बिलासपुर, 16 जून 2022। अशासकीय विद्यालयो को स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से किताबे देने के लिए मागे जा रहे शपथ पत्र और पाठ्य पुस्तक निगम की ही किताबो से अध्यापन कार्य कराने की शर्त के विरोध मे छाीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेट एसोसिएशन ने हाई कोर्ट बिलासपुर मे दायर की थी। एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर आज हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट की ओर से ये फैसला छाीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेट एसोसिएशन के पक्ष मे आया है।
बिलासपुर हाईकोर्ट ने याचिका पर अतरिम आदेश देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग को यह आदेशित किया कि प्रदेश के निजी स्कूल अगर कोई दूसरी किताबे भी चलाना चाहते है तो उनके खिलाफ कोई कार्यवाही ना की जाए।
किताबे लेने पाठ्य पुस्तक निगम को देना था वचन पत्र
दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलो को पाठ्य पुस्तक निगम से किताबे लेने के लिए वचन पत्र देने को कहा था। इस वचन पत्र मे निजी स्कूलो द्वारा 3 शर्तो का पालन करने कहा गया था। जिनमे पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित पुस्तको से ही छात्रो को अध्यापन कराना प्रमुख शर्त थी।
इसके अतिरिक्त उन्हे आर.टी.ई की के तहत पुस्तक व्यय के रूप मे उपलध कराई जाने वाली राशि मे भी कटौती करने के निर्देश विभाग ने दिए थे। इसके साथ ही स्कूल प्रबधन के समक्ष कोविड-19 लॉक डाउन की स्थिति मे किताबे विद्यार्थी के घर तक पहुचा कर उसका विवरण निगम को देने की शर्त रखी गई थी।
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