Breaking News

कोरिया@गौधाम समितियों की पहली बैठक में बड़े फैसले,पराली दहन से पशु संरक्षण तक सख्त नीति घोषित

Share

  • कोरिया में पशु संरक्षण को नई दिशा गौधामों,चारा और तस्करी पर कड़ा नियंत्रण
  • निराश्रित मवेशियों के लिए बनेगा सुरक्षित कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे होंगे गौधाम
  • कलेक्टर की कड़ी चेतावनीः पराली जलाने पर अब तुरंत जुर्माना और कानूनी कार्रवाई
  • गौधाम योजना को मिले नए आयाम, प्रशासन ने तय किए संचालन के सख्त मानक
  • पशुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, कलेक्टर ने सरपंचों और समितियों को दिए स्पष्ट निर्देश
  • गौधामों में शेड,पानी,बिजली अनिवार्य, पशुपालन विभाग को मिली जिम्मेदारी
  • अवैध पशु तस्करी पर अब कसा शिकंजा, एसपी कुर्रे ने जारी किए सतर्कता निर्देश


-संवाददाता-
कोरिया,11 दिसंबर 2025 (घटती-घटना)।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को जिला एवं विकासखंड स्तरीय गौधाम समितियों की पहली बैठक आयोजित की गई, बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने की, इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे, जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, गौधाम जिला अध्यक्ष रेवा यादव, संबंधित विभागों के अधिकारी, समिति अध्यक्ष और सदस्य उपस्थित थे, बैठक में निराश्रित पशुओं के संरक्षण, अवैध पशु तस्करी पर नियंत्रण, पराली प्रबंधन, चारा संरक्षण और गौधामों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर व्यापक चर्चा हुई।
गौधाम समितियों की पहली बैठक ने जिले में पशु संरक्षण, चारा प्रबंधन, अवैध परिवहन नियंत्रण और पराली दहन रोकथाम के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है, प्रशासनिक विभागों और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त भूमिका से उम्मीद है कि आने वाले समय में निराश्रित पशुओं की सुरक्षा बढ़ेगी, किसानों को लाभ होगा, चारा संकट कम होगा, पर्यावरण संरक्षित होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बनाए जाएंगे गौधाम
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पहले चरण में उन ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जो राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित हैं,ताकि घूमन्तू और निराश्रित मवेशियों को सुरक्षित रूप से गौधामों में रखा जा सके, पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक गौधाम में शेड, बिजली,पानी,चारा भंडारण,सुरक्षित बाड़ा, स्वास्थ्य परीक्षण सुविधाएँ, अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएँ, कलेक्टर ने सभी सरपंचों, ग्राम सचिवों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे घूमन्तू पशुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने में सक्रिय सहयोग दें।
किसानों से अपील पराली (पैरा) न जलाएँ
गौधाम जिला अध्यक्ष रेवा यादव ने बैठक में किसानों से विशेष आग्रह किया कि वे खेतों में पराली न जलाएं, उन्होंने बताया कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है, लाभकारी जीव समाप्त हो जाते हैं, पशुओं के लिए चारे का भारी संकट पैदा हो जाता है उन्होंने किसानों से अपील की कि पैरा को गौधामों, गौठानों और गौशालाओं में उपलब्ध कराएं, ताकि पशुओं के लिए चारा सुरक्षित रह सके।
नस्ल सुधार कार्यक्रम राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत उन्नत तकनीक
पशुपालन विभाग ने बताया कि सेक्स सारटेड सीमेन तकनीक के माध्यम से पशुधन के नस्ल सुधार का कार्यक्रम संचालित किया जाएगा, इसके लिए प्रतिवर्ष 1,50,000 व्यय का प्रावधान रखा गया है।
5 एकड़ में चारा विकास,2.85 लाख वार्षिक लागत
गौधामों के लिए चारा उपलब्ध कराने हेतु 5 एकड़ भूमि पर चारा उत्पादन के लिए,भूमि तैयारी,खाद,नेपियर घास,सिंचाई,श्रम,कीट नियंत्रण,चॉफ-कटर पर पहले वर्ष 2,85,000 व्यय का अनुमान है,दूसरे वर्ष से चॉफ-कटर की लागत कम हो जाएगी।
ग्राम स्तर पर निगरानी,समितियों को दिए गए निर्देश
कलेक्टर ने निर्देश दिया कि जनपद पंचायतों की बैठकों में पराली न जलाने पर चर्चा अनिवार्य हो, गौधाम समितियां गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाएँ, प्रत्येक गौधाम के पास उपलब्ध पैरा (मि्ंटल में) का अद्यतन विवरण पशु चिकित्सा विभाग को भेजा जाए
अवैध पशु तस्करी पर सख्त निगरानी,एसपी कुर्रे का निर्देश
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे ने कहा कि छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा होने और राष्ट्रीय राजमार्गों के गुजरने के कारण अवैध पशु तस्करी की घटनाएँ सामने आती रहती हैं, उन्होंने गौधाम समितियों और ग्रामीणों से अनुरोध किया कि संदिग्ध वाहनों, अवैध परिवहन या किसी संदिग्ध घटना की जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाने को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
गौधाम योजनाः निराश्रित एवं जप्त पशुओं के संरक्षण की बड़ी पहल
छत्तीसगढ़ में अंतर्राज्यीय आवागमन अधिक होने के कारण जप्त या निराश्रित गोवंश की संख्या बढ़ती है, इन्हें सुरक्षित संरक्षण देने के लिए गौधाम योजना महत्वपूर्ण है, गौधाम की मुख्य विशेषताएँ, यह पंजीकृत गौशालाओं से अलग होंगे, केवल निराश्रित, घुमंतू और अधिनियम के तहत जब्त पशुओं को रखा जाएगा, गौधामों के लिए वही भूमि चुनी जाएगी जहां, पानी, बिजली, सुरक्षा, शेड उपलब्ध हो जहाँ चारागाह की भूमि उपलब्ध है, वहाँ हरा चारा उत्पादन का कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।
पराली जलाने पर कानूनी कार्रवाई कलेक्टर ने किया स्पष्ट
बैठक में राज्य शासन के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 (संशोधित 2011) तथा नियम 2014 के तहत पराली जलाना दंडनीय अपराध है, इसलिए, प्रशासन ने जनपद पंचायतों को निर्देश दिया है कि आगामी बैठकों में पराली दहन पर अनिवार्य चर्चा की जाए।
चरवाहों और गौसेवकों के मानदेय में बढ़ोत्तरी
चरवाहा (अकुशल वर्ग)ः 10,916 प्रति माह (1,30,902 प्रति वर्ष)
गौसेवक (उच्च कुशल)ः 13,126 प्रति माह (1,57,512 प्रति वर्ष)
यह निर्णय गौधाम संचालन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लिया गया है।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@यूजीसी नियमों के खिलाफ स्वर्ण समाज का ऐलान,1 फरवरी को अंबिकापुर बंद

Share अम्बिकापुर,29 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में प्रस्तावित 1 फरवरी …

Leave a Reply