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रायपुर@एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया में सुधीर आजाद तम्बोली को राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी

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देशभर के संपादकों,पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को एक मंच पर लाने की तैयारी

रायपुर,27 सितम्बर 2026। एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने राष्ट्रीय संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए रायपुर (छत्तीसगढ़) के वरिष्ठ पत्रकार सुधीर आजाद तम्बोली को संगठन का राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सैयद खालिद कैस ने यह नियुक्ति आगामी आदेश तक प्रभावी रहने की जानकारी दी है। संगठन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर के रूप में सुधीर आजाद तम्बोली देशभर में संगठन की विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा पत्रकारों, संपादकों और मीडिया कर्मियों को संगठन से जोड़ने की दिशा में काम करेंगे। संगठन की योजना राज्य, संभाग, जिला और तहसील स्तर तक इकाइयों के विस्तार की है। एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया का कहना है कि उसका उद्देश्य प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े संपादकों, पत्रकारों तथा अन्य मीडिया कर्मियों को एक साझा राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है। संगठन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, प्रेस की स्वतंत्रता, पत्रकारिता की गरिमा तथा मीडिया कर्मियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए काम करने की बात कहता है।
पत्रकार सुरक्षा से लेकर डिजिटल पत्रकारिता तक फोकस : संगठन के प्रस्तावित कार्यक्षेत्र में पत्रकारों की सुरक्षा और कानूनी सहायता के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया गया है। पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की दिशा में पहल करने की बात संगठन ने कही है। इसके अलावा पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग तथा जरूरतमंद पत्रकारों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने को भी प्रमुख एजेंडे में रखा गया है। एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया की योजना राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की भी है। इनमें आधुनिक पत्रकारिता तकनीक, डिजिटल कौशल, कानूनी जानकारी, नेतृत्व क्षमता तथा बदलते मीडिया परिदृश्य से जुड़े विषयों को शामिल करने की बात कही गई है।
फेक न्यूज और डिजिटल मीडिया पर प्रशिक्षण
डिजिटल मीडिया के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच संगठन ने डिजिटल पत्रकारिता को संस्थागत पहचान दिलाने तथा पत्रकारों को नई तकनीक के अनुरूप तैयार करने पर भी जोर दिया है। फेक न्यूज की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव है। संगठन छोटे और क्षेत्रीय समाचार पत्रों के विकास के लिए विशेष अभियान चलाने तथा महिला पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रकोष्ठ गठित करने की दिशा में भी काम करने की बात कहता है। वहीं युवा पत्रकारों के लिए करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की योजना भी प्रस्तावित है।
निष्पक्ष और उत्तरदायी पत्रकारिता को बढ़ावा देने का दावा
एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने विजन में निष्पक्ष, निर्भीक, उत्तरदायी और जनहित आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देने की बात कही है। संगठन के मिशन में पत्रकारों और संपादकों के सम्मान, सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, प्रशिक्षण, कानूनी सहायता तथा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के लिए प्रयास करना शामिल है। सुधीर आजाद तम्बोली की नियुक्ति को संगठन के राष्ट्रीय विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। संगठन का मानना है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके अनुभव और समन्वय क्षमता का उपयोग देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत पत्रकारों एवं संपादकों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने में किया जा सकेगा। राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब संगठन के सामने राज्य से लेकर जिला और तहसील स्तर तक इकाइयों के विस्तार तथा मीडिया कर्मियों को एक साझा मंच से जोड़ने की चुनौती होगी। संगठन की आगामी गतिविधियों में इस संगठनात्मक विस्तार को प्रमुखता मिलने की संभावना है।


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