रायपुर,10 दिसम्बर 2025। सूचना का अधिकार कानून के तहत रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई चल रही है। इस दौरान खुलासा हुआ है कि केंद्रीय सूचना आयोग और राज्यों के सूचना आयोगों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। इस वजह से अपीलों की सुनवाई में काफी देरी हो रही है। कार्यकर्ता अंजली भारद्वाज की याचिका में 1 दिसंबर 2025 को सुनवाई के दौरान पेश की गई तालिका के अनुसार लाखों अपीलें और शिकायतें महीनों-वर्षों से लंबित हैं क्योंकि आयोग ही आधे-अधूरे या पूरी तरह बंद पड़े हैं।
जब केंद्रीय सूचना आयोग का ये हाल तो फिर..
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि केंद्रीय सूचना आयोग में 11 में से 9 पद मुख्य सूचना आयुक्त सहित खाली है और यहां 30 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं। झारखंड में तो सभी 7 पद खाली हैं। मई 2020 से आयोग का दफ्तर ही पूरी तरह बंद है और नई अपीलें तक दर्ज नहीं हो रही हैं। हिमाचल प्रदेश में स्वीकृत दोनों पद खाली हैं और जुलाई 2025 से आयोग का कामकाज ठप पड़ा है। छत्तीसगढ़ में मुख्य सहित 3 पद खाली हैं। मुख्य सूचना आयुक्त का पद तो तीन साल से खाली पड़े हैं। 23 नवंबर 2022 से यहां यह पद रिक्त चल रहा है। 30 जून 2025 की स्थिति में राज्य में 34 हजार 147 मामले लंबित हैं। 2019 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद राज्य ने अभी तक अतिरिक्त पद स्वीकृत भी नहीं किए हैं। महाराष्ट्र में तो स्थिति और भी गंभीर है। 2019 के फैसले के अनुसार 11 पद होने चाहिए। यहां फिलहाल 11 में से 3 खाली पद हैं और लगभग 90 हजार मामले लंबित हैं। तमिलनाडु में कुछ किया गया है। यहां 7 में से सिर्फ एक पद खाली है, मगर यहां भी 41 हजार 59 मामले लंबित हैं। इसका मतलब यह है कि राज्य को सूचना आयुक्तों की संख्या बढ़ानी चाहिए। बिहार में 4 में से 1 ही पद रिक्त है और यहां 29 हजार 919 मामले लंबित हैं। यहां भी अधिक पद स्वीकृत करने की जरूरत है। ओडिशा में 7 में से 1 पद खाली है और यहां करीब 20,000 मामले लंबित है। मगर, मध्य प्रदेश में 11 में से 7 पद खाली है और यहां लंबित मामलों की संख्या 18 हजार हो चुकी है। पश्चिम बंगाल में फिलहाल 8 में से 3 पद खाली चल रहे हैं। आंध्र प्रदेश में 8 में से 5 पद खाली हैं।
छत्तीसगढ़ की तरह यहां भी अरसे मुख्य सूचना आयुक्त का पद खाली चल रहा है। यहां 13,591 मामले लंबित हैं। वैसे यहां मुख्य आयुक्त का पद 26 सितंबर 2025 को ही रिक्त हुआ है।
सीजी में इंटरव्यू के बाद भी नई नियुक्ति नहीं
छत्तीसगढ़ में स्थिति अजीब है। यहां चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इंटरव्यू भी हो चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार नियुक्ति करने की बजाय टालमटोल कर रही है। 17 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह दो महीने के अंदर नियुक्ति कर देगी, जबकि इंटरव्यू के बाद सिर्फ चयन सूची जारी करना बाकी है। इसके लिए 60 दिन का समय राज्य सरकार को क्यों चाहिए, यह दाखिल किए गए जवाब से पता नहीं चलता। इस चयन प्रक्रिया को पहले हाईकोर्ट के स्थगन के चलते स्थगित किया गया था पर वह याचिका खारिज हो चुकी है।
सुको के आदेश की अवहेलना कर रही हैं सरकारें
छत्तीसगढ़ में स्थिति अजीब है। यहां चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इंटरव्यू भी हो चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार नियुक्ति करने की बजाय टालमटोल कर रही है। 17 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह दो महीने के अंदर नियुक्ति कर देगी, जबकि इंटरव्यू के बाद सिर्फ चयन सूची जारी करना बाकी है। इसके लिए 60 दिन का समय राज्य सरकार को क्यों चाहिए, यह दाखिल किए गए जवाब से पता नहीं चलता। इस चयन प्रक्रिया को पहले हाईकोर्ट के स्थगन के चलते स्थगित किया गया था पर वह याचिका खारिज हो चुकी है।
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