- बिना दस्तावेज मिलीं एमटीपी किट,फार्मासिस्ट की गैरमौजूदगी से लेकर बिना बिल दवाओं के भंडारण तक सामने आईं कई खामियां
- एडीसी जितेन्द्र पाटीदार और औषधि निरीक्षक आलोक मिंज की कार्रवाई,दोनों औषधि अनुज्ञप्तियां तत्काल प्रभाव से निरस्त
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर,22 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर क्षेत्र में औषधि प्रशासन विभाग ने मेडिकल स्टोर के संचालन में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई की है,विभाग ने वार्ड क्रमांक 01, जूनापारा,ग्राम बिशुनपुर स्थित मेसर्स क्योर मेडिकल स्टोर की दोनों औषधि अनुज्ञप्तियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी हैं,विभागीय निरीक्षण के दौरान पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति,दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों का उपलब्ध नहीं होना,शेड्यूल एच-1 रजिस्टर का संधारण नहीं किया जाना तथा एमटीपी किटों के वैध क्रय दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने जैसी कमियां दर्ज की गई थीं। यह कार्रवाई सहायक औषधि नियंत्रक जितेन्द्र पाटीदार के आदेश पर की गई, निरीक्षण एवं कार्रवाई की प्रक्रिया में औषधि निरीक्षक आलोक मिंज भी शामिल रहे,विभाग द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद फर्म संचालक की ओर से जवाब प्रस्तुत किया गया,लेकिन विभागीय परीक्षण में जवाब को संतोषजनक नहीं माना गया,इसके बाद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली के प्रावधानों के तहत लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
कई दवाओं के क्रय
दस्तावेज नहीं मिले
कई दवाओं के क्रय दस्तावेज नहीं मिले- निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकान में उपलब्ध दवाओं के क्रय संबंधी बिल और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, विभागीय कार्रवाई के अनुसार कुछ दवाओं के संबंध में आवश्यक क्रय दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके, इनमें Cepocef-50 Dry Syrup, Unocef OF Dry Syrup तथा Cefredrox 200 DT Tablets का उल्लेख किया गया है, दवाओं के क्रय दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने को विभाग ने गंभीर कमी के रूप में दर्ज किया, दवा कारोबार में क्रय बिल और संबंधित अभिलेखों के माध्यम से दवाओं के स्रोत तथा उनके वैध क्रय-विक्रय की जानकारी का सत्यापन किया जाता है। ऐसे में दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर विभाग ने फर्म से स्पष्टीकरण मांगा।
शेड्यूल एच-1 रजिस्टर भी नहीं मिला- निरीक्षण के दौरान Schedule H1 Register के संधारण को लेकर भी कमी सामने आई, विभागीय निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार दुकान में यह रजिस्टर संधारित नहीं पाया गया, इसके अलावा निरीक्षण की तारीख तक दवाओं की बिक्री से संबंधित वैध बिल बुक अथवा बिक्री अभिलेख भी मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए, विभाग ने इन कमियों को औषधि कारोबार से जुड़े अनिवार्य रिकॉर्ड संधारण के संदर्भ में गंभीर माना।
एमटीपी किटों के वैध दस्तावेज नहीं किए गए प्रस्तुत-निरीक्षण के दौरान दुकान में गर्भपात से संबंधित दवाओं की किट भी पाई गईं, विभागीय दस्तावेज के अनुसार इनमें MIFTY Kit (Mifepristone & Misoprostol Tablets) की 11 किट तथा Prega End Kit की 5 किट शामिल थीं, इन किटों के क्रय से संबंधित वैध दस्तावेज अथवा बिल निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत नहीं किए जा सके, बाद में कारण बताओ नोटिस के जवाब के साथ भी संबंधित किटों के वैध क्रय-विक्रय दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, विभाग ने इस बिंदु को विशेष रूप से गंभीरता से लिया और इसे लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई में प्रमुख आधारों में शामिल किया।
21 अगस्त को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस-निरीक्षण में सामने आई विभिन्न कमियों के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 21 अगस्त 2026 को फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया,नोटिस में निरीक्षण के दौरान दर्ज अनियमितताओं को लेकर फर्म से स्पष्टीकरण मांगा गया,फर्म की प्रोपराइटर श्रीमती नुसरतउन निशा ने 7 सितंबर 2026 को अपना लिखित जवाब प्रस्तुत किया, विभागीय विवरण के अनुसार जवाब में उन्होंने सामने आई कमियों को जानबूझकर नहीं किया जाना बताया तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होने का आश्वासन देते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया।
विभाग ने जवाब को नहीं माना संतोषजनक
