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रायपुर@आईपीएस अफसर को कांग्रेस का मिला साथ,दीपक बैज ने बताया संवेदनशील मुद्दा

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रायपुर,29 जनवरी 2026। कवर्धा के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र छवई द्वारा राज्य सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कवर्धा एसपी का बयान सरकार के लिए गंभीरता से सोचने का विषय है। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार प्रमोशन और स्थानांतरण की प्रक्रिया में एससी-एसटी और विशेष वर्ग के अधिकारियों के साथ भेदभाव कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जो सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करती हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कवर्धा के पुलिस अधीक्षक ने एक सही और संवेदनशील मुद्दा उठाया है। दरअसल छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में पदोन्नति को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) 2012 बैच के कवर्धा पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवई ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने साथ हुए कथित अन्याय, भेदभाव और संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन की पीड़ा व्यक्त की है। पत्र में अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नियमों के बावजूद उन्हें जानबूझकर पदोन्नति से वंचित किया गया।धर्मेंद्र सिंह छवई वर्तमान में कवर्धा पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं और पुलिस मुख्यालय द्वारा समय-समय पर जारी की गई पदोन्नति सूचियों (10 अक्टूबर 2024, 31 दिसंबर 2024, 26 मई 2025 और 31 जुलाई 2025) में उनके नाम पर विचार किया गया, लेकिन उन्हें पदोन्नत नहीं किया गया।
इसका कारण बताया गया कि उनके विरुद्ध लोकायुक्त संगठन, भोपाल में जांच लंबित है। अधिकारी ने अपने दर्द को शब्दों में बयां करते हुए लिखा है कि जिन अधिकारियों पर उनसे कहीं अधिक गंभीर आरोप हैं, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज हैं और जिन मामलों में न्यायालय से अंतिम रिपोर्ट तक नहीं आई है, उन्हें पदोन्नति का लाभ दे दिया गया। जबकि उनके मामले में न तो चार्जशीट जारी हुई है और न ही कोई विभागीय कार्यवाही लंबित है।


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