

कोरिया: वेदांती तिवारी के घर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अकस्मात बने कार्यक्रम में कूड़ेली में उमड़ा जनसैलाब
पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी के घर पहुंचे भूपेश बघेल, बिना पूर्व सूचना हुआ भव्य स्वागत
बिना तय कार्यक्रम कोरिया पहुंचे भूपेश, कूड़ेली में दिखा जनता का भरोसा
अचानक दौरा, बड़ा संदेश: वेदांती तिवारी के घर भूपेश बघेल का आत्मीय आगमन
एक आकस्मिक दौरा, कई सियासी संदेश
जहाँ संगठन ने बुलाया नहीं, वहाँ जनता ने रोक लिया
कूड़ेली से उठा सवाल: क्या वेदांती तिवारी फिर केंद्र में हैं?
-राजन पाण्डेय-
बैकुंठपुर 31 दिसम्बर 2025 (घटती-घटना)। सरगुजा संभाग दौरे पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल का कोरिया जिले में भी आगमन हुआ, यह दौरा पूरी तरह अकस्मात था, लेकिन स्वागत में उमड़ा जनसैलाब इसे यादगार बना गया, पूर्व मुख्यमंत्री कोरिया जिले के कूड़ेली गांव पहुंचे, जो पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी का गृह ग्राम है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वेदांती तिवारी के निवास पहुंचे, जहां उन्होंने क्षेत्र के लोगों से मुलाकात की, उनका अभिवादन स्वीकार किया और तिवारी परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद किया, इस अवसर पर उन्होंने स्वल्पाहार भी ग्रहण किया, उल्लेखनीय है कि कूड़ेली पहुंचना भूपेश बघेल का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं था, इसके बावजूद उनके स्वागत के लिए ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुजूम मौजूद रहा, पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया मंचों पर भी साझा कीं और इसे आत्मीय बताते हुए कूड़ेली क्षेत्र के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहला अवसर रहा जब किसी कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री ने वेदांती तिवारी के निवास पर पहुंचकर परिजनों एवं क्षेत्रवासियों से प्रत्यक्ष मुलाकात की।
राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना कूड़ेली दौरा- भूपेश बघेल का यह आकस्मिक दौरा अब जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि यह सिर्फ शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है, कांग्रेस शासनकाल में जिला पंचायत उपाध्यक्ष रहते हुए भी वेदांती तिवारी को कई बार उपेक्षा का सामना करना पड़ा था, जिसका उन्होंने सार्वजनिक रूप से विरोध भी किया, लेकिन इसके बावजूद वे कभी पार्टी विरोधी नहीं हुए और न ही गुटबाजी का हिस्सा बने, दो बार कांग्रेस से विधानसभा प्रत्याशी रहे वेदांती तिवारी दोनों ही बार भले ही पराजित हुए हों, लेकिन दोनों चुनावों में उनकी हार निकट अंतर से हुई थी, पार्टी के भीतर अपेक्षित सहयोग न मिल पाने की चर्चा भी उस समय सामने आई थी, इसके बाद भी उन्होंने न तो राजनीति छोड़ी और न ही कांग्रेस का दामन, वर्तमान में भी वे सक्रिय राजनीति में बने हुए हैं और क्षेत्र में उनका जनाधार मजबूत माना जाता है।
अल्प समय में जुटा हुजूम, जनसंपर्क की ताकत दिखी- बताया जा रहा है कि भूपेश बघेल पहले श्रीनगर पहुंचे थे, जहां से कूड़ेली की दूरी कम होने के कारण वहीं से कूड़ेली जाने का निर्णय लिया गया, वेदांती तिवारी को बहुत कम समय में इस आगमन की सूचना मिली, लेकिन उन्होंने तत्काल क्षेत्र में संपर्क साधा, जिन्हें भी सूचना मिली, वे सहज भाव से कूड़ेली पहुंचे और देखते ही देखते कार्यक्रम भव्य रूप ले गया, यह दृश्य वेदांती तिवारी के जनता से जुड़े रहने और मजबूत संपर्क का प्रमाण माना जा रहा है, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विवादों से दूर रही उनकी राजनीति और अचानक मिले इस स्नेह ने उनके भविष्य को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
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