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सूरजपुर/देवनगर@आत्महत्या नहीं मान रहे परिजन….जवान की मौत पर सड़क पर उतरा गांव

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जवान की मौत पर परिजनों का फूटा आक्रोश,शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन
शहीद का दर्जा,एक करोड़ मुआवजा,पत्नी को नौकरी और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने की मांग…
विजेंद्र ठाकुर का शव रखकर प्रदर्शन,एसआईटी जांच की मांग
-संवाददाता-
सूरजपुर/देवनगर,02 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)।
छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 6वीं वाहिनी में पदस्थ जवान विजेंद्र ठाकुर (सी-574) की बीजापुर में हुई मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है, 30 सितंबर 2026 को जवान की मौत के बाद जब शव देवनगर स्थित गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा,बटालियन स्तर पर जवान की मौत को गोली लगने से हुई आत्महत्या बताया गया है,जबकि परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार करते हुए हत्या अथवा साजिश की आशंका जताई है, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार फरसेगढ़ पुलिस ने मर्ग कायम कर प्रारंभिक जांच शुरू की है और घटना के कारणों तथा साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है,परिजनों और ग्रामीणों ने मौत की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने की मांग करते हुए देवनगर मुख्य मार्ग पर शव रखकर कई घंटे प्रदर्शन किया, प्रदर्शन के दौरान निष्पक्ष जांच,एसआईटी गठन,जवान को शहीद का दर्जा और परिवार को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
आत्महत्या की बात पर परिजनों ने उठाए सवाल- परिजनों का कहना है कि जवान की मौत को सीधे आत्महत्या मान लेना कई सवालों को अनुत्तरित छोड़ देता है, परिवार चाहता है कि घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो तथा यह स्पष्ट किया जाए कि जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई,परिजनों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि शव गांव लाए जाने के दौरान विभाग की ओर से किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी नहीं थी,उनका कहना है कि जवान की मौत जैसी गंभीर घटना में परिवार को पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
एसआईटी गठित कर समयबद्ध जांच की मांग– परिजनों एवं ग्रामीणों की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने और एसआईटी गठित करने की मांग की गई है,ज्ञापन में कहा गया है कि जांच निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से हो तथा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाए,यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारी भी तय की जाए।
शहीद का दर्जा और एक करोड़ रुपये की सहायता की मांग-परिजनों ने जवान विजेंद्र ठाकुर को शहीद का दर्जा देने की मांग की है, इसके साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई है, परिजनों का कहना है कि जवान की मृत्यु के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है,ऐसे में शासन को परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करनी चाहिए।
पत्नी को सरकारी नौकरी, बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने की मांग- ज्ञापन में जवान की पत्नी सरिता ठाकुर को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई है,साथ ही बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किए जाने की मांग रखी गई है,परिजनों का कहना है कि जवान परिवार का महत्वपूर्ण सहारा था,उसकी मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता उत्पन्न हो गई है, इसलिए शासन से तत्काल राहत और दीर्घकालीन सहायता की अपेक्षा की गई है।
शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन,प्रशासन ने संभाली स्थिति-जवान का शव गांव पहुंचने के बाद परिजन और ग्रामीण देवनगर मुख्य मार्ग पर एकत्र हुए,शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया,इससे मार्ग पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई, सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे,अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया,इसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपने पर सहमत हुए,ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
ग्रामीणों ने खुद तिरंगे में लपेटा शव- प्रदर्शन समाप्त होने के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने जवान को श्रद्धांजलि दी, इसके बाद उन्होंने स्वयं जवान के शव को तिरंगे में लपेटकर सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली,इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद रहे। एक ओर गांव में जवान की मौत को लेकर गहरा शोक रहा,वहीं दूसरी ओर परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों के कारण घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी प्रमुख बनी रही।
ज्ञापन में इन लोगों के हस्ताक्षर- मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मृत जवान की पत्नी सरिता ठाकुर सहित लालजी ठाकुर, नरेंश राजवाड़े, पंकज तिवारी, दीपक गुप्ता, विवेक गुप्ता, अध्ययन सिंह, अनिल यादव, विष्णुचरण सिंह, निकेश गुप्ता, विजय कुमार, अनिलेश यादव, बाबूलाल प्रजापति, हरिचरण यादव, हरिराम राजवाड़े और रूद्रानंद ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर बताए गए हैं, अब परिजनों की नजर जांच की आगे की कार्रवाई पर है। परिवार की मुख्य मांग है कि जवान की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच हो और जांच के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाए कि विजेंद्र ठाकुर की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई, फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस स्तर पर जांच जारी है।


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