रायपुर, 10 जुलाई 2022। मुख्यमत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश की मछुआ नीति को केबिनेट की अगली बैठक मे मजूरी दी जाएगी। मछुआ नीति का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। मुख्यमत्री ने आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिह जुनेजा इडोर स्टेडियम मे आयोजित छाीसगढ़ निषाद केवट समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियो के शपथ ग्रहण समारोह मे यह घोषणा की।
मुख्यमत्री ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज के लोगो के हित मे राज्य सरकार द्वारा नीति बनाई जाती है, लेकिन इसका अधिक से अधिक लोगो को लाभ दिलाने का दायित्व समाज का है। उन्होने कहा कि छाीसगढ़ मे मछलीपालन को कृषि का दर्जा दिया गया है। इस नीति के तहत मछलीपालन करने वाले लोगो को किसानो के जैसे बिना याज का ऋण तथा बिजली शुल्क मे छूट दी जा रही है। इन प्रावधानो का लाभ उठाने के लिए समाज के लोगो को अधिक से अधिक सख्या मे सामने आना चाहिए। उन्होने ससदीय सचिव एव निषाद केवट समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री कुवर सिह निषाद के आग्रह पर निषाद केवट समाज के भवन निर्माण के लिए एक करोड़ रूपए की राशि की स्वीकृति की घोषणा की।
मुख्यमत्री श्री बघेल ने समारोह मे नवनिर्वाचित पदाधिकारियो को शपथ दिलाई और नई जिम्मेदारी मिलने पर पदाधिकारियो को बधाई और शुभकामनाए दी। कार्यक्रम मे कृषि एव जल ससाधन मत्री श्री रविन्द्र चौबे, खाद्य एव सस्कृति मत्री श्री अमरजीत भगत, ससदीय सचिव श्री कुवर सिह निषाद और सुश्री शकुतला साहू, छाीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री एम.आर.निषाद, छाीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवागन भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम मे पहुचने पर मुख्यमत्री ने भगवान श्रीराम, माता जानकी और भक्त गुहाराज निषाद की पूजा-अर्चना की। उन्होने इस अवसर पर बिलासा देवी केवट पर ‘‘शौर्य की प्रतिमूर्ति’’ तथा इन्दरू केवट पर ‘‘दण्डकारण्य का गाधी’’ शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया।
मुख्यमत्री श्री बघेल ने निषाद केवट समाज के लोगो से मछलीपालन की नई तकनीक केज और बायो फ्लॉक तकनीक का उपयोग कर मछलीपालन करने की बात कही। उन्होने कहा कि मछुआ समाज के लोग समिति बनाकर केज और बायो फ्लॉक यूनिट के लिए फायनेस सुविधा का लाभ उठाए, इसमे अनुदान भी दिया जाता है। इससे मछलीपालन करने वालो को अधिक आर्थिक लाभ होगा और प्रदेश मे मछली का उत्पादन भी बढ़ेगा।
श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि किसानो, दूध डेयरी का व्यवसाय करने वाले, पशुपालन, मछलीपालन करने वाले, वनोपजो का सग्रहण करने वाले लोगो की आय मे वृद्धि हो। उन्होने कहा कि मछली बीज उत्पादन के मामले मे छाीसगढ़ आत्मनिर्भर हुआ है। यहा से उारप्रदेश और ओडिशा सहित कई राज्यो को मछली बीज की सप्लाई की जा रही है। उन्होने कहा कि जो समाज शिक्षा से नाता जोड़ता है, वही समाज आगे बढ़ता है। मछुआ समाज भी बच्चो को शिक्षा के क्षेत्र मे आगे बढ़ाए।
कृषि एव जल ससाधन मत्री श्री रविन्द्र चौबे ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियो को बधाई और शुभकामनाए देते हुए कहा कि मुख्यमत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व मे छाीसगढि़या अस्मिता को जगाने का काम बखूबी किया गया है। निषाद केवट समाज को सम्मान दिलाने का काम किया गया है। बिलासपुर एयरपोर्ट का नाम बिलासा देवी केवट के नाम पर, अर्जुदा महाविद्यालय का नाम शहीद दुर्वासा निषाद के नाम, कवर्धा के मत्स्य महाविद्यालय का नामकरण पुनाराम निषाद के नाम पर किया गया है। उन्होने बताया कि नया रायपुर के एक चौक का नामकरण भक्त गुहाराज निषाद के नाम पर किया जाएगा। उन्होने कहा कि मुख्यमत्री की पहल पर मछलीपालन को कृषि का दर्जा दिया गया है। खाद्य एव सस्कृति मत्री श्री अमरजीत भगत और ससदीय सचिव श्री कुवर सिह निषाद ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। छाीसगढ़ मुछआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री एम.आर. निषाद ने स्वागत भाषण देते हुए समाज की विभिन्न मागो की ओर अतिथियो का ध्यान आकृष्ट किया।
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