- बैकुंठपुर में दिनदहाड़े घर मे घुसकर पिस्टल से गोली चलाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
- पिस्टल सहित एक राउंड गोली भी आरोपियों से की गई बरामद,आरोपियों में से एक रिटायर्ड फौजी
- बैकुंठपुर पुलिस की मामले में दिखाई गई तत्परता की हर तरफ हो रही तारीफ,जल्द की गई कार्यवाही की हो रही प्रशंसा
- अवैध कारोबारियों पर भी पुलिस क्यों नहीं करती इतनी ही तत्त्परता से कार्यवाही, उठने लगे यह भी सवाल
- पुलिस के अच्छे और त्वरित कार्यवाहियों पर उन्हें मिलती है प्रशंसा, लोग करते हैं सराहना
- क्यों अवैध कारोबारियों पर कार्यवाही को लेकर पुलिस रहती है निष्कि्रय,नहीं करती कार्यवाही
- पुलिस की निष्पक्षता तभी आएगी सामने जब अवैध कारोबारियों पर भी पुलिस करेगी कार्यवाही,त्वरित होगी उनकी भी गिरफ्तारी
- अवैध कारोबारियों के मामले में पुलिस रहती है मौन, नहीं करती अवैध कारोबारियों पर कार्यवाही
- अपराधियों को पुलिस पकड़ती है तो संदेश अच्छा जाता है पर अवैध कारोबारियों को पुलिस पकड़ नहीं पाती तो संदेश बुरा हो जाता है?
- पुलिस की निष्पक्षता तब दिखेगी जब आरोपी व अवैध कारोबार के प्रति कार्यवाही की दृष्टि उनकी सामान्य होगी

-रवि सिंह –
कोरिया/एमसीबी 25 नवम्बर 2022 (घटती-घटना)। पुलिस शब्द से ही आम लोगों के मन मे सुरक्षा का भाव उत्तपन्न हो जाता है और सभी के मन मे भयमुक्त सामाजिक वातावरण का विश्वास जग जाता है और एक तरह की निश्चिन्तता सभी के मन मे आ जाती है। पुलिस है तो सभी सुरक्षित हैं और किसी भी असुरक्षित मामले में पुलिस की मौजूदगी मात्र से असुरक्षा की सभी संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी यह भी सभी की धारणा होगी और इस तरह पुलिस एक विश्वास है समाज मे समाज के हित के लिए भयमुक्त वातावरण के लिए और सभी की सुरक्षा के लिए यह सभी मानते भी हैं और इसे स्वीकार भी करते हैं। जब कभी भी अपराध होता है और पुलिस को अपराध की या किसी घटना की जानकारी मिलती है पुलिस तत्तपरता दिखाती है और अधिकांश मामलों में पुलिस तत्काल आरोपियों तक पहुंच जाती है और उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल देती है और इस तत्तपरता से पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास प्रगाढ़ होता चला जाता है और पुलिस के प्रति विश्वास की भावना बढ़ जाती है। पुलिस की किसी भी अपराध मामले में दिखाई गई तत्तपरता से लोगों के मन मे यह भाव आता है कि पुलिस सक्रिय है अपने कर्तव्य के प्रति सजग है एवम अपराधियों के प्रति वह कठोर है और उनपर नकेल कसने वह हर तरह से तैयार है और सजग भी है। पुलिस की सजगता और तत्तपरता कोरिया जिले में कई बार देखने को मिली और अभी हाल में ही कोरिया जिले की बैकुंठपुर पुलिस की एक कार्यवाही ऐसी देखने को मिली जिसमें 24 घण्टे के अंदर ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया।

अवेध कारोबारियों पर कार्यवाही कब?
मामला बैकुंठपुर के संजय नगर में एक व्यक्ति के घर के शटर पर पिस्टल से फायरिंग करने का था और फायरिंग करने वाला एक रिटायर्ड फौजी था और उसके साथ एक अन्य सहयोगी भी था जिन्हें पुलिस ने बड़ी जल्दी गिरफ्तार किया और उनके पास से पिस्टल सहित एक राउंड गोली भी बरामद कर लिया। पुलिस की गोलीकांड मामले में तत्काल की गई गिरफ्तारी की कार्यवाही की हर तरफ सराहना भी हो रही है और तत्तपरता को लोग अच्छी पुलिसिंग कहकर पुलिस की तारीफ कर रहें हैं, पुलिस ने एक अपराध के घटने मात्र पर गिरफ्तारी की और आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया, यह कानून व्यवस्था के लिहाज से जितना बेहतर कार्य है इसकी जितनी तारीफ की जाए वह कम है वहीं जब पुलिस का ही दूसरे मामले में कोताही नजर आता है कार्यवाही को लेकर टालमटोल नजर आता है लोगों का विश्वास कम होता है और पुलिस पर से लोगों का विश्वास कमजोर होता है। जिले में अवेध कारोबारियों पर जबतक पुलिस की कार्यवाही नहीं होगी तब तक लोगों का विश्वास पुलिस पर कायम नहीं होगा कुछ मामलों में पुलिस पर लोग क्षणिक विश्वास करेंगे भी लेकिन बाद में वह फिर अविश्वास की भावना में चले जायेंगे और भयमुक्त वातावरण की जगह भययुक्त वातावरण का ही आभास उन्हें होने लगता है।
