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एमसीबी@ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक और अनुकरणीय पहल..

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जिले में प्लास्टिक अपशिष्ट से बनी पहली सड़क


-रवि सिंह-
एमसीबी,02 जनवरी 2026 (घटती-घटना)।
जिले ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक नई उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले की पहली सड़क का निर्माण प्लास्टिक अपशिष्ट के उपयोग से किया गया है, यह सड़क पीडब्ल्यूडी रोड से मेंड्राडोल होते हुए भररीडांड तक लगभग 2.00 किलोमीटर लंबी है, जो ग्राम पंचायत परसगढ़ी क्षेत्र में स्थित है, यह पहल न केवल सड़क निर्माण की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है, बल्कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन का प्रभावी और व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत करती है।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में पर्यावरण और विकास का संगम
कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के दिशा-निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम के मार्गदर्शन में यह अभिनव प्रयोग सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायत चनवारीडांड में स्थापित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई से प्राप्त प्लास्टिक को डामर के साथ मिश्रित कर सड़क निर्माण में उपयोग किया गया।
इससे यह स्पष्ट हुआ कि यदि वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाए, तो अपशिष्ट भी एक मूल्यवान संसाधन बन सकता है।
बेहतर गुणवत्ता,अधिक टिकाऊपन और कम लागत… प्लास्टिक मिश्रित डामर से बनी यह सड़क सामान्य सड़कों की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ मानी जा रही है, सामान्य डामर सड़कः 4-5 वर्ष, प्लास्टिक मिश्रित सड़कः 6-7 वर्ष, तक टिकाऊ इसके साथ ही डामर की खपत कम होने से प्रति किलोमीटर लगभग 30,000 की बचत भी हो रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता मोतीराम सिंह के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले की 5.49 किलोमीटर लंबी तीन सड़कों में प्लास्टिक मिश्रण के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके आधार पर भविष्य में अन्य सड़कों में भी इस तकनीक का विस्तार किया जाएगा।
प्लास्टिक अपशिष्ट बना स्वच्छता और आजीविका का आधार…
जो प्लास्टिक कभी गंदगी और प्रदूषण का प्रतीक था,वही आज एक मजबूत और चमचमाती सड़क की नींव बन गया है,ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से सिंगल यूज प्लास्टिक एकत्र कर उसका पृथक्करण,सफाई और श्रेडिंग कर सड़क निर्माण में उपयोग किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में स्वच्छाग्राहियों की अहम भूमिका है, जिन्हें इससे अतिरिक्त आय और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। खासकर महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से आर्थिक सशक्तिकरण को भी बल मिला है।
भविष्य के लिए मिसाल…
यह पहल न केवल वायु,जल और मृदा प्रदूषण को कम करने में सहायक है,बल्कि वैश्विक चुनौती बन चुके प्लास्टिक अपशिष्ट का स्थायी और व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत करती है, एमसीबी जिले में प्लास्टिक अपशिष्ट से सड़क निर्माण का यह प्रयोग आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और टिकाऊ विकास का मजबूत आधार बनने जा रहा है।


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