प्रस्तुत जवाब का विभागीय स्तर पर परीक्षण किया गया,औषधि निरीक्षक द्वारा बिंदुवार परीक्षण के बाद फर्म के स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना गया,विशेष रूप से एमटीपी किटों के संबंध में वैध क्रय दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराएजाने को विभाग ने गंभीर माना, विभाग के अनुसार भविष्य में गलती नहीं दोहराने का आश्वासन उन वैधानिक दस्तावेजों की कमी को पूरा नहीं करता,जिनसे दवाओं के वैध स्रोत और क्रय की पुष्टि की जा सके, इसके बाद अनुज्ञापन प्राधिकारी ने फर्म के विरुद्ध लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की।
राज्यव्यापी विशेष अभियान के दौरान हुआ निरीक्षण
विभागीय जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर के निर्देशानुसार चलाए गए विशेष सघन प्रवर्तन अभियान के तहत हुई,19 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक प्रदेशभर में औषधि प्रतिष्ठानों की जांच का अभियान चलाया गया था, इसी क्रम में 20 अगस्त 2026 को खाद्य एवं औषधि प्रशासन बैकुण्ठपुर की संयुक्त टीम ने क्योर मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण किया,निरीक्षण दल में सहायक औषधि नियंत्रक जितेन्द्र पाटीदार तथा औषधि निरीक्षक आलोक मिंज शामिल थे,जांच के दौरान फर्म की प्रोपराइटर एवं पंजीकृत फार्मासिस्ट नुसरतउन निशा दुकान में मौजूद नहीं थीं,विभागीय निरीक्षण के समय दुकान का संचालन उनके पति/कर्मचारी शहंशाह आलम द्वारा किया जा रहा था।
फार्मासिस्ट की गैरमौजूदगी भी बनी कार्रवाई का आधार
औषधि दुकान के निरीक्षण के दौरान पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति को विभाग ने गंभीरता से लिया, निरीक्षण रिपोर्ट में दर्ज किया गया कि दुकान संचालन के समय संबंधित पंजीकृत फार्मासिस्ट मौके पर उपस्थित नहीं थीं,विभाग ने इसे औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली,1945 के नियम 65(2) के प्रावधानों के संदर्भ में अनियमितता माना,औषधि दुकान के संचालन में निर्धारित शर्तों के पालन और अधिकृत फार्मासिस्ट की उपलब्धता को लेकर विभाग ने जवाब मांगा।
दोनों औषधि लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त
सहायक औषधि नियंत्रक, बैकुण्ठपुर जिला कोरिया जितेन्द्र पाटीदार द्वारा जारी आदेश में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के नियम 66(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए क्योर मेडिकल स्टोर को जारी दोनों औषधि अनुज्ञप्तियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया, निरस्त की गई अनुज्ञप्तियों में 20/RLF20CT2024004215 एवं 21/RLF21CT2024004213 शामिल हैं, लाइसेंस निरस्त होने के बाद संबंधित फर्म इन अनुज्ञप्तियों के आधार पर औषधि कारोबार नहीं कर सकेगी।
मूल लाइसेंस जमा कराने के निर्देश
विभाग ने फर्म को दोनों मूल औषधि लाइसेंस संबंधित कार्यालय में तत्काल जमा कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही दुकान में उपलब्ध शेष औषधि स्टॉक के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है, स्टॉक के निपटारे के लिए औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली के नियम 66्र के तहत प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पुलिस थाना और दवा विक्रेता संघ को भेजी गई प्रति
लाइसेंस निरस्तीकरण आदेश की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी, पुलिस थाना चरचा,जिला कोरिया को भी भेजी गई है,इसके अलावा आदेश की एक प्रति सचिव,जिला दवा विक्रेता संघ,बैकुण्ठपुर को भी प्रेषित की गई है,कार्रवाई के बाद जिले के मेडिकल स्टोर संचालकों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है,दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित बिल,रजिस्टर,फार्मासिस्ट की उपलब्धता तथा संवेदनशील दवाओं से जुड़े अभिलेखों के संधारण को लेकर अब संचालकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।
अनियमित गतिविधियों का संघ
समर्थन नहीं करता : शैलेश गुप्ता
जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष शैलेश गुप्ता ने कहा कि संघ किसी भी प्रकार की अनियमित अथवा नियम विरुद्ध गतिविधियों का समर्थन नहीं करता, सभी दवा विक्रेताओं को शासन और औषधि प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों,कानूनों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए,उन्होंने कहा कि दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित बिल,रजिस्टर और अन्य अभिलेखों का विधिवत संधारण किया जाना चाहिए। संवेदनशील दवाओं की बिक्री में विशेष सावधानी बरतना भी जरूरी है,उन्होंने जिले के सभी दवा विक्रेताओं से अपने प्रतिष्ठानों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप करने की अपील की,ताकि आम लोगों को सुरक्षित एवं वैध औषधियां उपलब्ध हो सकें,लंबे समय बाद लाइसेंस निरस्तीकरण की इस कार्रवाई ने जिले में औषधि दुकानों के संचालन और रिकॉर्ड व्यवस्था को लेकर विभागीय निगरानी की गंभीरता को सामने ला दिया है, अब निगाह इस बात पर रहेगी कि आने वाले समय में अन्य औषधि प्रतिष्ठानों में भी इसी तरह निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच का अभियान आगे बढ़ता है या नहीं।
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