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खड़गवां,@ किसानों के हित में बड़ी पहल,कोडांगी नहर के जीर्णोद्धार को मिली स्वीकृति

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पोंडीडीह-कोडांगी क्षेत्र के किसानों का लंबा इंतजार खत्म…बारिश के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
-संवाददाता-
खड़गवां 02 सितम्बर  2026 (घटती-घटना)। क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है, लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी पोंडीडीह–कोडांगी क्षेत्र से होकर गुजरने वाली कोडांगी नहर के जीर्णोद्धार कार्य को आखिरकार स्वीकृति मिल गई है, बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद नहर के निर्माण एवं जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ किए जाने की बात कही गई है।
जनपद सदस्य एवं सहकारिता एवं उद्योग समिति के सभापति युगांतर श्रीवास्तव ने बताया कि कोडांगी नहर की जर्जर स्थिति को लेकर लगातार किसानों की आवाज प्रशासन एवं संबंधित विभाग तक पहुंचाई जाती रही, जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठकों में भी कई बार नहर की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाते हुए इसके तत्काल मरम्मत एवं जीर्णोद्धार की मांग रखी गई, उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या के संबंध में तत्कालीन कलेक्टर डॉ. राहुल वेंकट को भी पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था, किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन कलेक्टर द्वारा संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने और कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए थे।
किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था होगी मजबूत
कोडांगी क्षेत्र के किसानों को लंबे समय से नहर की खराब स्थिति के कारण सिंचाई संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, नहर के जीर्णोद्धार की स्वीकृति मिलने के बाद अब क्षेत्र के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है, इससे कृषि कार्य को मजबूती मिलने के साथ ही किसानों को राहत मिलने की संभावना है, युगांतर श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों के लंबे इंतजार के बाद नहर के जीर्णोद्धार को स्वीकृति मिलना क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, उन्होंने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने के लिए तत्कालीन कलेक्टर डॉ. राहुल वेंकट के प्रति आभार भी व्यक्त किया, क्षेत्रवासियों और किसानों की निगाहें बारिश के बाद शुरू होने वाले निर्माण कार्य पर टिकी हैं, किसानों को उम्मीद है कि नहर का जीर्णोद्धार समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि आने वाले समय में सिंचाई के लिए उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

—युगांतर श्रीवास्तव
जनपद सदस्य एवं सभापति, सहकारिता एवं उद्योग समिति


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