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कोरिया@ कोरिया में उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान की महापरीक्षा,201 शिक्षार्थियों ने उत्साह से दी परीक्षा

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बैकुंठपुर और सोनहत विकासखंड में बनाए गए 24 परीक्षा केंद्र,तिलक और पुष्पगुच्छ से हुआ शिक्षार्थियों का स्वागत
राजन पाण्डेय
कोरिया,28 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत ‘सबके लिए शिक्षा’ के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में कोरिया जिले में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षार्थी आंकलन महापरीक्षा का आयोजन किया गया, बैकुंठपुर एवं सोनहत विकासखंड में आयोजित परीक्षा में लक्षित सभी 201 शिक्षार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया, इस तरह जिले में परीक्षा के दौरान 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
कलेक्टर एवं अध्यक्ष, कार्यकारिणी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण कोरिया रोक्तिमा यादव तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं उपाध्यक्ष योगेन्द्र श्रीवास के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में दोनों विकासखंडों में कुल 24 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे,परीक्षा के लिए केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई थीं,जिससे महापरीक्षा व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
परीक्षा को बनाया उत्सव, शिक्षार्थियों में दिखा उत्साह-महापरीक्षा को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला, शिक्षार्थियों को परीक्षा के लिए प्रेरित करने के लिए पंचायत स्तर पर दीवार लेखन, पीला चावल और निमंत्रण कार्ड के माध्यम से उन्हें परीक्षा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था,10वीं एवं 12वीं कक्षा के स्वयंसेवी शिक्षकों ने भी शिक्षार्थियों को परीक्षा के महत्व की जानकारी दी और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया, 27 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक परीक्षा आयोजित की गई। केंद्रों पर पहुंचने वाले शिक्षार्थियों का कई स्थानों पर तिलक लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया, इससे परीक्षा का वातावरण औपचारिक होने के बजाय उत्साह, सम्मान और आत्मीयता से भरा नजर आया।
शिक्षार्थियों को केंद्र तक पहुंचाने में मिला सहयोग- महापरीक्षा में शिक्षार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने में स्वयंसेवी शिक्षकों के साथ स्कूली बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मध्याह्न भोजन समूह के सदस्यों ने भी सहयोग किया, ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से औपचारिक शिक्षा से दूर रहे वयस्क शिक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर विशेष प्रयास किए गए।
24 केंद्रों पर अधिकारियों ने की निगरानी– परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए परीक्षा से पहले संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया,परीक्षा सामग्री और उत्तर पुस्तिकाओं का समय पर वितरण किया गया,परीक्षा के दौरान संभागीय, जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग की गई, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण,निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके,आयोजन में पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारियों,स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सहयोगी समूहों की सहभागिता भी रही।
सिर्फ पढ़ना-लिखना नहीं, जीवनोपयोगी ज्ञान का आंकलन– उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की महापरीक्षा का उद्देश्य केवल शिक्षार्थियों की पढ़ने-लिखने की क्षमता का परीक्षण करना नहीं है,इसमें बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और जीवन कौशल से संबंधित व्यावहारिक समझ का भी आंकलन किया जाता है,इसका उद्देश्य ऐसे वयस्कों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है,जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके। कोरिया में लक्षित सभी 201 शिक्षार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति अभियान के प्रति शिक्षार्थियों, स्वयंसेवी शिक्षकों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है।
साक्षर समाज के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास-उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जिले में वयस्कों को साक्षर बनाने के साथ उन्हें दैनिक जीवन में शिक्षा के व्यावहारिक उपयोग से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है,महापरीक्षा इसी अभियान का महत्वपूर्ण चरण रही। परीक्षा केंद्रों पर शिक्षार्थियों का उत्साह और विभिन्न सहयोगी समूहों की भागीदारी इस बात को रेखांकित करती है कि साक्षरता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं,बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है, कोरिया जिले में 24 केंद्रों पर 201 शिक्षार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ संपन्न महापरीक्षा ने जिले में वयस्क साक्षरता अभियान को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया है।


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