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कोरिया@ मनरेगा बंद करना गरीबों के पेट पर लात….

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पूर्व विधायक गुलाब कमरो का सरकार पर तीखा प्रहार
कोरिया,29 दिसम्बर 2025 (घटती-घटना)।
भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक और कोरिया जिले के कद्दावर नेता गुलाब कमरो ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा हमला बोला है,ग्रामीण इलाकों की ‘रोज़गार की जीवनरेखा’ कही जाने वाली योजना में कथित कटौती और नई व्यवस्था की चर्चाओं पर उन्होंने गहरा रोष जताया।
मजदूरों का हक छीना तो उग्र आंदोलन
पूर्व विधायक ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं,बल्कि वनांचल और ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए जीविकोपार्जन का सुरक्षा कवच है, जिसे यूपीए सरकार के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लागू किया था। उनका आरोप है कि बजट में कटौती और तकनीकी जटिलताओं के जरिए योजना को कमजोर किया जा रहा है, जबकि नई योजना लाने की बातें हो रही हैं,कमरो ने 60ः40 के नए अनुपात (60′ केंद्र, 40′ राज्य) पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब राज्य सरकार खुद बजट संकट की बात कर रही है, तो मजदूरों का भुगतान कैसे सुनिश्चित होगा?
सरकार पर सिलसिलेवार आरोप
गरीबों पर प्रहार : ‘महंगाई बढ़ रही है और सरकार गरीबों के हाथ से काम छीन रही है—यह बर्दाश्त नहीं। ‘
पलायन का खतराः गांवों में काम रुका तो कोरिया और एमसीबी के मजदूर फिर दूसरे राज्यों की ओर पलायन को मजबूर होंगे।
भुगतान में देरीः कई मजदूरों की मजदूरी लंबित है; नए साल से पहले बकाया राशि जारी होनी चाहिए।
ग्रामीणों के बीच जाकर सच बताएंगे : कमरो ने कहा कि कांग्रेस हमेशा मजदूरों और गरीबों की आवाज रही है। मनरेगा को कमजोर करना सीधे-सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही या इसे बंद करने की साजिश हुई, तो कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी— ‘चुपचाप तमाशा नहीं देखेंगे, पूर्व विधायक के इस कड़े रुख के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बयान पर व्यापक चर्चा है, क्योंकि कोरिया जिले के हजारों परिवार आज भी अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए मनरेगा पर निर्भर हैं।


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