- उदयपुर के अलकापुरी जंगल में खेत की सुरक्षा के लिए लगाया था करंट,पीएम रिपोर्ट में करंट से मौत की पुष्टि
- शावक की मौत के बाद
- पूरी रात चिंघाड़ते रहे हाथी, दहशत में बीती ग्रामीणों की रात

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,01 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। उदयपुर वन परिक्षेत्र के अलकापुरी कक्ष क्रमांक पी-2027 में फसल की सुरक्षा के लिए लगाए गए झटका तार की चपेट में आने से करीब तीन साल के हाथी शावक की मौत हो गई। घटना बुधवार रात की है। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने जंगल में शावक का शव देखा और वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही डीएफओ लोकनाथ पटेल, एसडीओ और रेंजर सहित वन अमला मौके पर पहुंचा। तीन वेटनरी डॉक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। पीएम रिपोर्ट में शावक की मौत करंट लगने से होने की पुष्टि हुई है। वन विभाग ने मामले में अलकापुरी निवासी अतिफ एक्का और राजीव एक्का को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल दाखिल कराया गया है।
डीएफओ लोकनाथ पटेल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ग्रामीणों ने फसल की सुरक्षा के लिए जंगल से लगे खेत के आसपास बैटरी के माध्यम से करंट प्रवाहित करने वाला तार लगाया था। इसी तार में फंसने से शावक की मौत हुई। जंगल में करंट प्रवाहित करना गैरकानूनी है। मामले की जांच जारी है। अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि जिस खेत के आसपास तार लगाया गया था,वह झिरमिटी सरपंच चंदन एक्का के परिवार की भूमि है। शावक का पैर और सूंड तार में फंस गए थे। लगातार करंट प्रवाहित होने के कारण उसकी मौत हो गई।
27 हाथियों का दल कर रहा विचरण
डीएफओ के अनुसार, उदयपुर वन परिक्षेत्र में पहले से 15 हाथियों का दल विचरण कर रहा था। इसी बीच लेमरू जंगल की ओर से 12 हाथी और पहुंच गए। इससे क्षेत्र में हाथियों की संख्या बढकर 27 हो गई है। हाथी दो समूहों में विचरण कर रहे हैं। मृत शावक लेमरू जंगल से आए 12 हाथियों के दल का सदस्य बताया जा रहा है।
पीएम के बाद जंगल में अंतिम संस्कार
डीएफओ और एसडीओ की मौजूदगी में तीन वेटनरी डॉक्टरों ने शावक का पोस्टमार्टम किया। पीएम के बाद वन विभाग ने जंगल में ही शावक का अंतिम संस्कार कराया। डीएफओ ने जंगल से लगे गांवों के लोगों को करंट वाला तार नहीं लगाने की हिदायत दी है। वन अमले को भी क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
शावक की मौत के बाद रातभर चिंघाड़ते रहे हाथी
शावक की मौत के बाद हाथियों के दल में बेचैनी देखी गई। घटना के बाद हाथी काफी देर तक चिंघाड़ते रहे। अलकापुरी के ग्रामीणों के अनुसार,पूरी रात हाथियों की चिंघाड़ सुनाई देती रही। इससे लोगों में दहशत बनी रही और ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से बचते रहे। क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur