- राजेश अग्रवाल बोले…मोदी के कार्यकाल में सेवा,सुशासन और गरीब कल्याण को मिली नई दिशा…आवास,नल-जल,किसान और जनजातीय योजनाओं का रखा लेखा-जोखा
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,06 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा ने मंगलवार को अंबिकापुर में पत्रकार वार्ता कर केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा रखा। होटल पर्पल आर्किड में आयोजित संभागीय पत्रकार वार्ता में कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को सेवा,सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। हालांकि,प्रेस वार्ता में पेश किए गए ज्यादातर आंकड़े प्रदेश और केंद्र की योजनाओं के रहे, जबकि सरगुजा संभाग में इन योजनाओं का वास्तविक असर,अधूरे काम और पात्र हितग्राहियों तक पहुंच की स्थिति पर विस्तार से चर्चा नहीं हुई। राजेश अग्रवाल ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा अब देश के प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूर्ण कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में सरकार ने ‘सबका साथ,सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आधार बनाकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। भाजपा नेता ने जनधन योजना,उज्ज्वला योजना,जल जीवन मिशन,स्वच्छ भारत अभियान, आयुष्मान भारत,प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाया। उनके अनुसार छत्तीसगढ़ में 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचा है, जबकि 25 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिला है।
आवास के आंकड़े बड़े,लेकिन सवाल जमीनी क्रियान्वयन का : प्रधानमंत्री आवास योजना को गरीब परिवारों के जीवन में बदलाव लाने वाली प्रमुख योजना बताते हुए अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2025 में प्रदेश में 3.51 लाख आवासों का गृह प्रवेश कराया गया। इसके अलावा करीब तीन लाख हितग्राहियों के लिए 1,200 करोड़ रुपए की किश्त जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई। आवास योजना के आंकड़े निश्चित रूप से बड़े हैं,लेकिन ग्रामीण इलाकों में आवास निर्माण की गति, किश्तों के भुगतान में देरी,जमीन की उपलब्धता और निर्माण सामग्री की बढ़ती लागत जैसे मुद्दे भी लगातार सामने आते रहे हैं। ऐसे में केवल स्वीकृति और गृह प्रवेश के आंकड़े विकास की पूरी तस्वीर नहीं बताते। जरूरत इस बात की है कि कितने स्वीकृत आवास वास्तव में पूर्ण हुए और कितने परिवार अब भी अधूरे मकान या किश्त की प्रतीक्षा में हैं,इसका क्षेत्रवार विवरण भी सार्वजनिक किया जाए।
नल-जल योजना की उपलब्धि के साथ पानी की निरंतरता भी चुनौती : जल जीवन मिशन के तहत 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने का दावा किया गया। योजना का मूल उद्देश्य केवल घर तक पाइप पहुंचाना नहीं,बल्कि नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसलिए कनेक्शन की संख्या के साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि कितने गांवों में सालभर नियमित जलापूर्ति हो रही है। सरगुजा जैसे भौगोलिक और आदिवासी बहुल क्षेत्र में गर्मी के दिनों में जलस्रोतों का सूखना और कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की शिकायतें इस दावे की जमीनी परीक्षा भी करती हैं। ऐसे में योजना के आंकड़ों के साथ पानी की उपलब्धता और उसकी निरंतरता की जानकारी अधिक उपयोगी साबित हो सकती है।
25 साल की यात्रा को ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जोड़ा : पत्रकार वार्ता में बताया गया कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा प्रदेशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चला रही है। इसके तहत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला, रंगोली और भाषण प्रतियोगिताओं के साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भाजपा ने इसे जनभागीदारी का अभियान बताया है। हालांकि राजनीतिक दलों के ऐसे अभियानों में उपलब्धियों के प्रचार के साथ यह भी जरूरी है कि जनता की प्रतिक्रिया और स्थानीय समस्याओं को समान महत्व मिले। यदि योजनाओं के लाभार्थियों के अनुभव और जमीनी समस्याओं को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाए तो उपलब्धियों के दावों की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया, पूर्व जिलाध्यक्ष ललन प्रताप सिंह,जिला महामंत्री विनोद हर्ष एवं अरुणा सिंह,जिला संवाद प्रमुख रूपेश दुबे सहित वरिष्ठ भाजपा नेता राजकुमार बंसल,विवेक दुबे,आलोक दुबे और जतीन परमार उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को सेवा और सुशासन की यात्रा के रूप में प्रस्तुत किया। अब इन दावों की सबसे बड़ी कसौटी यही होगी कि योजनाओं के आंकड़े सरगुजा के दूरस्थ गांवों में रहने वाले गरीब, किसान, आदिवासी,महिला और युवा की जिंदगी में कितना स्थायी बदलाव ला पाए हैं। क्योंकि सरकारी उपलब्धियों का अंतिम मूल्यांकन आंकड़ों से नहीं,बल्कि जमीन पर बदली हुई जिंदगी से होता है।
जनजातीय विकास पर जोर,लेकिन मूलभूत सुविधाओं की चुनौती बरकरार
मंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों और विशेष रूप से पीवीटीजी परिवारों के लिए केंद्र की योजनाओं का उल्लेख करते हुए वन धन केंद्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को सरकार की प्राथमिकता बताया। बस्तर सहित आदिवासी क्षेत्रों में सड़क,बिजली,स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया। सरगुजा संभाग में बड़ी संख्या में आदिवासी आबादी निवास करती है। यहां दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य केंद्रों की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी,स्कूलों तक पहुंच,सड़क और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसे सवाल आज भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में योजनाओं की घोषणा और बजट के साथ अंतिम छोर तक सेवा पहुंचने की वास्तविक स्थिति ही जनजातीय विकास की असली कसौटी होगी।
सड़क-रेल से लेकर मेडिकल शिक्षा तक परियोजनाओं का दावा
राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य में सड़क,रेल,बिजली,औद्योगिक क्षेत्र,फार्मास्यूटिकल पार्क और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परियोजनाएं आगे बढ़ी हैं। वर्ष 2025 में राज्य में 14,260 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास का भी उल्लेख किया गया। लेकिन लोकार्पण और शिलान्यास के आंकड़ों के बीच परियोजनाओं की पूर्णता और उनके वास्तविक उपयोग का सवाल भी अहम है। सरगुजा में सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर लगातार उठते सवाल यह बताते हैं कि विकास परियोजना की घोषणा से अधिक महत्वपूर्ण उसका समय पर पूरा होना और गुणवत्ता बनाए रखना है। आम नागरिक के लिए विकास का अर्थ कागज पर दर्ज करोड़ों रुपये नहीं, बल्कि बेहतर सड़क, समय पर इलाज, रोजगार और रोजमर्रा की सुविधाओं में सुधार है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur