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कोरिया/ चरचा@ वंदे मातरम् के सामूहिक स्वर से गूंजा चरचा…राष्ट्रभावना से ओतप्रोत हुआ वातावरण

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सरस्वती शिशु मंदिर में 543 भैया-बहनों ने किया सामूहिक गायन,नगर के अन्य विद्यालयों में भी एक ही समय गूंजा राष्ट्रगीत
अतिथियों ने राष्ट्रप्रेम,एकता और जिम्मेदारी का दिया संदेश

-संवाददाता-
कोरिया/ चरचा,25 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
अखिल भारतीय विद्या भारती के निर्देशानुसार सरस्वती शिशु मंदिर, चरचा में ‘वंदे मातरम्’ सामूहिक गायन कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया,कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में राष्ट्रभक्ति,राष्ट्रीय एकता तथा राष्ट्रभावना को जागृत एवं सुदृढ़ करना रहा,कार्यक्रम में चरचा नगर के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य,शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,चरचा के प्राचार्य राम लखन यादव उपस्थित रहे,कार्यक्रम के संयोजक एवं सरस्वती शिशु मंदिर के व्यवस्थापक राम सागर सिंह रहे,जबकि अध्यक्षता प्रबंध समिति के अध्यक्ष अंचल किशोर राजवाड़े ने की,विशिष्ट अतिथि के रूप में अजय कुमार सिंह,सहसचिव एवं शासकीय अधिवक्ता तथा प्रदीप कुमार तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य,सरस्वती शिक्षा संस्थान एवं कोरिया विभाग प्रभारी उपस्थित रहे।
543 विद्यार्थियों ने एक साथ किया वंदे मातरम् का गायन-कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सरस्वती शिशु मंदिर चरचा के 543 भैया-बहनों द्वारा एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन रहा, निर्धारित समय पर विद्यालय के विद्यार्थी एक साथ खड़े हुए और एक स्वर में वंदे मातरम् का गायन किया, सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंज उठा,इसी क्रम में चरचा नगर के अन्य विद्यालयों में भी एक ही समय पर सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया,हिंद विद्यालय के 410 तथा स्वामी आत्मानंद विद्यालय के 205 विद्यार्थियों ने इसमें सहभागिता की,इसके अलावा ऑक्सफोर्ड विद्यालय,स्वामी रामदास स्कूल और वैष्णवी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी भी सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागी बने।
मुख्य अतिथि राम लखन यादव ने राष्ट्रप्रेम को जीवन में उतारने का किया आह्वान-कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राम लखन यादव ने विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति सम्मान,अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया,उन्होंने कहा कि राष्ट्रभावना केवल किसी विशेष अवसर पर व्यक्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए,बल्कि विद्यार्थियों के दैनिक व्यवहार,शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों में भी दिखाई देनी चाहिए,उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अध्ययन के प्रति गंभीर रहने,अनुशासन का पालन करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया,उनके अनुसार विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनके भीतर विकसित होने वाली सोच एवं संस्कार आगे चलकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में भूमिका निभाते हैं।
अजय कुमार सिंह ने एकता और जिम्मेदारी पर दिया जोर-विशिष्ट अतिथि अजय कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व से अवगत कराया,उन्होंने कहा कि अलग-अलग विद्यालयों के विद्यार्थियों का एक साथ आकर वंदे मातरम् का गायन करना सामूहिकता और एकता की भावना को प्रदर्शित करता है,उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन और सामाजिक चेतना को भी अपने जीवन में स्थान देने की बात कही,उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने से भी प्रकट होता है।
प्रदीप कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों को संस्कार और राष्ट्रचेतना से जोड़ा-विशिष्ट अतिथि प्रदीप कुमार तिवारी ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों में राष्ट्रभावना और सामाजिक चेतना का विकास शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है,उन्होंने सामूहिक कार्यक्रमों को विद्यार्थियों में एकता, अनुशासन और सहभागिता की भावना विकसित करने वाला माध्यम बताया,उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा देने का स्थान नहीं,बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और संस्कार निर्माण का केंद्र भी है, ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को देश, समाज और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा सकता है।
अंचल किशोर राजवाड़े ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जताया आभार
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रबंध समिति के अध्यक्ष अंचल किशोर राजवाड़े ने विभिन्न विद्यालयों से आए प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए आयोजन में सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया,उन्होंने कहा कि विभिन्न विद्यालयों की सामूहिक भागीदारी से कार्यक्रम का उद्देश्य और अधिक व्यापक हुआ,कार्यक्रम के संयोजक एवं विद्यालय के व्यवस्थापक राम सागर सिंह ने आयोजन की रूपरेखा और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों एवं सहभागी विद्यालयों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
एक समय,एक स्वर और एक भाव
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों की सहभागिता ने इसे सामूहिक स्वरूप प्रदान किया, सरस्वती शिशु मंदिर के 543,हिंद विद्यालय के 410 और स्वामी आत्मानंद विद्यालय के 205 विद्यार्थियों सहित अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता से चरचा नगर में एक साथ राष्ट्रभावना का संदेश पहुंचा, आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन करना नहीं था,बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम,राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी था,कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थी,शिक्षक एवं अतिथि एक साथ मौजूद रहे,सामूहिक गायन के समापन के बाद भी विद्यालय परिसर में उत्साह का वातावरण बना रहा, आयोजन ने विद्यार्थियों को एक साथ आने, एक स्वर में गायन करने और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से राष्ट्र के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर दिया।


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