
शुक्रवार को विश्रामपुर में 13 वर्षीय छात्रा की मौत,शनिवार को कुबेरपुर में महिला ने गंवाई जान…गिट्टी लदे ट्रैक्टरों के संचालन पर उठा सवाल
-संवाददाता-
सूरजपुर,18 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। जिले में गिट्टी लदे ट्रैक्टरों से हो रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को विश्रामपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर गिट्टी लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से 13 वर्षीय छात्रा रिद्धिमा जैन की दर्दनाक मौत हो गई। वह अपने पिता के साथ स्कूल में आयोजित पैरेंट्स मीटिंग से घर लौट रही थी। इस घटना का दुख अभी कम भी नहीं हुआ था कि शनिवार को चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के कुबेरपुर में गिट्टी लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से चंद्रावती जायसवाल की जान चली गई। दो दिनों में दो दर्दनाक हादसों ने एक बार फिर ट्रैक्टरों की आवाजाही, परिवहन नियमों के पालन और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर, फिर गिट्टी परिवहन में नियमों का पालन कितना? ट्रैक्टर मूल रूप से कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाला वाहन है, लेकिन आज कई क्षेत्रों में इनका उपयोग गिट्टी, रेत और अन्य निर्माण सामग्री के परिवहन में भी किया जा रहा है। सवाल यह है कि ऐसे व्यावसायिक परिवहन में क्या वाहन की अनुमति,पंजीयन,फिटनेस,चालक की पात्रता और अन्य लागू नियमों का पालन किया जा रहा है? जहां बिना जरूरी अनुमति या नियमों के विपरीत परिवहन हो रहा है, वहां जिम्मेदारों पर कार्रवाई कौन करेगा? विशेषकर आबादी वाले क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर गिट्टी लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। हालांकि,प्रत्येक ट्रैक्टर से होने वाले परिवहन को अवैध कहना उचित नहीं होगा,संबंधित वाहनों के दस्तावेजों और संचालन की जांच के बाद ही नियमों के उल्लंघन की स्थिति स्पष्ट होगी।
शुक्रवार को स्कूल से लौट रही छात्रा की मौत : 16 अक्टूबर को विश्रामपुर क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर ग्राम पंचायत केशवनगर के बड़कापारा में दर्दनाक हादसा हुआ। सूरजपुर नवापारा निवासी एलआईसी एजेंट पंकज कुमार जैन अपनी 13 वर्षीय पुत्री रिद्धिमा जैन के साथ कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित पैरेंट्स मीटिंग से बाइक पर घर लौट रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे गिट्टी लदे ट्रैक्टर क्रमांक सीजी 15 सीक्यू 5992 को क्रॉस करते समय ट्रैक्टर चालक द्वारा अचानक वाहन मोड़ने से बाइक टकरा गई। पिता-पुत्री सड़क पर गिर पड़े और रिद्धिमा का सिर ट्रैक्टर के पहिए के नीचे आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई,जबकि पिता को हल्की चोटें आईं। टक्कर के बाद ट्रैक्टर सड़क किनारे स्थित एक मकान में जा घुसा। सूचना पर विश्रामपुर थाना प्रभारी निरीक्षक विकास देशमुख पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को बाहर निकलवाकर जब्त किया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। मासूम की मौत से परिवार और स्कूल में शोक का माहौल है।
शनिवार को कुबेरपुर में महिला की मौत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा : विश्रामपुर की घटना के अगले दिन शनिवार को चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के कुबेरपुर में एक और दर्दनाक हादसा सामने आया। जानकारी के अनुसार, संजय जायसवाल की पत्नी चंद्रावती जायसवाल बिहारपुर चौक से पूजा का सामान लेकर स्कूटी से घर लौट रही थीं। इसी दौरान गिट्टी लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद चालक के वाहन सहित मौके से फरार होने की जानकारी सामने आई। ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती के बीच संचालित क्रेशर और वहां से गुजरने वाले गिट्टी लदे वाहनों को लेकर लंबे समय से चिंता बनी हुई थी। महिला की मौत के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और शव रखकर मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान क्रेशर परिसर में आगजनी भी हुई। मौके पर पहुंचे एसडीओपी, थाना प्रभारी और तहसीलदार को भी आक्रोशित भीड़ ने घेर लिया। अधिकारियों को बंधक बनाए जाने और उनके साथ कथित मारपीट की खबरें सामने आईं। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही।
हादसों के बाद कार्रवाई नहीं,पहले से निगरानी जरूरी
लगातार सामने आ रही दुर्घटनाएं यह सवाल उठाती हैं कि क्या संबंधित विभाग वाहनों की नियमित जांच और सड़क सुरक्षा के प्रति पर्याप्त सतर्क हैं? गिट्टी लदे ट्रैक्टरों की गति,चालक की लापरवाही,वाहन के दस्तावेज,परिवहन की वैधता और आबादी वाले क्षेत्रों में आवाजाही जैसे पहलुओं की जांच जरूरी है। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है,तो समय रहते कार्रवाई होनी चाहिए,ताकि किसी और परिवार को ऐसा दुःख न झेलना पड़े। दो दिनों में दो परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। शुक्रवार को एक मासूम छात्रा की जिंदगी खत्म हुई,तो शनिवार को एक महिला की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। अब जरूरत केवल हादसों के बाद कार्रवाई करने की नहीं, बल्कि ऐसे इंतजाम करने की है,जिनसे दुर्घटनाओं को रोका जा सके। संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कृषि कार्य के लिए बने ट्रैक्टरों का अन्य परिवहन कार्यों में इस्तेमाल नियमों के अनुरूप हो और सड़क पर आम लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur