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एमसीबी/मनेन्द्रगढ़@ तीन महीने की दहशत पर लगा विराम, मनेन्द्रगढ़ में मादा भालू व दो शावक पिंजरे में कैद

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आखिरकार थमी भालू की दहशत,मनेन्द्रगढ़ ने ली राहत की सांस
रातों की नींद उड़ाने वाली मादा भालू पकड़ाई,शहर में लौटा सुकून
मनेन्द्रगढ़ में भालू आतंक का अंत,वन विभाग को बड़ी कामयाबी
एमसीबी/मनेन्द्रगढ़,17 दिसंबर 2025 (घटती-घटना)।
मनेन्द्रगढ़ शहर और आसपास के इलाकों में पिछले करीब तीन महीनों से दहशत का पर्याय बनी मादा भालू और उसके दो शावकों को आखिरकार वन विभाग ने सफलतापूर्वक पकड़ लिया। भालुओं की गिरफ्त में आने के साथ ही शहरवासियों ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार,मादा भालू अपने दो शावकों के साथ मनेन्द्रगढ़ के विभिन्न वार्डों, रिहायशी इलाकों,खेतों और राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे क्षेत्रों में लगातार विचरण कर रही थी। खासकर रात के समय भालुओं की आवाजाही से आम नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ था, कई बार अचानक भालू सामने आ जाने से लोग जान बचाकर भागते नजर आए,इन घटनाओं के दौरान भालू के हमलों में कई लोग घायल भी हुए,जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आईं। इससे स्थानीय लोगों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ती जा रही थी।
विशेष रणनीति से रेस्क्यू में मिली सफलता
लगातार बढ़ती घटनाओं और जनदबाव को देखते हुए वन विभाग ने विशेष रणनीति बनाकर भालू और उसके शावकों को पकड़ने का निर्णय लिया। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित हसदेव इन होटल के समीप उपयुक्त स्थान पर पिंजरा लगाया गया,मंगलवार देर रात दोनों शावक पिंजरे में फंस गए, जबकि मादा भालू सतर्कता बरतते हुए मौके से निकल गई,बुधवार को मादा भालू अपने बच्चों को छुड़ाने के प्रयास में शहर के आसपास,कॉलेज परिसर और वन मंडल क्षेत्र में विचरण करती नजर आई। इसके बाद वन विभाग ने ट्रैक्यूलाइजेशन की कार्रवाई तेज की, कानन पेंडारी, बिलासपुर से आई वेटनरी डॉक्टरों की टीमडॉ. चंदन और डॉ. अजीत पांडेय और मनेन्द्रगढ़ वन विभाग की संयुक्त टीम ने मादा भालू को वन परिसर के भीतर बेहोश कर सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद किया, बाद में मादा भालू और उसके दोनों शावकों को एक ही पिंजरे में शिफ्ट कर दिया गया, रेस्क्यू की खबर फैलते ही पकड़े गए भालुओं को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
राजनीतिक बयान भी आए सामने…
कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की लगातार मांग,आंदोलन और जनदबाव के चलते ही वन विभाग हरकत में आया। उन्होंने कहा कि डीएफओ से शिकायत,कार्यालय घेराव,रेंजर से सवाल और पुलिस थाने तक शिकायत के बाद करीब चार महीने में यह कार्रवाई संभव हो सकी, उन्होंने यह भी कहा कि जनता की सुरक्षा और आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
वन परिक्षेत्राधिकारी का स्वागत
भालू के सकुशल रेस्क्यू के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों ने वन परिक्षेत्राधिकारी का फूल-माला से स्वागत कर समस्या के समाधान हेतु आभार व्यक्त किया। इस दौरान नगर पालिका की प्रथम नागरिक भी उपस्थित रहीं,शहरवासियों ने राहत जताते हुए कहा कि अब उन्हें अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर व्याप्त भय से मुक्ति मिली है।
वन विभाग की मेहनत की सराहना
भालुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने कई दिनों तक लगातार मेहनत की। अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाए गए और पूरी टीम के साथ अभियान चलाया गया। इस प्रयास की सराहना करते हुए शहरवासियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों ने वन विभाग को धन्यवाद ज्ञापित किया है।


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