अम्बिकापुर,16 सितम्बर 2022(घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ के 12 जनजाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का केंद्र सरकार का निर्णय ऐतिहासिक है। यह 12 जनजाति और समाज के मुख्यधारा में जुड़ जाएंगे इन्हें पूरी तरह से संविधानिक अधिकार प्राप्त होगा यह जो जनजाति अनुसूचित जनजाति में जुड़ेंगे वह काफी दबे हुए जाति और साधारण व गरीब परिवार के लोग हैं अब उन्हें हर क्षेत्र में अधिकार प्राप्त होगा किसी भी सुनाओ प्रतियोगी परीक्षा चयन क्षेत्र में जा सकते हैं इनके लिए दरवाजा खुल चुका है। उक्त बातें शुक्रवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने कही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक गोड़ जाती हैं इसके अलावा
नगेसिया,सौरा,बिंझिया,कोरवा,कोडाकू व अन्य समाज के लाखों लोग प्रभावित करने वाले हैं। यह यह 12 जातियों का बड़ा समुदाय है इनका मात्रात्मक त्रुटि के कारण अनुसूचित जनजाति में नहीं आ पा रहे थे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भारत सरकार ने इन जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करके ऐतिहासिक निर्णय लिया है। देश के इतिहास में पहली बार दबे वह साधारण गरीब परिवार के जाति को न्याय मिला है। वार्ता के दौरान पत्रकारों द्वारा पूछा गया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इन 12 जनजातियों को शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखे थे और मांग पूरा होने पर खुशी जाहिर की है व श्रेय भी लिया है, इस पर नेताम ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह हास्यपद है। अगर मुख्यमंत्री के एक चिट्ठी लिखने के आधार पर यह हो जाता तो 75 साल तक क्यों नहीं हुआ।नेताम ने कहा कि हम लोगों ने छत्तीसगढ़ से यह बिल पास करके करके आरक्षण देना शुरू किया,शैक्षणिक सुविधा, स्थानीय निकाय के चुनाव में व निर्वाचन के लिए अधिकृत किया था,यह रमन सरकार ने किया था।इस बिल को पास करने के लिए भाजपा सरकार कई बार प्रयास की इस बीच कांग्रेस ने बिल में अड़ंगा लगाया था।श्री नेताम ने कहा कि चिट्ठी लिखने में इतना पावर है तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चिट्ठी लिखकर प्रदेश के सड़कों का मरम्मत कराएं,अपराध जो बढ़ रहा है उस पर नियंत्रण करें,शराब माफियाओं पर नियंत्रण क्यों नहीं नियंत्रण कर लेते हैं और विकास के काम क्यों नहीं कर लेते हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री रामसेवक पैकरा,सरगुजा के पूर्व सांसद कमलभान सिंह मरावी,पूर्व संसदीय सचिव सिद्धनाथ पैकरा,पूर्व पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी सहित अन्य मौजूद थे।
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