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बैकुंठपुर@ स्वास्थ्य विभाग में पदोन्नति पर बड़ा सवाल, वरिष्ठ को हटाकर कनिष्ठ बना लिपिक

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चतुर्थ से तृतीय श्रेणी पदोन्नति विवादों में, लेनदेन का आरोप
वरिष्ठ अपात्र, कनिष्ठ योग्य? स्वास्थ्य विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया संदेह के घेरे में
पदोन्नति आदेश ने खोली विभागीय पोल, कर्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप
स्वास्थ्य विभाग में नियम ताक पर, पदोन्नति में उठा लेनदेन का मामला
चौकीदार से लिपिक पदोन्नति पर सवाल, वरिष्ठता सूची दरकिनार
पात्र कर्मचारी बाहर, कनिष्ठ अंदर — स्वास्थ्य विभाग की पदोन्नति पर सवाल
पदोन्नति में अनदेखी या अनियमितता? कर्मचारी ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
वरिष्ठता को दरकिनार कर जारी हुआ पदोन्नति आदेश, विभाग कटघरे में
स्वास्थ्य विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप

-रवि सिंह-
बैकुंठपुर,24 जनवरी 2026(घटती-घटना)।
कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी लिपिक पद पर हुई पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, प्रभावित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने विभाग पर वरिष्ठ को अपात्र ठहराकर कनिष्ठ को पदोन्नति देने का आरोप लगाया है,शिकायतकर्ता का कहना है कि वह पदोन्नति के लिए पूर्णतः पात्र एवं वरिष्ठ होने के बावजूद उसे प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया, जबकि उससे कनिष्ठ कर्मचारी को पदोन्नति प्रदान कर दी गई। आरोप है कि यह पदोन्नति लेनदेन के आधार पर की गई है, यह समाचार शिकायत कर्ता के आरोपों एवं उपलब्ध सूत्रीय जानकारियों पर आधारित है, जांच अथवा विभागीय पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान रूप से प्रकाशित किया जाएगा।
चौकीदार से लिपिक पदोन्नति बना विवाद का कारण- यह मामला चौकीदार पद से तृतीय श्रेणी लिपिक पद पर पदोन्नति से जुड़ा हुआ है, शिकायतकर्ता के अनुसार विभागीय नियमों के तहत वरिष्ठता और पात्रता की अनदेखी कर मनमाने ढंग से आदेश जारी किया गया, प्रार्थी का दावा है कि वह सेवा अवधि में सबसे वरिष्ठ था, सभी निर्धारित योग्यताएं पूर्ण करता था, फिर भी उसे पदोन्नति से वंचित कर दिया गया, जबकि उसके स्थान पर सबसे कनिष्ठ कर्मचारी को लाभ पहुंचाया गया।
लेनदेन के आरोप, पुष्टि जांच पर निर्भर- शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए लेनदेन संबंधी आरोपों को लेकर यह स्पष्ट किया गया है कि यह समाचार आरोपों के आधार पर प्रकाशित है, लेनदेन अथवा दोषपूर्ण पदोन्नति की पुष्टि जांच एवं जांच उपरांत सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी, दैनिक घटती घटना इस लेनदेन की पुष्टि नहीं करता, किंतु पदोन्नति पाए कर्मचारी को लेकर सूत्रों से प्राप्त जानकारियां चौंकाने वाली बताई जा रही हैं।
पदोन्नत कर्मचारी की सेवा-यात्रा पर उठे सवाल- सूत्रों के अनुसार, जिस कर्मचारी को चौकीदार पद से तृतीय श्रेणी लिपिक पद पर पदोन्नत किया गया है, उसकी अब तक की शासकीय सेवा काफी विवादास्पद और रोचक रही है, जानकारी के अनुसार वह जिला चिकित्सालय में चौकीदार पद पर पदस्थ था, लेकिन लंबे समय से कार्यालयीन कार्यों में लिपिक की तरह कार्य कर रहा था, उसे ऐसे विभागों में जिम्मेदारी दी गई जहां आर्थिक लेनदेन से जुड़े कार्य होते हैं।
मेडिकल क्लेम सत्यापन में वसूली के आरोप- सूत्रों का दावा है कि संबंधित कर्मचारी को मेडिकल क्लेम सत्यापन से जुड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी, इस दौरान वह लगातार आर्थिक लेनदेन के संपर्क में रहा, कथित रूप से इसी अवधि में उसने चल-अचल संपत्ति भी अर्जित की, बताया जा रहा है कि चौकीदार पद पर रहते हुए वह व्यवहारिक रूप से लिपिक की भूमिका निभाता रहा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से उसके नजदीकी संबंध भी बने रहे।
संपर्कों का मिला लाभ?- सूत्रों का मानना है कि लंबे समय से कार्यालयीन कार्य करने, अधिकारियों से नजदीकी संपर्क, और विभागीय अंदरूनी पहुंच का सीधा लाभ पदोन्नति प्रक्रिया में मिला, जिसके कारण कनिष्ठ होते हुए भी उसे तृतीय श्रेणी लिपिक पद पर पदोन्नत कर दिया गया।
जांच की उठी मांग- अब यह पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है, कर्मचारी संगठनों और विभागीय कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि क्या पदोन्नति नियमों के अनुरूप हुई? वरिष्ठता सूची का पालन क्यों नहीं किया गया? क्या आर्थिक लेनदेन के आरोपों की जांच होगी? प्रभावित कर्मचारी ने मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।


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