

- सोनहत का कांटो गांव संकट में,हाथियों के तांडव से ग्रामीण बेघर
- दहशत में ग्रामीण,तबाही का मंजर : हाथियों ने कांटो गांव को रौंद डाला
- कोरिया में हाथियों का आतंक चरम पर,कांटो गांव रातों-रात उजड़ गया
- जंगल की रात का खौफ़ : हाथियों ने कांटो गांव को बना दिया खंडहर
- हाथियों की तबाही के बाद पूर्व विधायक सक्रिय,ग्रामीणों को मिली राहत की उम्मीद
- कांटो में नुकसान का जायजा लेने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य मदद का भरोसा

-राजन पाण्डेय-
सोनहत,11 दिसंबर 2025 (घटती-घटना)। विकासखंड सोनहत के अंतिम छोर पर स्थित दूरस्थ एवं घने वनांचल ग्राम कांटो पर शुक्रवार देर रात हाथियों के एक दल ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरा गांव बर्बादी के मंजर में बदल गया। जंगल से लगे इस छोटे से गांव में लगभग 3 से 5 घर ही हैं, लेकिन हाथियों ने लगभग सभी घरों को निशाना बनाकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, करीब 25 से 30 की आबादी वाला यह गांव सघन जंगलों से घिरा है, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में ग्रामीणों को तत्काल सहायता मिलना मुश्किल हो जाता है। हाथियों के तांडव के समय भी कुछ ऐसा ही हुआ, जान बचाने ग्रामीणों को रातों-रात जंगल में शरण लेनी पड़ी, क्योंकि आसपास कोई दूसरा गांव नहीं है जहाँ वे भागकर सुरक्षित पहुंच सकें।
तीन जिलों में हाथियों की आवाजाही तेज, कोरिया,मनेंद्रगढ़ और सरगुजा प्रभावित
सूत्रों के अनुसार कोरिया वन मंडल के देवगढ़ परिक्षेत्र में विचरण कर रहा 11 हाथियों का दल मनेंद्रगढ़ वन मंडल में प्रवेश कर चुका है,संभावना है कि इसी दल से बिछुड़ा एक हाथी खड़गवां रेंज में उत्पात मचा रहा है, सूरजपुर और गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में भी हाथियों की गतिविधियाँ लगातार दर्ज की जा रही हैं।
जंगलों का संतुलन बिगड़ा, ग्रामीण दोहरी मार झेल रहे…
वनांचल कांटो की घटना एक बार फिर बताती है कि कोरिया जिले में हाथी-मानव संघर्ष अपने चरम पर पहुंच चुका है, ग्रामीण रोजी-रोटी की लड़ाई अलग, और हाथियों के आतंक की मार अलग दोनों से जूझ रहे हैं, प्रशासन व वन विभाग के सामने चुनौती दोहरी है ग्रामीणों की सुरक्षा और हाथियों का सुरक्षित प्रबंधन, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कांटो जैसे गांव आज भी असुरक्षित हैं और जंगल का यह संघर्ष अभी थमता नहीं दिख रहा।
वनांचल में दहशतःघर टूटे,जिंदगी उजड़ी, ग्रामीणों ने लिए जंगल में आश्रय
ग्रामीणों के मुताबिक हाथी देर रात गांव में घुसे और घंटों उत्पात मचाते रहे। कई घरों की दीवारें टूटी,लकड़ी के ढांचे बिखर गए और अनाज सहित जरूरी सामान क्षतिग्रस्त हो गया, ग्रामीण अब भी भयभीत हैं और प्रशासन से तत्काल क्षतिपूर्ति और राहत की मांग कर रहे हैं।
पूर्व विधायक बने सहाराःवन विभाग से की बात,सहायता सुनिश्चित करने दिए निर्देश
हाथियों के कहर की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने वन परिक्षेत्राधिकारी से बात कर पूरी स्थिति की जानकारी ली, उन्होंने प्रभावितों को तत्काल सुरक्षित आश्रय मुहैया कराने, राहत सामग्री देने तथा हाथियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए, पूर्व विधायक ने स्पष्ट कहा कठिन समय में प्रशासन को हर पीडि़त परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए।
कोरिया में हाथियों का आतंक,नहीं थम रहा मौतें,फसलें बर्बाद,घर उजड़े
कांटो की घटना कोई पहली नहीं। कोरिया जिले में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में सोनहत क्षेत्र के कचोहर-किशोरी-बंशीपुर में 12 हाथियों के दल ने फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाया था, मनेंद्रगढ़ वन मंडल के बहेरा बांध बीट में एक दंतैल हाथी ने ग्राम फुनगा निवासी कुमकरन (30वर्ष) को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसी सप्ताह जिले में एक व्यक्ति की हाथी के हमले में मौत हो चुकी है।
वन विभाग की अपील…रात में अकेले न निकलें, समूह में रहें, दिशा-निर्देशों का पालन करें
वन विभाग ने सभी प्रभावित व आस-पास के ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में समूह में रहें, रात में खेत या जंगल की ओर अकेले न जाएँ,किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें,वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, वन विभाग ने यह भी बताया कि हाथियों के लगातार स्थान बदलने के कारण निगरानी चुनौतीपूर्ण है,फिर भी टीमें लगातार क्षेत्र में तैनात हैं।
जिला पंचायत सदस्य सुरेश सिंह पहुंचे मौके पर, दिलाया हर संभव मदद का भरोसा
पूर्व विधायक के निर्देश के बाद जिला पंचायत सदस्य सुरेश सिंह कांटो पहुंचे। उन्होंने गांव की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और ग्रामीणों को आवश्यक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और नुकसान का नियमित सर्वे कर क्षतिपूर्ति प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur