रायपुर,27 दिसम्बर 2025। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्रिसमस के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ का मामला अब गरमाता जा रहा है। मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ के आरोपी बजरंग दल कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने तेलीबांधा थाने के सामने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। पुलिस बल की भारी तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे, जिससे प्रशासन और संगठन के बीच तीखा टकराव देखने को मिला।
गिरफ्तारी के विरोध में सड़क पर उतरे कार्यकर्ता, पुलिस रही बेखबर
रायपुर पुलिस ने शुक्रवार की देर रात कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन बजरंग दल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई 24 दिसंबर को मैग्नेटो मॉल में हुए हंगामे और तोड़फोड़ के सिलसिले में की गई थी। शनिवार को कार्यकर्ताओं ने रणनीति के तहत ‘गिरफ्तारी देने’ के बहाने थाने का घेराव किया और अचानक सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। पुलिस को इस प्रदर्शन की पूर्व सूचना नहीं थी, जिसके कारण मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
मॉल में हुई यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें हमलावरों को हाथ में डंडे लेकर तोड़फोड़ करते साफ देखा जा सकता है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए 30 से 40 अज्ञात और नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (ख्हृस्) की गंभीर धाराओं, जिनमें बलवा और मारपीट से जुड़ी धाराएं 115(2), 190, 191(2), 324(2) और 331(3) शामिल हैं, के तहत केस दर्ज किया गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ट्रैफिक डायवर्जन
प्रदर्शन को देखते हुए तेलीबांधा इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मौके पर 2 एएसपी, 4 सीएसपी और एक दर्जन से अधिक थाना प्रभारियों सहित अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। चक्काजाम के कारण आम जनता को परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर हसौद और एयरपोर्ट की ओर से आने वाले ट्रैफिक को तेलीबांधा चौक से नेशनल हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बजरंग दल का तर्कः कांकेर हिंसा
और सांता की मूर्ति पर विवाद
बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने पुलिसिया कार्रवाई को अनुचित बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कांकेर में हिंदू भाइयों के साथ हुई हिंसा पर प्रशासन मौन रहा, जिसके कारण ‘छत्तीसगढ़ बंद’ का आह्वान करना पड़ा। वर्मा ने दावा किया कि मॉल प्रबंधन ने जानबूझकर सांता की मूर्ति लगाकर भावनाओं को भड़काया। उन्होंने तर्क दिया कि बाइबल में सांता का कोई उल्लेख नहीं है और डेकोरेशन हटाने को ‘बड़ी तोड़फोड़’ का नाम देकर उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
मॉल प्रबंधन का आरोपः जाति और
धर्म पूछकर किया गया हमला
दूसरी ओर, मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता ने घटना का खौफनाक मंजर बयां किया है। उनके अनुसार, मॉल बंद के समर्थन में पहले से ही बंद था, फिर भी 50 से 100 उपद्रवी लाठी और हॉकी स्टिक लेकर अंदर घुस आए। आरोप है कि ये लोग कर्मचारियों का आईडी कार्ड चेक कर रहे थे और उनसे उनकी जाति व धर्म पूछ रहे थे। इस दौरान मॉल के कर्मचारियों में इतना डर था कि कई लोग रोने लगे। प्रबंधन का दावा है कि इस हिंसा में मॉल को लगभग 15 से 20 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है।
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