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अम्बिकापुर@कम अंक जीवन की असफलता नहीं, बल्कि अपनी रणनीति सुधारने का अवसर

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1500 बच्चों को सिखाए तनाव से निपटने के गुर


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,12 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। परीक्षा में कम अंक आने या किसी परेशानी के कारण निराश होने के बजाय अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढऩा चाहिए। अंक किसी बच्चे की पूरी प्रतिभा और व्यक्तित्व का पैमाना नहीं हैं। जीवन में हर समस्या का समाधान संभव है,इसलिए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना जरूरी है। यह संदेश‘जीवन अनमोल है’ अभियान के तहत सेंट जेवियर इंग्लिश मीडियम स्कूल,हिंदी मीडियम स्कूल और सेंट जेवियर बीएड कॉलेज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में दिया गया। समाज सेविका एवं अधिवक्ता शिल्पा पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में करीब 1500 बच्चों को तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (विशेष मामले) अमोलक सिंह ढिल्लों ने कहा कि परिवार के संस्कारों, सनातन विरासत और सामाजिक मर्यादाओं से जुड़े रहने से बच्चों का व्यक्तित्व मजबूत बनता है। वहीं,कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं ब्रह्माकुमारी संस्थान की संचालिका बीके विद्या दीदी ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में उत्साह और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के तरीके बताए। उन्होंने बच्चों को नशामुक्ति का संकल्प भी दिलाया। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक की काउंसलर अंजुला मिश्रा ने बच्चों को संतुलित खानपान और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। मेडिकल कॉलेज के मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. पैकरा ने बच्चों को बिना दबाव के जीवन जीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कोई भी परेशानी जीवन से बड़ी नहीं है। बच्चों को अपनी मानसिक स्थिति के प्रति सजग रहना चाहिए और परेशानी होने पर मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
कम अंक असफल जीवन का प्रमाण नहीं : अभियान की संयोजक शिल्पा पाण्डेय ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मानसिक और शारीरिक स्थिति का आकलन करते रहना चाहिए। हम कैसा महसूस कर रहे हैं, इसे हमसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता। उन्होंने कहा कि कम या ज्यादा अंक मेहनत का आकलन हो सकते हैं, लेकिन वे किसी की प्रतिभा,संस्कार,संवेदनशीलता, रचनात्मकता और इंसानियत का प्रमाणपत्र नहीं हैं। उन्होंने बच्चों को समझाया कि हर बच्चा अलग प्रतिभा के साथ आगे बढ़ता है। किसी की गणित अच्छी होती है, तो किसी की भाषा,खेल,कला,संगीत या विज्ञान में रुचि होती है। कम अंक आने पर निराश होने के बजाय अपनी गलतियों को समझकर तैयारी में सुधार करना चाहिए। कम अंक जीवन की असफलता नहीं, बल्कि अपनी रणनीति सुधारने का अवसर हैं।
मोबाइल के सदुपयोग और अनुशासन पर जोर…
कार्यक्रम में सेंट जेवियर इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्राचार्य माइकल तिर्की ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने संवेदनशील विषय पर जागरूकता अभियान चलाने के लिए आयोजकों की सराहना की और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विजन की स्वयंसेवक ऐश्वर्य सिद्धि ने मोबाइल के दुरुपयोग के प्रति सचेत करते हुए उसके सीमित और सार्थक उपयोग की अपील की। संगीता ने बच्चों को नियमित अनुशासन अपनाने,जबकि राजू यादव ने बड़ों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान हर्षल यादव ने व्यवस्था और अनुशासन की जिम्मेदारी संभाली।


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