जनता परेशान हो रही,काम पर वापस लौटे,कर्मचारी हित जल्द फैसले लेगी सरकार
रायपुर,31 अगस्त 2022। छत्तीसगढ़ मे कर्मचारियो की हड़ताल से प्रशासनिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। अब मुख्यमत्री भूपेश बघेल ने हड़ताली कर्मचारियो से काम पर वापस लौटने की अपील की है। उन्होने कहा है, लोगो की आवश्यकता से जुड़े काम रुक जाने से उन्हे परेशानी हो रही है। ऐसे मे आप अपने कर्त्तव्यो का निर्वहन करे।
मुख्यमत्री भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया एकाउट से एक सदेश पोस्ट किया है। इसमे उन्होने लिखा है कि हड़ताल मे शामिल सभी कर्मचारियो से मेरी अपील है कि लोगो की आवश्यकता से जुड़े काम रुक जाने से जनता को असुविधा हो रही है। अत: आप सभी कर्त्तव्यो का निर्वहन करे। मुख्यमत्री ने लिखा कि हमारी सरकार कर्मचारी हित के लिए सदैव तत्पर है। पुरानी पेशन योजना उसका एक उदाहरण है। राज्य के वित्तीयc ससाधनो को देखते हुए हम कर्मचारी हित मे निर्णय लेते रहे है, आगे भी लेते रहेगे।
इससे पहले मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सोमवार को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के नेताओ को कार्यालय बुलाया था। वहा विधायक विकास उपाध्याय की मौजूदगी मे मुख्य सचिव और हड़ताली नेताओ के बीच बातचीत हुई है। मुख्य सचिव ने आम लोगो की दिक्कतो का हवाला देकर काम पर वापस लौटने की बात कही। हड़ताली नेता अपनी माग पर अड़े रहे। इसकी वजह से उस दिन बातचीत का कोई नतीजा नही निकला था।
इससे पहले कार्रवाई का निर्देश हुआ था
सोमवार को ही सामान्य प्रशासन विभाग ने हड़ताल को सेवा आचरण नियमो के तहत कदाचार बताया था। इसमे कहा गया था, जो कर्मचारी 25 से 29 जुलाई तक भी हड़ताल पर थे और अब भी हड़ताल पर बैठे है, उनका अवकाश स्वीकृत न किया जाए। उतने दिनो तक का वेतन भुगतान नही किया जाए और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिखा जाए।
हड़ताल मे शामिल नही हुए कर्मचारियो को राहत देने की भी बात थी
मगलवार को जारी एक परिपत्र मे हड़ताल मे शामिल नही हो रहे कर्मचारियो को राहत देने की कोशिश हुई थी। इसमे कहा गया था, कई कर्मचारी अधिकारी काम पर लौटना चाहते है। उनकी सुरक्षा का इतजाम किया जाए। वही 2 सितम्बर तक काम पर लौट आए कर्मचारी – अधिकारियो की हड़ताल अवधि की अनुपस्थिति को अवकाश स्वीकृत करते हुए वेतन भुगतान किया जाए।
भत्ता बढ़ाने के लिए हड़ताल पर है कर्मचारी
छत्तीसगढ़ के राज्य कर्मचारियो की यह हड़ताल भत्ता बढ़ाने की माग के लिए है। कर्मचारी सगठन कई महीनो से केद्र सरकार की तरह 34त्न महगाई भत्ता देने की माग कर रहे थे। उनकी माग थी, इस दर तक पहुचने के लिए उनका भत्ता 12त्न बढ़ाया जाना चाहिए। वही सातवे वेतनमान की सिफारिशो के मुताबिक मूल वेतन का 18त्न गृह भाड़ा भत्ता की माग भी साथ-साथ उठी है। जुलाई मे पाच दिनो की हड़ताल के बाद सरकार ने महगाई भत्ता मे 6त्न इजाफे का आदेश जारी कर दिया। वही गृह भाड़ा भत्ता के लिए आश्वासन हाथ आया। उसके बाद 22 अगस्त से कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।
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