
आध्यात्मिक ज्ञान से जीवन को श्रेष्ठ बनाने की आवश्यकता : चिंतामणि महाराज
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,18 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के नव विश्व भवन, चोपड़ापारा, अंबिकापुर में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आयोजित चैतन्य देवियों की भव्य झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। झांकी के सातवें दिन सांसद चिंतामणि महाराज शामिल हुए और देवी दर्शन कर सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि ‘पुत्र कुपुत्र हो सकता है,लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती।’ उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन श्रेष्ठ और अनमोल है। प्रत्येक व्यक्ति को यह समझने की आवश्यकता है कि इस जीवन का सदुपयोग किस प्रकार किया जाए। जीवन को सकारात्मक दिशा देने और उसे श्रेष्ठ बनाने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना तथा आध्यात्मिक संस्थाओं से जुड़ना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में श्री साईं बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने भी नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था नशामुक्ति सहित विभिन्न सामाजिक जागरूकता अभियानों के माध्यम से निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा कर रही है। समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। डाइट कॉलेज के प्राचार्य के.सी. गुप्ता ने भी उपस्थित लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में रंजना श्रीवास्तव एवं गीता गुप्ता भी उपस्थित रहीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान खुशी दुबे एवं ट्विंकल ने काली-शंकर नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं आण्वी ने देवी स्वरूप में मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा भी कराई गई। चैतन्य देवियों की भव्य झांकी के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंच रहे हैं। आध्यात्मिक वातावरण,देवी स्वरूपों की सजीव झांकियां और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई हैं।
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