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बैकुंठपुर@झुमका में सजेगा साहित्य का महाकुंभ देशभर के कवि-साहित्यकार जुटेंगे

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  • झुमका ओपन थिएटर में सजेगा साहित्य का महाकुंभ,24-25 अक्टूबर को जुटेंगे देशभर के साहित्यकार
  • कोरिया में शब्दों का संगंम,कविता और संस्कृति के रंगों से सजेगा ‘कोसम’
  • साहित्य, कला और संस्कृति का महासंगम, 24 अक्टूबर से दो दिन गूंजेगा कोसम
  • देशभर के दिग्गज साहित्यकारों से सजेगा बैकुंठपुर,कोरिया साहित्य महोत्सव का चौथा संस्करण तैयार
  • कवियों की महफिल,साहित्य पर मंथन और लोक संस्कृति की छटा—झुमका में सजेगा ‘कोसम’
  • मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे शुभारंभ,प्रभात मिश्रा की मौजूदगी में सजेगा साहित्यिक मंच
  • नई प्रतिभाओं को मंच, साहित्यकारों का सम्मान—दो दिन साहित्य के नाम रहेगा बैकुंठपुर
  • ‘कोसम’ में बहेगी कविता की धारा, 70 से अधिक कवियों के काव्यपाठ की तैयारी…


