47 लाख के इनामी,इंसास,एसएलआर जैसे हथियार लेकर आए
धमतरी,23 जनवरी 2026 । धमतरी में नक्सलवाद के खिलाफ जारी जंग में एक और निर्णायक जीत मिली है। धमतरी जिला अब आधिकारिक तौर पर नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। माओवादी संगठन सीतानदी एरिया कमेटी के आखिरी बचे 09 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं। रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा के सामने इन नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। ये वही नक्सली हैं जिन पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। धमतरी जिला…कभी नक्सली आतंक का गढ़ माना जाता था…सीतानदी, सिहावा, नगरी के दुर्गम जंगल…जहां सुरक्षा बलों को हर कदम फूंक-फूंक कर रखना पड़ता था लेकिन लगातार चलाए गए नक्सल उन्मूलन अभियान,सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति और सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण नीति का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। सीतानदी एरिया कमेटी के आखिरी बचे 09 नक्सलियों ने आज धमतरी में पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। इनमें 7 महिला और 2 पुरुष नक्सली शामिल हैं। इन सभी पर अलग-अलग इनाम घोषित था— दो नक्सलियों पर 8-8 लाख,छह नक्सलियों पर 5-5 लाख,और एक नक्सली पर 1 लाख रुपये का इनाम यानि कुल मिलाकर 47 लाख रुपये के इनामी नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। ये सिर्फ आत्मसमर्पण नहीं…ये नक्सलवाद की कमर टूटने का संकेत है। आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने कई घातक हथियार भी पुलिस के हवाले किए जिनमें से 5 ऑटोमैटिक राइफल,2 एसएलआर, 2 इंसास राइफल,1 कार्बाइन, एक भरमार बंदूक और करीब 50 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके साथ ही संचार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वॉकी-टॉकी, रेडियो और टैबलेट भी पुलिस ने जब्त किए हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी संगठन के बड़े और सक्रिय चेहरे शामिल हैं। ज्योति उर्फ जैनी/रेखा – डीवीसीएम (टेक्निकल),सचिव,सीतानदी एरिया कमेटी-8 लाख,उषा उर्फ बल्मा-8 लाख,रामदास मरकाम – एलओएस कमांडर – 5 लाख,रोनी उर्फ उमा – एरिया कमांडर – 5 लाख ,निरंजन – एससीएम (टेक्निकल) – 5 लाख,सिंधु – एसीएम – 5 लाख,रीना – एसीएम – 5 लाख,अमिला उर्फ सन्नी – एसीएम – 5 लाख,लक्ष्मी उर्फ आरती उषा – बॉडीगार्ड – 1 लाख का इनाम था। आत्मसमर्पण करने वाले इन 09 नक्सलियों में 6 बीजापुर, 1 तेलंगाना,1 नारायणपुर, और 1 सुकमा जिले का मूल निवासी है। जो लंबे समय से धमतरी, गरियाबंद और ओडिशा के नुआपड़ा डिवीजन में सक्रिय थे और सीतानदी एरिया कमेटी की गतिविधियों को संचालित कर रहे थे। धमतरी…जहां कभी गोलियों की आवाजें गूंजती थीं…आज वहां शांति की दस्तक है धमतरी की धरती से नक्सलवाद का साया हट चुका है।
एसपी कार्यालय में हुआ आत्मसमर्पण
जानकारी के मुताबिक, यह आत्मसमर्पण धमतरी जिले के एसपी कार्यालय में हुआ। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस और गोबरा एलओएस में एक्टिव थे। इसके अलावा बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, धमतरी और गरियाबंद जिलों में कई नक्सल वारदातों में शामिल रहे हैं।
आईजी बोले- सरकार की पुनर्वास नीति से लौट रहे मुख्यधारा में…
आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर दिख रहा है। नक्सली संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। आने वाले समय में भी इस तरह के आत्मसमर्पण की संभावना है।
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