- टीबी मरीजों को पोषण किट,हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, सूरजपुर में शुरू हुआ जोश अभियान
- प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी बोले—टीबी मुक्त भारत के लिए समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी
- टीबी मुक्त पंचायतों,निक्षय मित्रों और उत्कृष्ट स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान
- टीबी मरीजों को पोषण आहार किट, हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित
- सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर लगाकर नागरिकों को दी गई जांच एवं उपचार की सुविधा
-संवाददाता-
सूरजपुर,10 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी और सामुदायिक जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में सूरजपुर जिले में ‘जोश’ (जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ) टीम का शुभारंभ किया गया, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली से इस पहल का शुभारंभ किया। इसी क्रम में सूरजपुर के मंगल भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिले के जनप्रतिनिधि,अधिकारी,स्वास्थ्यकर्मी,वालंटियर और नागरिक वर्चुअल माध्यम से जुड़े। कार्यक्रम में प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान जिला स्तरीय जोश टीम का शुभारंभ करते हुए टीबी उन्मूलन के लिए सामुदायिक सहभागिता, संभावित मरीजों की पहचान, समय पर जांच और उपचार पूरा कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, कार्यक्रम में टीबी मरीजों को पोषण आहार किट तथा पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए, इसके साथ ही टीबी मुक्त पंचायतों, निक्षय मित्रों और बीमारी के उन्मूलन के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया, सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविर में नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधाओं का लाभ लिया, कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, बीमारी से जुड़े भय और भ्रांतियों को दूर करने तथा टीबी मुक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की शपथ भी ली।
जनभागीदारी से ही पूरा होगा टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य- कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि टीबी मुक्त भारत का संकल्प केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ का संदेश देते हुए कहा कि टीबी से पीडि़त व्यक्ति को उपचार के लिए प्रेरित करना, उसका मनोबल बढ़ाना और बीमारी के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना हम सभी की जिम्मेदारी है, विधायक ने कहा कि टीबी के संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में समाज के लोगों, जनप्रतिनिधियों और वालंटियरों की महत्वपूर्ण भूमिका है, मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार नियमित दवा लेने और उपचार पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। समय पर जांच और उचित उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाकर इस बीमारी के खिलाफ सामूहिक लड़ाई को मजबूत किया जा सकता है, उन्होंने स्वस्थ दिनचर्या अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए, इसके लिए जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों को मिलकर प्रयास करने होंगे। सामूहिक सहभागिता से जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
कलेक्टर रेना जमील ने बताई वालंटियरों की जिम्मेदारी-कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि टीबी मुक्त अभियान में जोश टीम के वालंटियर, ग्राम पंचायत सचिव, एनसीसी कैडेट्स, माय भारत से जुड़े युवा और जनप्रतिनिधि महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, इनके सहयोग से संभावित मरीजों की पहचान करने,उन्हें जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने और उपचार पूरा कराने में सहायता मिलेगी, उन्होंने कहा कि टीबी के लक्षणों की पहचान कर संबंधित व्यक्ति को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना आवश्यक है,गांवों में जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर काम करना होगा, वालंटियर और पंचायत प्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद कर सकते हैं तथा मरीजों और उनके परिवारों को सही जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं, कलेक्टर ने अभियान में सभी संबंधित पक्षों की सक्रिय भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से टीबी मुक्त सूरजपुर का संकल्प साकार किया जा सकता है,बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंदों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना अभियान के महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं।
दो सप्ताह से अधिक खांसी हो तो कराएं जांच-मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने टीबी के प्रति जागरूकता, समय पर जांच और उपचार पूरा करने के महत्व पर जानकारी दी, उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी बनी रहती है,तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए, उन्होंने जोश टीम के सदस्यों और आम नागरिकों से संभावित मरीजों को जांच के लिए प्रेरित करने तथा स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों में सहयोग देने की अपील की,बीमारी की समय पर पहचान होने से मरीज को उचित चिकित्सकीय सलाह और उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है, डॉ. सिंह ने जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य संबंधी जानकारी गांवों तक पहुंचाने और लोगों को उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया,टीबी के प्रति डर और भ्रांतियों को दूर करना भी जरूरी है, ताकि लोग लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने से पीछे न हटें।
टीबी मरीजों को पोषण आहार, हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड-जिला स्तरीय कार्यक्रम में टीबी मरीजों को पोषण आहार किट वितरित की गईं,यह पहल उपचार के दौरान मरीजों को सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई,कार्यक्रम में पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड भी दिए गए,जिससे उन्हें योजना के अंतर्गत उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया,सेवा संकल्प अभियान के तहत लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित नागरिकों को जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं,इस तरह कार्यक्रम में जागरूकता, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और मरीजों को सहयोग देने से जुड़े प्रयासों को एक साथ जोड़ा गया।
टीबी मुक्त पंचायतों, निक्षय मित्रों और स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान– कार्यक्रम में टीबी मुक्त पंचायतों को सम्मानित किया गया, इसके साथ ही निक्षय मित्रों और टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी सम्मान प्रदान किया गया, सम्मान समारोह के माध्यम से टीबी के खिलाफ चल रहे प्रयासों में योगदान देने वाले लोगों और पंचायतों की भूमिका को रेखांकित किया गया,कार्यक्रम का संदेश रहा कि टीबी उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं के साथ समुदाय का सहयोग भी जरूरी है,पंचायत प्रतिनिधि,युवा वालंटियर, स्वास्थ्यकर्मी और आम नागरिक मिलकर संभावित मरीजों को जांच तक पहुंचाने, उपचार के प्रति जागरूक करने तथा बीमारी को लेकर फैले सामाजिक भय को कम करने में योगदान दे सकते हैं,कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले सहित जनप्रतिनिधि,अधिकारी,स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी,जोश टीम के वालंटियर और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
साझा प्रयासों से बनेगा टीबी मुक्त सूरजपुर
सूरजपुर में जोश टीम का शुभारंभ टीबी उन्मूलन अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक पहल है, घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने,संभावित मरीजों को जांच के लिए प्रेरित करने, नियमित उपचार के महत्व को समझाने और मरीजों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी अब स्वास्थ्य विभाग के साथ समुदाय के विभिन्न समूहों की भी होगी, ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ का संदेश तभी सार्थक होगा,जब बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, मरीज समय पर जांच और उपचार प्राप्त करेंगे तथा समाज उन्हें सहयोग देगा,जोश टीम,पंचायत प्रतिनिधियों,युवाओं,स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों की सहभागिता से टीबी मुक्त सूरजपुर और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में प्रयासों को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
घर-घर पहुंचेगी जोश टीम, संभावित मरीजों की पहचान पर रहेगा जोर
टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संभावित मरीजों को जांच एवं उपचार से जोड़ने के लिए जोश टीम का गठन किया गया है, इस टीम में एनसीसी कैडेट्स और माय भारत से जुड़े वालंटियर शामिल हैं। इनका प्रमुख कार्य घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और बीमारी से बचाव के संबंध में जागरूक करना होगा, दी गई जानकारी के अनुसार, प्रत्येक विकासखंड में पांच एनसीसी कैडेट्स और पांच माय भारत वालंटियर को शामिल कर टीम गठित की गई है, सूरजपुर जिले के प्रत्येक विकासखंड के लिए भी एक टीम बनाई गई है, ये टीमें गांवों और बस्तियों में जाकर लोगों से संवाद करेंगी तथा टीबी के संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों को जांच के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने हेतु प्रेरित करेंगी, जोश टीम की भूमिका केवल जागरूकता संदेश देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समुदाय और स्वास्थ्य विभाग के बीच संपर्क मजबूत करने पर भी जोर रहेगा, वालंटियर लोगों को यह समझाने का प्रयास करेंगे कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए, साथ ही, उपचार शुरू होने के बाद चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवा का नियमित सेवन और उपचार पूरा करना भी जरूरी है, इस पहल के माध्यम से युवाओं को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान से जोड़कर टीबी उन्मूलन को सामुदायिक आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
पंचायतों और गांवों तक पहुंचे स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा ने कहा कि टीबी की समय पर जांच और उपचार के लिए लोगों को जागरूक करना आवश्यक है, उन्होंने गांवों के पारा-मोहल्लों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने और नागरिकों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया, उन्होंने पात्र हितग्राहियों से आयुष्मान कार्ड बनवाने और योजना के अंतर्गत उपलब्ध उपचार सुविधाओं का लाभ लेने की अपील भी की, उनके अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वालंटियरों की सक्रियता महत्वपूर्ण है, जनपद पंचायत अध्यक्ष स्वाती सिंह ने टीबी मरीजों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करने की आवश्यकता बताई, उन्होंने कहा कि बीमारी को छिपाने के बजाय जांच कराना और उपचार पूरा करना जरूरी है, समाज को मरीजों के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए, ताकि वे बिना किसी डर या संकोच के उपचार करा सकें, उन्होंने नागरिकों से टीबी के संभावित लक्षणों के प्रति सजग रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की, अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी गांव, जनपद और विकासखंड स्तर पर जागरूकता अभियान में सहयोग देने तथा सेवा संकल्प अभियान की भावना के अनुरूप जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की बात कही।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur