वाराणसी,24 जनवरी 2026। मोक्ष नगरी काशी में अब अंतिम यात्रा भी रिकॉर्ड में दर्ज होगी। वाराणसी नगर निगम ने श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों में शवों की गिनती और पंजीकरण की नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत अब अंतिम संस्कार से पहले शव का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। इस पहल का उद्देश्य मृत्यु से जुड़े आंकड़ों को व्यवस्थित करना और परिजनों को प्रशासनिक सहूलियत देना है। नगर निगम ने मणिकर्णिका घाट और महाश्मशान हरिश्चंद्र घाट पर 24 घंटे निःशुल्क शव पंजीकरण की सुविधा शुरू की है। हरिश्चंद्र घाट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा शहर के 12 कब्रिस्तानों में अलग-अलग पंजीकरण केंद्र खोले जाएंगे, जहां दफन किए जाने वाले शवों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा।
पंजीकरण में दर्ज होगी पूरी जानकारी
: शव पंजीकरण के दौरान मृतक का नाम,पता, आयु, मृत्यु का कारण,परिजनों और गवाहों की जानकारी दर्ज की जाएगी। पंजीकरण के बाद परिजनों को एक रसीद दी जाएगी,जिससे आगे चलकर मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। नगर निगम के मुताबिक बिना पंजीकरण के शवदाह या दफन की अनुमति नहीं दी जाएगी। बताया जा रहा है कि दशकों पहले महाश्मशान में शवों के पंजीकरण की व्यवस्था थी, जो 90 के दशक में बंद हो गई थी। अब नगर निगम ने इसे नए और आधुनिक रूप में फिर से शुरू किया है।
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