- आखिर क्या है वजह जो वर्षों से एक ही जगह जमे हुए पुलिसकर्मियों को कोई नहीं हटा पा रहा है?
- क्या वर्तमान पुलिस अधीक्षक भी नहीं कर पाएंगे सालों से जमे थाना प्रभारी का स्थानांतरण?
- क्या थानों लम्बे समय से जमें थाना प्रभारी इस सरकार का कार्यकाल पूरा करेंगे?
- जिले के कुछ थानों के थाना प्रभारी व कुछ पुलिसकर्मी वर्षों से जमे हुएं हैं एक ही थानों में।
- वैसे माना जा रहा है तबादला सूची जिले विभाजन को लेकर जारी की गई है।
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 23 अगस्त 2022 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के कई पुलिस अधीक्षक बदले पर नहीं बदले तो थाना के थाना प्रभारी नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक के आने पर लोगों को उम्मीद जागी थी की इनके तबादला सूची में उन थाना प्रभारियों का नाम शामिल होगा जो लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, जिस वजह से लोगों को न्याय में बाधा आ रही है पर नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक की दूसरी तबादला सूची भी जारी हुई पर लंबे समय से जमे थाना प्रभारियों का नाम उस सूची में शामिल नहीं रहा, सूची को देख लोगों में एक बार फिर अफसोस जाहिर कहा की थाना प्रभारी इस सरकार का काल कार्यकाल पूरा करेंगे।
कोरिया जिले के कुछ पुलिसकर्मियों की विभाग में ही ऐसी पैंठ जम चुकी है की उन्हें उनके पदस्थस्थली से हटाने में कोई भी सक्षम नहीं हो पा रहा है जबकि ऐसे पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली बेहतर रही हो ऐसा कभी नजर नहीं आया। पूर्व में भी जिले में पदस्थ हुए पुलिस अधीक्षकों ने ऐसे पुलिसकर्मियों को हटाकर अन्यत्र करने की कभी कोशिश नही की और अब नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक ने भी खुद के द्वारा जारी की गई तबादला सूची में ऐसे पुलिसकर्मियों को फिर से अभयदान दे दिया है जो कई वर्षो से एक ही जगह बने हुए हैं।
नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक के आने के बाद ऐसा लगा था कि जिले में बेहतर कानून व्यवस्था लागू होगी
नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक के आने के बाद ऐसा लगा था कि जिले में बेहतर कानून व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से विभाग में व्यापक फेरबदल किया जाएगा और जिससे वर्षों से एक ही जगह अपनी पैंठ जमा चुके कुछ नामचीन पुलिसकर्मियों को अन्यत्र भेजा जाएगा लेकिन नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक के द्वारा जारी दूसरी तबादला सूची में भी जब ऐसे पुलिसकर्मियों का नाम नहीं आया तब यह तय हो गया की अपनी दोषपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण चर्चित पुलिसकर्मियों को नहीं हटाया जाएगा और वह पुरवत अपनी जगह पर बने रहेंगे। जिन पुलिसकर्मियों को एक ही थानों में कई वर्ष हो चुके हैं उनमें से कुछ थाना प्रभारी हैं और कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी हैं, सबसे बड़ी बात जो तबादले में देखने को मिली वह यह की पुलिस उप निरीक्षक थाना प्रभारी बने रहेंगे जिले के बड़े थानों के वहीं निरीक्षक जिले के दूरस्थ थानों की ही कमान सम्हालेंगे। जिन पुलिसकर्मियों खासकर जिन थाना प्रभारियों को वर्तमान में जारी तबादला सूची से बाहर रखा गया है उनके पुलिस थाना क्षेत्र में लगातार अवैध कारोबार संचालित होते हैं, कोयला जुआ सहित अवैध शराब का बड़े स्तर पर इन पुलिस थाना क्षेत्रों में कारोबार होता है और जिसपर अंकुश लगा पाने में अभी तक वर्तमान पदस्थ प्रभारी असमर्थ रहे हैं उसके बावजूद उनको ही उन पुलिस थानों की जिम्मेदारी दिया जाना समझ से परे है और कानून व्यवस्था के लिहाज से भी।
जिले में पुलिस विभाग वैसे भी ऐसे ही पुलिसकर्मियों के कारण बदनाम है
जिले में पुलिस विभाग वैसे भी ऐसे ही पुलिसकर्मियों के कारण बदनाम है और जो बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मी हैं वह भी इनकी वजह से कुंठित हो रहे हैं क्योंकि उन्हें अवसर ही नहीं मिल पा रहा है अपनी प्रतिभा दिखा पाने का। जिले में कानून व्यवस्था के हिसाब से प्रत्येक पुलिस थाना प्रभारी को बदले जाने की जरूरत थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया जिससे साफ जाहिर हो गया की कुछ पुलिसकर्मी विभाग में ऊंची पैंठ रखते हैं और उसी की वजह से उन्हें हटा पाने की हिम्मत किसी में भी नहीं है।
चर्चित थाना प्रभारियों का फिर नहीं हुआ तबादला
जिले के सबसे चर्चित थाना प्रभारियों का दूसरी बार जारी तबादला सूची में भी तबादला नहीं हो सका, यह ऐसे थाना प्रभारी हैं जिन्हे एक ही पुलिस थाने में दो वर्ष से ज्यादा हो गए हैं, इनके थाना क्षेत्रों में अवैध कारोबार भी लगातार जारी रहें हैं और यह अंकुश लगा पाने में असमर्थ रहें हैं, ऐसे में इन्हें तबादला सूची से बाहर रखा जाना समझ से परे है।
निरीक्षकों को दूरस्थ थानों का प्रभार,उप निरीक्षक मौज में
जिले के पुलिस विभाग में गजब का न्याय जारी है, जहाँ उप निरीक्षक मौज में हैं बड़े पुलिस थानों के प्रभार में हैं वहीं निरीक्षक या तो दूरस्थ थानों में पदस्थ हैं या लाइन में अपना समय काट रहें हैं।
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