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अम्बिकापुर@ देवी भक्ति गीत ‘महामाया माई-अंबिका के दुवारी’ से निधि श्री विश्वकर्मा ने बिखेरी सुरों की भक्ति,सरगुजा का बढ़ाया मान

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गायिका निधि श्री की आवाज में सजा मां महामाया का भक्ति गीत,संगीत संयोजन से लेकर वीडियो निर्माण तक कलाकारों की टीम ने निभाई अहम भूमिका
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,12 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)।
मां महामाया के प्रति आस्था और भक्ति को सुरों में पिरोकर गायिका निधि श्री विश्वकर्मा ने अपने गीत ‘महामाया माई-अंबिका के दुवारी’ के माध्यम से सरगुजा का नाम रोशन किया है। देवी भक्ति पर आधारित इस गीत में उनकी गायकी के साथ संगीत की मधुरता और भक्ति भाव का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। गीत को लेकर क्षेत्र में चर्चा हो रही है और मां महामाया के भक्तों के बीच इसकी सराहना की जा रही है। निधि श्री विश्वकर्मा,अनिल विश्वकर्मा की पुत्री हैं। उन्होंने अपनी गायकी के माध्यम से देवी भक्ति गीत को स्वर देकर धार्मिक आस्था को संगीत के जरिए प्रस्तुत किया है। ‘महामाया माई-अंबिका के दुवारी’ शीर्षक ही मां महामाया के प्रति श्रद्धा और छत्तीसगढ़ की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ाव का भाव व्यक्त करता है। गीत के जरिए श्रोताओं तक भक्ति और श्रद्धा का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इस गीत को Shamikashiproductions ने प्रस्तुत किया है। गीत की गायिका निधि श्री हैं,जबकि संगीत सौरभ वैभव और प्रिंस सुशीला पटेल ने तैयार किया है। गीत के बोल भी प्रिंस सुशीला पटेल ने लिखे हैं। संगीत संयोजन की जिम्मेदारी सौरभ लोखंडे ने निभाई है। मिक्सिंग और मास्टरिंग विंसेंट जोसेफ ने की है,जिससे गीत को अंतिम संगीत स्वरूप दिया गया। गीत के वीडियो निर्माण में भी टीम के सदस्यों ने अपनी भूमिका निभाई है। वीडियो और यूट्यूब प्रबंधन का काम जयंथ कौंडिन्या ने संभाला,जबकि वीडियो निर्माण का श्रेय रायपुर के स्भ्ष्ठढ्ढह्र7 और कल्पेश टांक को दिया गया है। देवी भक्ति गीतों की विशेषता यह होती है कि वे केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहते,बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था,विश्वास और भावनाओं से भी जुड़ते हैं।
ऐसे गीत धार्मिक अवसरों, पूजा-अर्चना और नवरात्र जैसे पर्वों पर भक्तिमय वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘महामाया माई-अंबिका के दुवारी’ भी इसी भक्ति परंपरा से जुड़ा गीत है।
जिसमें गायिका ने अपनी आवाज के माध्यम से मां के प्रति श्रद्धा व्यक्त की है। निधि श्री विश्वकर्मा के इस प्रयास को सरगुजा की प्रतिभा के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय कलाकारों का संगीत और गायन के क्षेत्र में आगे आना क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करता है। यदि ऐसे प्रयासों को श्रोताओं का निरंतर प्रोत्साहन मिलता है, तो स्थानीय प्रतिभाओं को संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बनाने का रास्ता मिल सकता है। ‘महामाया माई-अंबिका के दुवारी’ गीत से जुड़ी पूरी टीम ने गायन, गीत लेखन, संगीत, तकनीकी कार्य और वीडियो निर्माण के माध्यम से सामूहिक योगदान दिया है। मां महामाया के प्रति समर्पित यह भक्ति गीत निधि श्री विश्वकर्मा के संगीत सफर में एक महत्वपूर्ण प्रस्तुति के रूप में सामने आया है।


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