अम्बिकापुर,06 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन रसोइया कल्याण संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन के नाम जिला प्रशासन को मांग पत्र सौंपा है। संघ ने वर्तमान में मिल रहे 2 हजार रुपए मासिक मानदेय को बढ़ाकर कम से कम 10 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग की है। संघ की ओर से 6 अक्टूबर को सौंपे गए मांग पत्र में कहा गया है कि मध्यान्ह भोजन योजना के तहत रसोइये स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मिलने वाला मानदेय काफी कम है। संघ ने शासन से रसोइयों को राहत प्रदान करने की मांग की है। मांग पत्र में कम से कम 10 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने, छत्तीसगढ़ के रसोइयों को वर्दी की सुविधा देने तथा जिला प्रशासन द्वारा प्रतिदिन मध्यान्ह भोजन के हिसाब से समूहों के माध्यम से राशन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा स्कूलों में कार्यरत रसोइयों का पद स्कूल शिक्षा विभाग में दर्ज कर नियमित नियुक्ति प्रदान करने की मांग भी की गई है। संघ ने यह भी मांग रखी है कि रसोइयों को हर महीने की 5 तारीख तक मानदेय का भुगतान किया जाए। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इसलिए शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द निर्णय ले। छत्तीसगढ़ में मध्यान्ह भोजन रसोइयों का मानदेय लंबे समय से मुद्दा बना हुआ है। वर्ष 2026 में रसोइया संघ ने मानदेय बढ़ाने को लेकर आंदोलन भी किया था।
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