- पंडाल-पंडाल पहुंच रहे नेता,त्योहारों में जनसंपर्क का मौका! भैयालाल राजवाड़े और अशोक जायसवाल की सक्रियता
- चर्चा में,दशहरा के आयोजनों पर भी रहेंगी निगाहें…
- भाजपा से विधायक भैयालाल राजवाड़े,कांग्रेस से अशोक जायसवाल की लगातार मौजूदगी,जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा भी पूजा आयोजनों में सक्रिय
- नवरात्रि के बहाने जनसंपर्क का दौर तेज,भाजपा-कांग्रेस के नेताओं की पंडालों में बढ़ी आवाजाही
- पंडालों में दर्शन,लोगों से मुलाकात और सियासी संपर्क—नवरात्रि में नेताओं की बढ़ी सक्रियता
- आस्था के मंच पर जनसंर्क की दस्तक, कोरिया में त्योहारों के बीच नेताओं की सक्रियता चर्चा में…
- नवरात्रि में आस्था के साथ सियासी संपर्क,पंडाल-पंडाल पहुंच रहे भैयालाल राजवाड़े और अशोक जायसवाल
- पूजा पंडाल बने जनसंपर्क का केंद्र,भाजपा के विधायक और कांग्रेस के अशोक जायसवाल की लगातार मौजूदगी
-रवि सिंह-
बैकुंठपुर,19 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। राजनीति में जनसंपर्क का अपना समय और अपना तरीका होता है,चुनाव करीब हों तो राजनीतिक गतिविधियां खुलकर दिखाई देती हैं, लेकिन चुनाव से पहले भी कुछ ऐसे अवसर आते हैं,जब नेता जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुट जाते हैं,दशहरा,नवरात्रि,गणेश उत्सव,होली और नववर्ष जैसे पर्व इस लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं,धार्मिक आयोजनों में लोगों की भागीदारी बढ़ती है,मोहल्ले और गांव के लोग एक जगह जुटते हैं,आयोजन समितियों से लेकर आम श्रद्धालुओं तक से मुलाकात का अवसर मिलता है,ऐसे में पूजा पंडाल केवल आस्था के केंद्र ही नहीं रहते,बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक चेहरों के जनसंपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम भी बन जाते हैं।
कोरिया जिले में शारदीय नवरात्रि के दौरान कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है, बैकुंठपुर से लेकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक मां दुर्गा के पंडाल सजे हैं,श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं,वहीं राजनीति से जुड़े लोग भी अलग-अलग पूजा समितियों के कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, इस दौरान भाजपा से विधायक भैयालाल राजवाड़े और कांग्रेस से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष अशोक जायसवाल की सक्रियता विशेष रूप से चर्चा में है,जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा भी धार्मिक आयोजनों और पूजा पंडालों तक पहुंच रहे हैं,स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में भैयालाल राजवाड़े और अशोक जायसवाल की लगातार मौजूदगी की तुलना भी की जा रही है, हालांकि,किसी नेता की राजनीतिक सक्रियता का अंतिम आकलन केवल पूजा पंडालों में पहुंचने की संख्या से नहीं किया जा सकता,फिर भी त्योहारों के इस दौर में नेताओं की आवाजाही,आयोजन समितियों से संपर्क और क्षेत्रवासियों से मुलाकात राजनीतिक गतिविधियों का एक दिखाई देने वाला पहलू जरूर है।
आस्था के साथ जनसंपर्क का अवसर
नवरात्रि में पूजा पंडालों तक नेताओं का पहुंचना कोई नई बात नहीं है,धार्मिक आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाते हैं, गांव-मोहल्लों में गठित पूजा समितियां आयोजन की तैयारी से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विसर्जन तक सक्रिय रहती हैं,ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति उन्हें स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करने का अवसर देती है,नेताओं के लिए यह मुलाकात केवल औपचारिक अभिवादन तक सीमित नहीं रहती,इस दौरान स्थानीय नागरिक अपनी समस्याएं भी सामने रख सकते हैं, आयोजन समितियां अपनी आवश्यकताओं से अवगत करा सकती हैं और जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की गतिविधियों को नजदीक से समझने का अवसर मिलता है,दूसरी ओर,लोगों के बीच लगातार उपस्थित रहने से किसी नेता की सार्वजनिक पहचान भी बनी रहती है,त्योहारों के दौरान जनसंपर्क का एक आर्थिक पक्ष भी होता है,कई धार्मिक आयोजनों में समितियां जनसहयोग और चंदा जुटाती हैं,राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय लोगों से भी सहयोग की अपेक्षा की जा सकती है, इसलिए इस अवधि में जनसंपर्क करना समय और संसाधनों की दृष्टि से मेहनत मांगता है,हालांकि किस नेता ने किस समिति को कितना सहयोग दिया,इस संबंध में कोई विवरण उपलब्ध नहीं है,इसलिए किसी के खर्च या योगदान की जानकारी नहीं है।
भाजपा विधायक भैयालाल राजवाड़े की मौजूदगी
बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक भैयालाल राजवाड़े नवरात्रि के दौरान पूजा पंडालों तक पहुंच रहे हैं,बैकुंठपुर के महलपारा स्थित दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचे,मां भवानी के दर्शन किए और पूजा समिति के सदस्यों से मुलाकात की,रिपोर्ट में सीमित संसाधनों में व्यवस्थित पंडाल निर्माण और उपलब्ध राशि के सदुपयोग के लिए समिति की सराहना किए जाने का भी उल्लेख है,विधायक होने के नाते क्षेत्र में उनकी सार्वजनिक मौजूदगी का एक निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में भी महत्व है,धार्मिक आयोजनों में पहुंचने के साथ-साथ जनप्रतिनिधि को अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी लोगों के संपर्क में रहना होता है,इसलिए ऐसी मुलाकातें राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के व्यापक संदर्भ में देखी जाती हैं, नवरात्रि के दौरान उनकी सक्रियता से यह भी स्पष्ट होता है कि धार्मिक आयोजन जनप्रतिनिधियों के स्थानीय संपर्क का एक प्रमुख माध्यम बने हुए हैं,हालांकि उनकी कुल सक्रियता की तुलना दूसरे नेताओं से करने के लिए सभी कार्यक्रमों और मुलाकातों का व्यवस्थित विवरण आवश्यक होगा।
कांग्रेस से अशोक जायसवाल भी लगातार सक्रिय
कांग्रेस की ओर से अशोक जायसवाल की पूजा पंडालों में लगातार मौजूदगी चर्चा में है,वे पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके हैं और जिला कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष के रूप में भी जुड़े हुए हैं,स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार,नवरात्रि के दौरान वे जिले के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंचकर दर्शन-पूजन कर रहे हैं और क्षेत्रवासियों तथा आयोजन समितियों से मुलाकात कर रहे हैं,उनकी धार्मिक आयोजनों में सक्रियता पहले भी सामने आती रही है,सितंबर 2026 में गणेश चतुर्थी के दौरान अशोक जायसवाल के विभिन्न गणेश पंडालों और भागवत कथा कार्यक्रमों में पहुंचने की खबरें प्रकाशित हुई थीं,उन रिपोर्टों में उनके द्वारा पूजा-अर्चना और आयोजन समितियों से मुलाकात का उल्लेख किया गया था,अब शारदीय नवरात्रि में भी उनकी सक्रियता दिखाई दे रही है,राजनीतिक दृष्टि से इसे स्थानीय संपर्क बनाए रखने की कवायद के रूप में देखा जा सकता है,हालांकि उनकी भविष्य की राजनीतिक योजना को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं है,इसलिए इसे किसी आगामी चुनाव की तैयारी का निश्चित प्रमाण मानने के बजाय स्थानीय राजनीतिक चर्चा के रूप में ही देखना उचित होगा,फिर भी यह सवाल चर्चा में है कि कांग्रेस के दूसरे स्थानीय नेता भी क्या इसी तरह लगातार पूजा पंडालों और सार्वजनिक आयोजनों में पहुंच रहे हैं? स्थानीय राजनीतिक आकलन में अशोक जायसवाल की मौजूदगी अधिक दिखाई देने की बात कही जा रही है।
जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा भी आयोजनों में मौजूद
जिले में राजनीतिक और सार्वजनिक गतिविधियों के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा का नाम भी सामने आ रहा है,वे भी विभिन्न पूजा पंडालों और सामाजिक आयोजनों में पहुंच रहे हैं,ऐसे अवसरों पर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी उन्हें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों से संवाद का अवसर देती है,जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और पंचायत व्यवस्था से जुड़ी है,ऐसे में धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों से मुलाकात के साथ ग्रामीण समस्याओं,विकास कार्यों और स्थानीय अपेक्षाओं के बारे में संवाद भी सार्वजनिक जीवन का हिस्सा बन सकता है,हालांकि इस समय उपलब्ध स्थानीय आकलन में भैयालाल राजवाड़े और अशोक जायसवाल की गतिविधियों को अधिक प्रमुखता से देखा जा रहा है,मोहित पैकरा की सक्रियता भी चर्चा में है,लेकिन कौन नेता कितने आयोजनों में पहुंचा,इसका कोई आधिकारिक या पूर्ण आंकड़ा सामने नहीं है,ऐसे में सक्रियता की अंतिम रैंकिंग देने के बजाय नेताओं की दिखाई दे रही मौजूदगी और जनसंपर्क के स्वरूप पर ध्यान देना ज्यादा उचित होगा।
त्योहारों के बाद दशहरा और रावण दहन पर भी नजर
नवरात्रि का समापन नजदीक आने के साथ ही जिले में दशहरा और रावण दहन के कार्यक्रमों की तैयारियां भी हैं, विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं,ऐसे कार्यक्रम भी जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक चेहरों के लिए लोगों से मिलने का अवसर बनते हैं,इस लिहाज से त्योहारों का यह पूरा दौर राजनीतिक संपर्क के लिए महत्वपूर्ण है,नवरात्रि के पंडालों में दर्शन-पूजन से लेकर दशहरा उत्सव तक नेताओं की मौजूदगी लगातार बनी रह सकती है। हालांकि कौन नेता किन कार्यक्रमों में शामिल होगा,यह संबंधित कार्यक्रमों और उनकी उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
जनसंपर्क और राजनीतिक तैयारी के बीच अंतर
त्योहारों के दौरान लगातार लोगों के बीच रहना किसी नेता की सार्वजनिक सक्रियता का संकेत हो सकता है,लेकिन इसे सीधे चुनावी सफलता या भविष्य की राजनीतिक स्थिति से जोड़ना उचित नहीं होगा,धार्मिक आयोजनों में पहुंचना, स्थानीय लोगों से मिलना और समितियों को शुभकामनाएं देना जनसंपर्क के तरीके हैं,वहीं चुनावी तैयारी का आकलन करने के लिए संगठनात्मक गतिविधियों, जनसमस्याओं पर काम,सार्वजनिक कार्यक्रमों और मतदाताओं से संवाद जैसे दूसरे पहलुओं को भी देखना जरूरी है, भैयालाल राजवाड़े निर्वाचित विधायक हैं, इसलिए क्षेत्र में उनकी मौजूदगी एक जनप्रतिनिधि की भूमिका का हिस्सा भी है,दूसरी ओर अशोक जायसवाल पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और कांग्रेस के पदाधिकारी हैं,इसलिए उनकी स्थानीय गतिविधियों का राजनीतिक संदर्भ अलग है,फिलहाल नवरात्रि के पंडालों में नेताओं की आवाजाही ने कोरिया जिले की स्थानीय राजनीति में जनसंपर्क को चर्चा का विषय बना दिया है,भाजपा से भैयालाल राजवाड़े और कांग्रेस से अशोक जायसवाल की गतिविधियां विशेष रूप से दिखाई दे रही हैं,जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा भी आयोजनों में पहुंच रहे हैं,आने वाले दशहरा कार्यक्रमों के दौरान भी नेताओं की सार्वजनिक मौजूदगी बनी रहती है या नहीं,इस पर स्थानीय निगाहें रहेंगी,त्योहारों में आस्था और सामाजिक मेल-मिलाप प्रमुख होते हैं। राजनीतिक दृष्टि से ये अवसर नेताओं और नागरिकों के बीच संवाद का माध्यम भी बनते हैं।
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