Breaking News

खड़गवां@ साइबर ठगों से बचने और यातायात नियमों के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक

Share


खड़गवां,23 जनवरी 2026 (घटती-घटना)।
पुलिस आपके द्वार साइबर ठगों से बचने और यातायात नियमों के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक ग्राम पंचायत आमाडांड सरपंच पारा में लगा ‘चलित थाना’, पुलिस ने ग्रामीणों को सिखाए सुरक्षा के गुर आमाडांड ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जनता के बीच पुलिस की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से गांव आमाडांड में ‘चलित थाना’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में न केवल ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं, बल्कि उन्हें आधुनिक दौर के अपराधों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान थाना खड़गवां पुलिस स्टॉफ ने वर्तमान में बढ़ते साइबर फ्रॉड पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने ग्रामीणों को विस्तार से समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति का फोन आने पर किसी प्रकार की कोई जानकारी या अपना (ओटीपी) साझा ना करें। लालच देने वाले फोन कॉल्स और फर्जी लिंक से सावधान रहें साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर का उपयोग करें।
यातायात जागरूकता और राहगीर योजना
खड़गवां थाना प्रभारी सुनील तिवारी ने सड़क सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि हेलमेट पहनना और यातायात नियमों का पालन करना क्यों अनिवार्य है। साथ ही, ‘राहवीर योजना’ की जानकारी देते हुए बताया गया कि दुर्घटना के समय घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को पुलिस द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि किसी की जान बचाई जा सके।
डिजिटल पुलिसिंग: सिटीजन सेंटिनल का उपयोग
पुलिस टीम ने ग्रामीणों को ‘सिटीजन सेंटिनल’ ऐप के बारे में डेमो देकर जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि कैसे वे सजग नागरिक बनकर अपराधों की सूचना सीधे पुलिस तक पहुँचा सकते हैं और पुलिस के आंख-कान बन सकते हैं। हमारा उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करना है। चलित थाने के माध्यम से हम सीधे आप तक पहुँच रहे हैं ताकि आप सुरक्षित महसूस करें और अपराध मुक्त समाज बनाने में सहयोग दें। इस अवसर पर थाना प्रभारी खड़गवां सुनील तिवारी,अधीनस्थ पुलिसकर्मी और ग्राम सरपंच पंच ग्राम आमाडांड क¸े जागरूक नागरिक उपस्थित रहे।


Share

Check Also

अंबिकापुर@6 महीने में चौथी फरारी : प्लेस ऑफ सेफ्टी और बाल संप्रेक्षण गृह 2-2 से बराबर,आखिर कब जागेगा बाल संरक्षण तंत्र ?

Share बैठक दिन में,रात में फिर फरारी…2012 से खाली जिला बाल संरक्षण अधिकारी का पद,प्रभारी …

Leave a Reply