- आरक्षक को मिली जमानत,लूट के अपराध में पुलिस ने दर्ज किया था मामला…हुई थी जेल।
- बैंक स्टेटमेंट बना वरदान…आरक्षक को जमानत मिलते ही पुलिस थाना पटना के थाना प्रभारी किये गए लाइन अटैच।
- आरक्षक को जमानत मिलना ही थाना पटना प्रभारी के लाइन अटैच होने का बना कारण:सूत्र।
- जमानत के बाद पटना के थाना प्रभारी भी हो गए लाइन अटैच…अब थाना प्रभारी होंगे संदीप सिंह।
- कोरिया जिले के उक्त आरक्षक का अपने ही विभाग से चल रही है लड़ाई।
- पुलिस ने घटना दिनांक से लगभग ढाई महीने बाद किया था मामला पंजीबद्ध।
- पटना पुलिस के एफआईआर में दिखी विसंगति…उठ थे कई सवाल?
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 21 सितम्बर 2022 (घटती-घटना)। कुछ दिन पहले कोरिया पुलिस के द्वारा अपने ही विभाग के एक आरक्षक को लूट के मामले में जेल भेजा था जिसकी पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता महेश शुक्ला के द्वारा किया गया जिस पर आरक्षक को जमानत पर जेल से रिहा किया गया।
कोरिया जिले के पुलिस थाना पटना में 15 सितंबर को जिले के ही एक आरक्षक सियाराम साहू के विरुद्ध लूट का मामला दर्ज किया गया था और जिसमे आरक्षक की गिरफ्तारी कर उसे जेल भेज दिया गया था मामले में आरक्षक पर आरोप लगाया गया था कि उसने ऑनलाइन दो मोबाइल मंगवाए थे और मोबाइल डिलीवरी लेकर भी वह मोबाइल की कीमत नहीं चुका रहा था जिसपर यह कार्यवाही की गई थी। मामले में आरक्षक की तरफ से जिला एवम सत्र न्यायाधीश जिला कोरिया के समक्ष अधिवक्ता द्वारा जमानत याचिका लगाई गई जिसमें आरक्षक को जमानत मिल गई। आरक्षक ने मोबाइल की डिलीवरी लेते समय ऑनलाइन पेमेंट करने का प्रोसेस किया था और पेमेंट फेल हो गया जिसका स्टेटमेंट उसकी तरफ से न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया जो जमानत में कारगर सबित हुआ। सियाराम के अधिवक्ता महेश शुक्ला की अच्छी पैरवी पर माननीय न्यायाधीश ने जमानत आदेश जारी किया, जिसके बाद सियाराम साहू को बैकुंठपुर जेल से 21 सितंबर को रिहा किया गया।
जमानत मिलते ही हटाये गए पुलिस थाना पटना के थाना प्रभारी
पूरे मामले में आरक्षक को जमानत मिलते ही इसकी गाज थाना प्रभारी पुलिस थाना पटना पर गिरी है और उन्हें तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया है। अब पुलिस थाना पटना के प्रभारी संदीप सिंह होंगे और सौरव द्विवेदी की थाने से छुट्टी कर दी गई है।
पुलिस ने पहली बार पुलिसकर्मी पर अपराध दर्ज करने में दिखाई फुर्ती
वैसे तो पुलिस विभाग में पुलिसकर्मियों की शिकायत पर इतनी जल्दी कार्यवाही नहीं होती या यह कहें कार्यवाही ही नहीं होती वरना जिले में ही कई पुलिसकर्मियों के विरुद्ध की गई कई शिकायतों पर जो वर्षों से हुईं शिकायतें हैं कोई कार्यवाही आज तक जिले में नहीं हुई है और मामला जैसा का तैसा पड़ा हुआ है और जांच के नाम पर पुलिस पुलिसकर्मियों को बचाते चले आ रही है लेकिन इस मामले में कोरिया जिले की पुलिस ने फुर्ती दिखाई और तत्काल गिरफ्तारी कर उक्त आरक्षक को जेल भेज दिया वह भी लूट का मामला दर्ज कर न कोई जांच हुई और न कोई समय लिया गया। वैसे चर्चा यह भी है कि पुलिस विभाग की पोल खोलने में मुखर रहने वाले उक्त आरक्षक पर इसलिए भी पटना पुलिस ने त्वरित कार्यवाही की क्योंकि वह पटना पुलिस थाने के प्रभारी की कार्यप्रणालियों को लेकर भी मुखर रहता था और सार्वजनिक रूप से उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर लिखा करता था,यहां तक कि उसने एक मामले में खुद पर अपराध दर्ज कर उसे गलत तरीके से फंसाने का आरोप भी वह प्रभारी पर लगा चुका था।
यह था मामला जिस पर हुआ था एफआईआर
आरोप लगाते हुए प्रार्थी रामनारायण यादव ने ग्राम रनई निवासी सियाराम साहू के विरुद्ध लिखित शिकायत दिनांक 15.09.2022 को पटना थाने में प्रस्तुत कर बताया था की आफिस इमली चौक पटना में है आनलाईन डिलीवरी सेवा प्रदाता कंपनी डेल्हीवेरी लिमिटेड में असिस्टेंट टीम लीट के पद पर कार्यरत है। प्रार्थी का आफिस इमली चौक पटना में है प्रार्थी अपने आफिस में कंपनियों से सामान के आने तथा उन्ही सामान को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों (डिलीवरी ब्वाय) के माध्यम से उनके बताए गए पते पर पहुंचाने का कार्य करता है। दिनांक 04.07.2022 को एक पार्सल जिसका ए.डब्ल्यू. बी. नंबर 5963171268132 सियाराम साहू, पता हाउस नंबर 77 विलेज, पोस्ट रनई मंदिर पारा, जिला कोरिया छ.ग. नियर आइडिया टावर कोरिया के पास शिपमेंट प्रातः 09.34 बजे प्रार्थी के इमली चौक स्थित कार्यालय में कार्यालय में प्राप्त हुआ था। दिनांक 04.07.2022 को प्रातः 10.26 बजे उक्त शिपमेंट को डिलीवर करने प्रार्थी के द्वारा आफिस में कार्यरत डिलीवरी ब्वाय सुमन दीप पाण्डेय को दिया, पाण्डेय द्वारा दोपहर 02.33 बजे सियाराम साहू को उक्त पार्सल डिलीवर करने के संबंध में फोन किया जिसके कुछ ही समय बाद डिलवरी ब्वाय सुमन दीप पाडेण्य ने अपनी मोबाइल से प्रार्थी के मोबाइल नंबर पर फोन कर सूचित किया कि सियाराम साहू का शिपमेंट 12056 रुपए का था, जिसके लिए सियाराम साहू को डिलवरी ब्वाय को उक्त रकम अदा करने के पश्चात पार्सल लेना था। परंतु उक्त रकम डिलवरी ब्वाय को अदा किये बिना सियाराम साहू ने यह कहते हुए डिलवरी ब्वाय से उक्त पार्सल को छीन लिया कि उसके अकाउंट से पैसा कट गया है, जबकि डिलवरी ब्वाय द्वारा बार बार सियाराम साहू को बताया गया कि हमें उक्त पार्सल का भुगतान आपके द्वारा नहीं किया गया है। प्रार्थी की सूचना पर धारा 392 भा.द.सं. के तहत संज्ञेय अपराध घटित होना पाये जाने से अभियुक्त सियाराम साहू निवासी ग्राम रनई के विरुद्ध प्रथम सूचना दर्ज की गई थी।
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