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रायपुर@छत्तीसगढ़ में जमीन दरों पर नई गाइडलाइन जारी…

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सेंट्रल इवैल्यूएशन बोर्ड ने जिलों से मांगी रिपोर्ट,भूपेश बघेल बोले…जबरदस्ती थोपे गए नियम वापस लिया

रायपुर,08 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ में नई कलेक्टर गाइडलाइंस के बाद जमीनों की बढ़ी कीमतों के बीच सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने शहरों में लागू की गई नई दरों और वैल्यूएशन के प्रावधानों की समीक्षा करने का फैसला किया है। वहीं सेंट्रल वैल्यूएशन बोर्ड ने सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है।सेंट्रल वैल्यूएशन बोर्ड की मीटिंग के बाद इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन और सुपरिटेंडेंट ऑफ स्टैंप्स, छत्तीसगढ़, रायपुर ने नई रिवाइज्ड गाइडलाइंस जारी की हैं। इन गाइडलाइंस में 6 बड़े बदलाव किए गए हैं। डिस्टि्रक्ट वैल्यूएशन कमेटियों को 31 दिसंबर 2025 तक नए प्रपोजल सबमिट करने का निर्देश दिए गए हैं। वहीं संशोधित गाइडलाइन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च होती है। गाइडलाइन दरों को लेकर व्यापक समीक्षा की जा रही है। जमीन से जुड़ी नीतियां लोगों के हित में सरल और व्यावहारिक बनाई जाएंगी। इस पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि गाइडलाइन दरों में अभी सुधार कहां हुआ। जब तक अनाप-शनाप बढ़ाई गई गाइडलाइन दरों को नहीं सुधारा जाएगा, काम नहीं बनेगा। सरकार को और संशोधन करना पड़ेगा। वह मजबूर होकर करेगी, लिखकर रखिए। इसके पहले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि नई गाइडलाइन से भूमि अधिग्रहण में ज्यादा मुआवजा मिलने की बात भ्रामक है। इससे केवल 1′ किसानों को फायदा होगा, जबकि 99′ जनता पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।
जिला मूल्यांकन समिति के लिए निर्देश जारी : सेंट्रल वैल्यूएशन बोर्ड की मीटिंग में यह तय किया गया कि डिस्टि्रक्ट वैल्यूएशन कमेटी को निर्देश दिया जाए। वे हाल ही में रेट बढ़ने के बाद मिले मेमोरेंडम, आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा करें। 31 दिसंबर तक गाइडलाइन रेट में बदलाव के लिए प्रस्ताव जमा करें।
बघेल बोले…जनता को बहुत कम राहत देने वाला सुधार : जमीन की दरों में नई गाइडलाइन को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि गाइड लाइन दरों में अभी सुधार कहां हुआ। जैसा कि मैंने कहा था कि सरकार को गाइडलाइन की दरों संबंधी आदेश में सुधार करना पड़ा, लेकिन यह सुधार सतही है और जनता को बहुत कम राहत देने वाला है। भूपेश बघेल ने आगे लिखा कि अभी गाइडलाइन की दरों में सुधार नहीं हुआ है। बस एक जबरदस्ती थोपे गए नियम को वापस लिया गया है। थोड़े बहुत और परिवर्तन हुए हैं। वे बहुत असरकारी नहीं हैं।जब तक अनाप-शनाप बढ़ाई गई गाइडलाइन दरों को नहीं सुधारा जाएगा, काम नहीं बनेगा। बघेल ने लिखा कि जनता पर प्रॉपर्टी टैक्स का जो बोझ आने वाला है।


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