अंबिकापुर 24 मार्च 2022 (घटती-घटना)।अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में पीजी कोर्स शुरू होने से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर होगी। इसके लिए कवायद शुरू हो गई है। गुरुवार को माइक्रोबायोलॉजी विभाग के लिए एनएमसी की एक सदस्य टीम अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज पहुंची।टीम ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल व मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा 15 विषयों में एमडी, एमएस के लिए 48 सीटों पर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु अभिमत एवं अनुशंसा प्रस्ताव भी मिल गया है और अभिमत एवं अनुशंसा प्रमाण पत्र मिलने के बाद प्रत्येक विषय हेतु निर्धारित शुल्क दो लाख 36 हजार रुपए मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर द्वारा एनएमसी को भेजा जा चुका था।
गौरतलब है कि संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शसकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर की स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी। वर्ष 2016 में एमबीबीएस प्रवेशित प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को एमबीबीएस उपाधि की मान्यता राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) द्वारा 1 वर्ष के लिए प्रदान की जा चुकी है।
यहां स्वास्थ्य सुविधा के गुणवत्ता सुधार व जनहित में स्नातकोत्तर उपाधिधारी चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि की आवश्यकता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने पीजी कोर्स शुरू करने की पहल शुरू कर की है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का इसमें लिए विशेष योगदान माना जा रहा है।
15 विषयों में एमडी, एमएस खोलने के लिए 48 सीटों पर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु अभिमत एवं अनुशंसा प्रस्ताव भी मिल गया है और अभिमत एवं अनुशंसा प्रमाण पत्र मिलने के बाद प्रत्येक विषय के हिसाब से दो लाख 36 हजार रुपए की राशि मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर द्वारा एनएमसी को भेजी गई थी। इसी प्रक्रिया के तहत गुरुवार को माइक्रोबायोलॉजी विभाग के लिए एनएमसी की एक सदस्य टीम अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज पहुंची। और मेडिकल कॉलेज के हर विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल का भी निरीक्षण किया। टीम ने ओटी, गायनी, लेबर वार्ड सहित अन्य विभाग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ रमेश मूर्ति, एमएस डॉक्टर लखन सिंह सहित सभी विभाग के प्रमुख उपस्थित रहे।
15 विषयों के लिए भेजा गया है प्रस्ताव
15 विषयों में एमडी, एमएस खोलने के लिए 48 सीटों पर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु अभिमत एवं अनुशंसा प्रस्ताव भी मिल गया है और अभिमत एवं अनुशंसा प्रमाण पत्र मिलने के बाद प्रत्येक विषय के हिसाब से दो लाख 36 हजार रुपए की राशि मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर द्वारा एनएमसी को भेजी गई थी। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की पहली टीम निरीक्षण कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को प्रस्तुत करेगा। इसी तरह अन्य विषयों के लिए भी निरीक्षण के लिए एनएमसी की टीम अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल एक एक कर पहुंचेगी।
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