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रायपुर@युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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  • मुख्यमंत्री एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को दिया जाएगा एआई प्रशिक्षण,मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान
  • वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य, युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें

रायपुर,24 सितम्बर 2026। युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार की क्षमता और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस पर सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना आज देश के लाखों युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला व्यापक अभियान बन चुकी है। एनएसएस से जुड़ने वाला युवा केवल गतिविधियों में भाग नहीं लेता, बल्कि समाज और अपने आसपास की परिस्थितियों को अधिक संवेदनशीलता से समझना सीखता है। लोगों की समस्याओं को समझना, जिम्मेदारी लेना, टीम के साथ कार्य करना और समाधान के लिए स्वयं आगे आना – ये ऐसे संस्कार हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम बनाते हैं उन्होंने कहा कि सेवा के किसी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए। कई बार एक युवा द्वारा किया गया छोटा-सा प्रयास भी पूरे समाज को प्रेरित कर सकता है। किसी गांव में स्वच्छता के लिए पहल करना, जरूरतमंद के लिए रक्तदान करना, पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना अथवा किसी व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना – ऐसे प्रयास समाज में बड़े परिवर्तन की नींव बनते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसा व्यापक मंच तैयार किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नेतृत्व, कौशल विकास और अनुभव आधारित सीख के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं अपने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक रहे हैं।
सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं युवा
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि एनएसएस और सेवा संकल्प अभियान की मूल भावना एक ही है – सेवा के लिए स्वयं आगे आना और समाज को भी सेवा कार्यों से जोड़ना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनके जन्मदिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। एनएसएस के युवा स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ गांवों, बस्तियों और शहरों में भी लोगों को इन अभियानों से जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में समाज को प्रेरित करने की अपार क्षमता है। जब युवा किसी अच्छे उद्देश्य के लिए आगे आते हैं तो उनके साथ परिवार, समाज और समुदाय भी जुड़ता है। इसलिए एनएसएस स्वयंसेवकों की एक छोटी पहल भी व्यापक और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है।
युवाओं का भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सामर्थ्य यहां के युवा हैं। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसरों का लगातार विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में भर्ती परीक्षाओं के प्रति भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता रही है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर योग्य युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में लगभग 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है।
नई औद्योगिक नीति से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में निवेश के साथ-साथ रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि विगत डेढ़ वर्षों में प्रदेश को 8 लाख 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और अनेक परियोजनाओं में धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि उद्योग नीति तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि प्रदेश में आने वाले निवेश का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिले। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। एक हजार स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। इससे आने वाले वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को मिल रहा बेहतर वातावरण
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और वातावरण उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण, पुस्तकें और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।
नौकरी मांगने वाले ही नहीं,रोजगार देने वाले बनें युवा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बदलते समय में रोजगार को लेकर हमारी सोच भी व्यापक होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के युवा केवल नौकरी पाने वाले न रहें,बल्कि अपने नवाचार, प्रतिभा और उद्यमशीलता के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने वाले भी बनें। राज्य सरकार इसके लिए स्टार्टअप और उद्यमिता का अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता,कौशल और नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा अपने विचारों को उद्यम में बदलें और छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं।
एआई सहित भविष्य की तकनीकों में आगे बढ़ेंगे छत्तीसगढ़ के युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों की ओर बढ़ रही है। आने वाले समय में शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में इन तकनीकों की भूमिका बढ़ेगी। इसलिए छत्तीसगढ़ के युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत प्रदेश के छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीक की समझ के साथ भविष्य के रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।


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