पुलिस की चंद घण्टो वाली कार्यवाही
कोरिया जिले के बैकुंठपुर जिला मुख्यालय में घटी घटना को लेकर पुलिस की तत्तपरता काफी सराहनीय रही, रिटायर्ड फौजी ने शहर के ही एक व्यक्ति के घर पर उस समय जाकर पिस्टल से फायरिंग की जब वह व्यक्ति घर पर नहीं था जिससे रिटायर्ड फौजी और उसके साथ पहुंचे उसके साथी का लेनदेन का विवाद था,जिस व्यक्ति के घर पर फायरिंग की गई और शटर में गोली से छेद हुआ घटना के समय उसके घर मे उसकी पत्नी और 5 साल का बेटा घर पर मौजूद था और आरोपियों ने उक्त व्यक्ति की पत्नी के साथ गालीगलौज करते हुए उसे धमकी भी दी और गोली चलाया,पुलिस को दिये गए बयान में संजय नगर निवासी जितेंद्र अग्रवाल की पत्नी ने बताया कि उसके घर पर रिटायर्ड फौजी सहित एक अन्य व्यक्ति 23 नवंबर को दोपहर में आये और उसे अश्लील गालियां भी दी वहीं गाली गलौज करते हुए रिटायर्ड फौजी ने अपनी पिस्टल से गोली चला दी और गोली शटर को तोड़ती हुई घर के अंदर चली गई और जहां जितेंद्र अग्रवाल का 5 वर्षीय बेटा खेल रहा था जो बाल बाल बच गया, मामले में जितेंद्र अग्रवाल की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने तत्तपरता दिखाई और आरोपियों की घेराबंदी करनी शुरू की और तत्काल ही सूचना मिली कि आरोपी हर्रापारा में हैं और पुलिस ने तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पिस्टल भी जब्त कर लिया। मामले में जितेंद्र अग्रवाल जिसके घर पर फायरिंग की गई के अनुसार उसका लेनदेन रिटायर्ड फौजी धीरेंद्र सिंह के साथ नहीं था और विवाद लेनदेन का ही है वहीं आरोपियों ने अपने कबूलनामे में बताया कि जितेंद्र अग्रवाल से लेनदेन का मसला था और पैसा मांगने ही वह गए हुए थे वहीं घर पर जितेंद्र अग्रवाल की गैरमौजूदगी से उन्हें गुस्सा आ गया और उन्होंने फायरिंग कर दी। पुलिस ने जितेंद्र अग्रवाल की पत्नी के बयानों के आधार पर धारा 294,506,323,447,308,34,25 आर्म एक्ट 47 आर्म एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया और आरोपियों को न्यायालय में पेश किया।आरोपियों से एक पिस्टल, 1 गोली, बुलेट मोटरसाइकल भी जब्त किया गया। पूरी कार्यवाही के दौरान थाना प्रभारी अश्विन सिंह, आर रामायण, विमल जायसवाल, धरम बेल, भानु प्रताप, सायबर सेल स्टाफ प्रधान आरक्षक नवीन दत्त तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मनेंद्रगढ़ में कबाड़ जुआ व शराब का अवैध कारोबार चरम पर
मनेंद्रगढ़ थाना क्षेत्र में कबाड़ का काम काफी अच्छे तरीके से संचालित हो रहा है, कुछ यही हाल जुआ का भी है जगह-जगह जुएं फड़ लग रहे हैं और मध्यप्रदेश की अवैध शराब होटलों में पहुंच रही है पर इन अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए बैठे प्रभारी नाकाम है और नाकाम होने के बावजूद इन पर इनके अधिकारी मेहरबान है और यह मेहरबानी क्यों है यह तो समझ के परे है, पूरा शहर तरसत है सिर्फ एक थाना प्रभारी से, अधिकारी पूरे मस्त हैं तो थाना प्रभारी से ऐसा क्या है थाना प्रभारी में की उच्च अधिकारियों की भी मेहरबानी बरसती है ऐसा लगता है कि थाना प्रभारी संभाग के आईजी व एसपी से भी बड़े है?
मनेंद्रगढ़ थाना प्रभारी पर आरोप, न्यायालय के आदेश के बाद भी नहीं पकड़ पाए आरोपी को
मनेंद्रगढ़ थाना प्रभारी इतने तेज तरार है की इनके थाना क्षेत्र में रोज एफआईआर दर्ज होता है और एफआईआर दर्ज होने में इनके खिलाफ शिकायतें भी खूब होते हैं कई लोगों का आरोप लगया की थाना प्रभारी ने झूटी एफआईआर दर्ज कर कई को जेल भेजा, अवैध शराब के मामले में भी कुछ लोगों को जबरदस्ती जेल भेजा गया, वही एक ऐसा मामला भी था जिसमें न्यायालय के आदेश पर एफआईआ हुआ और एफआईआ के बाद आज तक थाना प्रभारी उसे गिरफ्तार नहीं कर पाए, बाकियों को गिरफ्तार करने में ने चंद घंटों व मिनट लगते हैं कई पत्रकारों पर इन्होंने एफआईआ दर्ज किया, सूत्रों की माने तो एफआईआर इस लिए दर्ज करते हैं ताकि इनसे लोग डरे इनकी शिकायत ना करे।
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