रायपुर, 30 सितम्बर 2022। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमत्री डॉ. रमन सिह के कार्यकाल मे प्रदेश मे 45 आईएएस अधिकारीयो द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए शासकीय सम्पतियो को अपने निजी हित के लिए उपयोग करने सहित आर्थिक अनियमितता की गभीर शिकायते मिली थी। ये शिकायते 2016 से पेडिग पड़ी है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के 45 अधिकारियो के खिलाफ विभिन्न शिकायती प्रकरण पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नही हो सकी और यह मामला अब भी लबित है। इनमे से दो अधिकारियो के खिलाफ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण यूरो और ऐटि करप्शन बयूरो मे मामला दर्ज किया गया है, वही तीन आईएएस अधिकारियो के खिलाफ परिवार को लाभ पहुचाने तथा परिवार द्वारा एनजीओ सचालित करने के सबध मे शिकायत प्राप्त हुई है।
विधायक देवजी भाई पटेल ने उठाया था सवाल
विधानसभा मे भारतीय जनता पार्टी के विधायक देवजी भाई पटेल के सवाल के लिखित जवाब मे मुख्यमत्री रमन सिह ने बताया कि इस वर्ष 17 नवबर तक भारतीय प्रशानिक सेवा के 45 अधिकारियो के खिलाफ शिकायत लबित है। सिह ने बताया कि 45 अधिकारियो मे से दो अधिकारियो मत्रालय मे पदस्थ सयुक्त सचिव जेल और परिवहन विभाग वीके धुर्वे और अवर सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग रणवीर शर्मा के खिलाफ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण यूरो और ऐटि करप्शन यूरो मे मामला दर्ज है।
प्रोटोकॉल अधिकारी ने वाहनो के फर्जी भुगतान किया
मुख्यमत्री ने बताया कि सरगुजा जिले के तत्कालीन प्रोटोकॉल अधिकारी और अपर कलेक्टर पर आरोप है कि उन्होने वाहनो का किराया, निर्धारित दर से अधिक दर पर भुगतान किया है। बिलो मे वाहनो का प्रकार कुछ और बताया गया है जबकि आरटीओ से सत्यापन कराने पर बिल लिखित वाहन नही पाया गया है, अर्थात प्रोटोकॉल अधिकारी द्वारा फर्जी वाहनो के बिल बनाकर भुगतान किया गया है।
उन्होने बताया कि बिल मे जिस वाहन को टाटा डेकार बताया गया था उसे क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा मोटर साइकिल बताया गया है। धुर्वे के खिलाफ आरोप है कि उन्होने वाहनो के लिए निर्धारित दर के अलावा मनमाने और अधिक दर पर किराया भुगतान कर वाहन मालिको को अनुचित लाभ पहुचाया है।
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