कोरबा 19 नवंबर 20-22 (घटती घटना) एक ओर शासन-प्रशासन चिकित्सा सुविधा को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं तो दूसरी ओर सरकारी अस्पताल उगाही का अड्डा बनते जा रहे हैं। एक ऐसा मामला सामने आया है जहां सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए महिला के परिजन से रुपए मांगे गए। रुपए देने में विलंब होने पर पीडि़ता को उपचार लाभ देने की बजाय उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया। चिकित्सक के इस गैर जिम्मेदाराना हरकत से मरीज और उसके परिजन परेशान हुए।यह मामला कोरबा जिला के पाली विकास खण्ड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का है। ग्राम सैला निवासी दीपक महंत की पत्नी प्रियंका महंत को प्रसव पीड़ा होने पर मितानीन के साथ सुबह करीब 10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाली लाया गया।ड्यूटी पर डॉक्टर हेमंत पैकरा उपस्थित थे। वे महिला को देखते ही समझ गये कि इसे आपरेशन से ही प्रसव कराया जा सकता है और वे पीडि़ता को सीधे आपरेशन थियेटर ले गये और आपरेशन की तैयारी में लग गये। डाक्टर ने अपने केबिन में मितानिन को बुलाया,कुछ देर बाद बाहर आकर मितानिन ने 10 हजार रुपये जमा कराने की बात कही। मितानिन के द्वारा परिजनों को पन्द्रह हजार रुपये खर्च आयेगा बताया गया। पहले दस हजार रुपये जमा करने कहा गया। परिजन आनन-फानन में रूपए की व्यवस्था में लग गये। जब तक पैसे की व्यवस्था की गयी तब तक विलंब हो चुका था। पैसे की व्यवस्था के दौरान दीपक को फोन पर इलाज बन्द कर देने की जानकारी दी गई। बताया कि पैसा देने में विलंब से गुस्साये चिकित्सक ने पीडि़त महिला को आपरेशन थियेटर से निकाल रेफ़र कागज तैयार कर दिया। सरकारी अस्पताल में डाक्टर के इस प्रकार की प्रताड़ना से ग्रसित सैला निवासी दीपक महंत ने खण्ड चिकित्सा अधिकारी से उक्त चिकित्सक की शिकायत की गई है।स्थानीय लोगों की मानें तो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाली में सभी कार्यों का दाम फिक्स है जिसमें नसबंदी,प्रसव कार्य मुख्य है जिसके लिए दस हजार से तीस हज़ार तक की रकम की माँग की जाती है।सरकारी अस्पताल में पदस्थ डॉ.हेमंत पैकरा अपना निजी अस्पताल भी सरकारी अस्पताल के समीप संचालित कर रहे हैं। ज़्यादातर समय एवं सेवा निजी अस्पताल में ही देते दिखते हैं। सरकारी अस्पताल में भी वे निजी अस्पताल भी तरह पैसे मांगते हैं।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur