है। वहीं शुक्रवार को अचानम मौसम परिवर्तन हो जाने से किसानों के माथे पर चिंता साफ दिखाई दे रही है। अधिकांश धान की फसल अभी खेतों में ही लगी है। अगर मौसम खराब होने और हल्की भी बारिश हो जाती है तो खेत में लगी धान की फसल बर्बाद हो जाएगी। इससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। कुछ किसान धान की कटाई कर चुके हैं और मिसाई कर धान बेचने की तैयारी में हैं, शासन द्वारा एक दिसंबर से धान खरीदी के निर्णय के बीच किसान खुले में ही धान रखकर एक दिसंबर का इंतजार कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में मौसम की मार किसानों को भारी पड़ सकती है। वहीं मौसम वैज्ञानिक का मानना है कि उत्तरी तमिलनाडु के अंदरूनी भाग में सक्रिय सुस्पष्ट अवदाब क्षेत्र के प्रभाव से निर्मित चक्रवाती घेरे से संलग्न एक द्रोणिका आंध्रप्रदेश के तटीय भाग से होते हुए उत्तरी ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्र तक सक्रिय है जिसके प्रभाव से नमी युक्त वायु प्रवाह के कारण उत्तरी छत्तीसगढ़ पर भी बादलों की आवाजाही है। बादलों की उपस्थिति के कारण अधिकतम तापमान में आंशिक कमी और न्यूनतम में वृद्धि की संभावना रहेगी।
कृषि कार्य प्रभावित
सरगुजा जिले में धान की कटाई, मिसाइ के साथ-साथ रबी फसल की बुआई जोरों पर चल रही है। मौसम खराब होने व बारिश होने से धान की कटाई और मिसाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं किसानों के खेतों में लगी धान की फसल भी बारिश से बरर्बाद हो रही है। वहीं कृषि विज्ञानिकों का कहना कि नवंबर महीने में बारिश होने से पके हुए फसल पर विपरित प्रभाव पड़ेगा। जबकि जिन किसानों ने रबी की फसल की बुआई कर ली है उन्हें इस बारिश से फायदा होगी। वहीं तिलहन, दलहन की फसल में बारिश के कारण फल व फूल में कीड़े लग सकते हैं।
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