-रवि सिंह-
बैकुंठपुर,22 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)।
कोरिया जिले की सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला कोरिया साहित्य महोत्सव ‘कोसम’ का चौथा संस्करण 24 और 25 अक्टूबर को बैकुंठपुर स्थित झुमका ओपन थिएटर में आयोजित होगा,दो दिवसीय आयोजन में देश-प्रदेश के साहित्यकार,कवि, कलाकार,संस्कृतिधर्मी, शिक्षाविद् और रचनाकार एक मंच पर जुटेंगे,आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। टीम अभिव्यक्ति लगातार चौथे वर्ष इस साहित्यिक आयोजन की श्रृंखला को आगे बढ़ा रही है,आयोजकों के अनुसार,कोसम केवल साहित्यिक परिचर्चाओं और कवि सम्मेलन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें शास्त्रीय नृत्य,गायन-वादन, लोकगीत,लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए कला-संस्कृति के विविध रंग भी देखने को मिलेंगे,नए रचनाकारों और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ स्थापित साहित्यकारों तथा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले कलाकारों की सहभागिता इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगी।
पहले दिन स्वास्थ्य मंत्री करेंगे शुभारंभ,दूसरे दिन प्रभात मिश्रा होंगे मुख्य अतिथि
कोरिया साहित्य महोत्सव के प्रथम दिवस प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, कार्यक्रम में विधायक भैयालाल,जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति प्रस्तावित है, दूसरे दिन छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे,आयोजन समिति के अनुसार, दोनों दिन साहित्य,कला और संस्कृति से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, साहित्यिक क्षेत्र में योगदान देने वाले रचनाकारों और साहित्यप्रेमियों को सम्मानित करने की भी योजना है, आयोजन को सफल बनाने के लिए टीम अभिव्यक्ति के साथ साईंनाथ फ ाउंडेशन रायपुर और एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र सहयोग कर रहे हैं।
साहित्यिक परिचर्चाओं में साइबर अपराध से लेकर साहित्य के मानकों तक होगी चर्चा
कोसम के पहले दिन विविध विषयों पर परिचर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे,आयोजकों के मुताबिक, राज्य शासन के कुछ विभागीय प्रमुख भी इन सत्रों में शामिल होंगे,बढ़ते साइबर अपराध के दौर में सुरक्षा और सावधानी जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विशेषज्ञ अपना व्याख्यान देंगे,इसका उद्देश्य लोगों को साइबर अपराध से जुड़े जोखिमों और उनसे बचाव के प्रति जागरूक करना है,दूसरे दिन साहित्य के मानकों और उसकी समकालीन भूमिका पर चर्चा होगी, शिक्षा जगत से जुड़े प्रदेश के वरिष्ठ विद्वानों ने इसमें सहभागिता के लिए सहमति दी है, इसके अलावा छत्तीसगढ़ की लोककला,साहित्य और संस्कृति पर भी वरिष्ठ साहित्यकार अपने विचार रखेंगे, इन सत्रों के माध्यम से साहित्य की परंपरा, वर्तमान चुनौतियों और नई पीढ़ी की रचनात्मक भूमिका पर विमर्श का अवसर मिलेगा।
विराट कवि सम्मेलन में देश के अलग-अलग हिस्सों के कवि सुनाएंगे रचनाएं
कोरिया साहित्य महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण विराट कवि सम्मेलन होगा, इसमें दिल्ली,मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित विभिन्न स्थानों से लगभग एक दर्जन स्थापित और चर्चित कवियों के पहुंचने की जानकारी आयोजन समिति ने दी है,इनके साथ प्रदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकार और काव्य जगत में अपनी अलग पहचान बना रहे युवा कवि भी मंच साझा करेंगे, आयोजकों के अनुसार, सरगुजा से दुर्ग संभाग तक के लगभग 70 से अधिक कवि अपनी रचनाओं का पाठ करने के लिए आयोजन में सहभागिता करेंगे,इससे स्थानीय और क्षेत्रीय रचनाकारों को व्यापक साहित्यिक मंच मिलेगा, स्थापित कवियों और नई पीढ़ी के रचनाकारों की एक साथ मौजूदगी कार्यक्रम को विशेष बनाएगी।
शास्त्रीय संगीत,लोकगीत और नृत्य से सजेगा मंच
साहित्यिक गतिविधियों के साथ कोसम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी विशेष व्यवस्था की गई है, दोनों दिन शास्त्रीय नृत्य, गायन-वादन और लोकगीतों की प्रस्तुतियां होंगी,राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, आयोजन समिति का कहना है कि साहित्य और कला एक-दूसरे के पूरक हैं,इसी सोच के साथ महोत्सव में कविता,विचार-विमर्श और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है,इससे दर्शकों को साहित्यिक संवाद के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता को करीब से देखने-सुनने का अवसर मिलेगा।
नई प्रतिभाओं को मंच देना आयोजन का प्रमुख उद्देश्य
टीम अभिव्यक्ति पिछले चार वर्षों से कोरिया में साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है,कोसम की आयोजन श्रृंखला के जरिए स्थानीय रचनाकारों, युवा कवियों और कलाकारों को स्थापित साहित्यकारों के साथ मंच साझा करने का अवसर मिलता है, आयोजकों के मुताबिक,इस बार भी महोत्सव में साहित्य और कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा,कोरिया जैसे जिले में साहित्यिक आयोजन की यह श्रृंखला स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ साहित्यप्रेमियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराती है, दो दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में विचार, कविता, संगीत और लोकसंस्कृति के विभिन्न रूपों के माध्यम से साहित्यिक वातावरण तैयार करने की योजना है।
दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक कार्यक्रम,प्रवेश निःशुल्क
आयोजन समिति ने बताया कि 24 और 25 अक्टूबर को प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलेगी, दर्शकों और साहित्यप्रेमियों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, समिति ने जिले के नागरिकों,विद्यार्थियों,साहित्यप्रेमियों,कवियों और कलाकारों से महोत्सव में शामिल होने की अपील की है,कोरिया साहित्य महोत्सव का चौथा संस्करण जिले में साहित्य,कला और संस्कृति के प्रति रुचि रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा,अब सभी की निगाहें 24 और 25 अक्टूबर को झुमका ओपन थिएटर में होने वाले आयोजन पर टिकी हैं,जहां साहित्यिक परिचर्चाओं, कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए कोरिया की साहित्यिक-सांस्कृतिक पहचान को एक बार फिर व्यापक मंच मिलने की उम्मीद है।


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