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बैकुण्ठपुर@ आत्मानंद विद्यालय में छात्र से मारपीट का मामला सुलह के बाद समाप्त?

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  • शिक्षा विभाग की भूमिका और अनुशासनात्मक प्रक्रिया पर उठे सवाल
  • घटना के बाद पालकों के बीच आपसी सहमति, प्रशासनिक समीक्षा जारी
  • बैकुंठपुर आत्मानंद विद्यालय में छात्र मारपीट प्रकरण का सुलह से निपटारा
  • छात्रों के बीच हुई मारपीट के मामले में सुलह, विभागीय कार्रवाई पर नजर
  • विद्यालय परिसर की घटना सुलह के साथ समाप्त, प्रशासनिक जिम्मेदारी पर चर्चा
  • छात्र मारपीट मामला: सुलह हुई, लेकिन सवाल अब भी बाकी
  • आत्मानंद विद्यालय की घटना ने अनुशासन व्यवस्था पर ध्यान खींचा
  • छात्रों के बीच विवाद के बाद सुलह, शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान
  • विद्यालय में घटित घटना पर प्रशासनिक प्रक्रिया जारी
  • पीड़ित छात्र के साथ हुई घटना के बाद पालकों के बीच समझौता,शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर


-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर,13 जनवरी 2026 (घटती-घटना)।
कोरिया जिले के बैकुंठपुर मिनी स्टेडियम परिसर स्थित आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में घटित एक छात्र मारपीट की घटना अब सुलह के साथ समाप्त हो गई है, हालांकि मामले के समाप्त होने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन की भूमिका और अनुशासनात्मक प्रक्रिया को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं,आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का यह प्रकरण अब सुलह के साथ समाप्त हो चुका है, लेकिन इससे जुड़े प्रश्न शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं,अब यह शिक्षा विभाग पर निर्भर करता है कि वह प्राचार्य की भूमिका की समीक्षा कैसे करता है, और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस दिशा-निर्देश जारी करता है, ताकि विद्यालय परिसर वास्तव में छात्रों के लिए सुरक्षित और अनुशासित वातावरण बना रह सके।
10 जनवरी को हुई थी छात्र से मारपीट- प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 10 जनवरी 2026 को विद्यालय परिसर में कक्षा 9वीं के एक छात्र के साथ कक्षा 10वीं के चार छात्रों द्वारा मारपीट की घटना हुई थी। बताया गया कि मारपीट के दौरान छात्र की तबीयत बिगड़ गई और वह कुछ समय के लिए अचेत अवस्था में चला गया, घटना की जानकारी बाद में छात्र के परिजनों तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने इस संबंध में शिक्षा विभाग को अवगत कराया।
शिकायत के बाद शिक्षा विभाग हुआ सक्रिय- पीड़ित छात्र के अभिभावक द्वारा लिखित शिकायत मिलने के बाद शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने मामले को संज्ञान में लिया, विभागीय स्तर पर जानकारी जुटाई गई और दोनों पक्षों से बातचीत की गई, सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान पीड़ित और आरोपित छात्रों के पालकों के बीच आपसी सहमति (सुलह) से मामला समाप्त कर दिया गया।
प्राचार्य की भूमिका पर उठे प्रश्न- इस घटनाक्रम के दौरान विद्यालय प्राचार्य की भूमिका को लेकर भी चर्चा सामने आई, सूत्रों के अनुसार घटना की जानकारी समय पर परिजनों तक नहीं पहुंची, विद्यालय स्तर पर तत्काल स्पष्ट कार्रवाई नहीं हो सकी हालांकि, इस संबंध में यह भी बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग द्वारा प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, यह नोटिस किस चरण में है और उस पर क्या निर्णय होगा, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है।
सुलह के बाद भी शेष हैं अहम सवाल- मामला सुलह से समाप्त होने के बाद अब यह प्रश्न उठ रहे हैं कि क्या गंभीर मारपीट जैसी घटनाओं में केवल आपसी समझौता पर्याप्त है? क्या इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी? और क्या विद्यालय परिसर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त निवारक कदम उठाए गए हैं? शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सुलह के साथ-साथ अनुशासनात्मक और सुधारात्मक उपाय भी आवश्यक होते हैं, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र की सुरक्षा से समझौता न हो।
पीड़ित पक्ष की सहमति, लेकिन व्यवस्था की जिम्मेदारी बनी रहती है- यह तथ्य भी सामने आया है कि पीडç¸त छात्र और उसके परिजनों ने आपसी सहमति से समझौते को स्वीकार किया। इसे एक सकारात्मक सामाजिक पहल के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन साथ ही यह भी माना जा रहा है कि विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग की संस्थागत जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर निगाह- यह मामला एक बार फिर विद्यालयों में अनुशासन व्यवस्था, छात्रों की सुरक्षा और शिकायतों के समयबद्ध निपटारे जैसे विषयों पर ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।


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