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रायपुर@एम्बुलेंस बनी नशे की खेप ढोने का जरिया…रायपुर रेंज पुलिस ने 520 किलो गांजा पकड़ा,9 तस्कर गिरफ्तार

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रायपुर,30 जनवरी 2026। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में रायपुर रेंज पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक हाथ लगी है। ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और महासमुंद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एम्बुलेंस से तस्करी किया जा रहा 520 किलो अवैध गांजा जब्त किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई महासमुंद जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र में की गई,जहां ओडिशा से महाराष्ट्र तक फैले अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क को तोड़ते हुए थोक खरीदार,परिवहन सरगना और सप्लायर समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल कर रहे थे और गांजा ओडिशा से महाराष्ट्र के पुणे इलाके तक पहुंचाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में सप्लाई चेन की हर कड़ी बैकवर्ड लिंक सप्लायर से लेकर फॉरवर्ड लिंक खरीदार तक का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पुणे निवासी रामदास चंदू सोनवाने को मुख्य थोक खरीदार बताया गया है, जिसका आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके साथ उसके दोनों बेटे भी गांजा वितरण नेटवर्क में सक्रिय पाए गए हैं। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़ी करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान की है,जिन्हें SAFEMA के तहत अटैच करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा परिवहन का संचालन करने वाले मुख्य सरगना आकाश जाधव को भी गिरफ्तार किया गया है, जो सोशल मीडिया पर ÒSarpmitra Akash JadhavÓ के नाम से सक्रिय था। जांच में खुलासा हुआ है कि वह पिछले एक साल में कम से कम छह बार गांजा ट्रांसपोर्ट कर चुका है। उसकी करीब 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति भी चिन्हित की गई है। इसके अलावा ओडिशा के कालाहांडी जिले से गांजा सप्लाई करने वाले बैकवर्ड लिंक आरोपी रंजन दुर्गा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में थाना कोमाखान में एनडीपीएस एक्ट सहित बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि विवेचना जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, वित्तीय लेन-देन और अवैध संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।


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