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रायपुर@छत्तीसगढ़ का स्थिरता का युग…डॉ. रमन सिंह के 15 वर्ष 10 दिन का शासनकाल

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न्यूज डेस्क
रायपुर,07 दिसम्बर 2025 (घटती-घटना)। 7 दिसंबर 2003 छत्तीसगढ़ राज्य के राजनीतिक इतिहास का वह दिन,जब नए बने राज्य में पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. रमन सिंह ने शपथ ली, और इसी दिन से शुरू हुई वह यात्रा,जिसने अगले 15 वर्ष 10 दिन तक छत्तीसगढ़ की राजनीति,विकास मॉडल और शासन प्रणाली को गहराई से प्रभावित किया, आज, उनके इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग कार्यकाल को ऐतिहासिक कीर्तिमान के रूप में याद किया जा रहा है एक ऐसा कालखंड जिसमें छत्तीसगढ़ को ‘खाद्य सुरक्षा मॉडल, ‘स्वास्थ्य बीमा मॉडल,‘ऊर्जा राज्य, और ‘सुशासन का प्रयोगशाला’ जैसे कई नाम दिलाए।
राज्य गठन के बाद पहली स्थिर सरकार
छत्तीसगढ़ के गठन (2000) के बाद,शुरुआती वर्षों में राज्य की प्रशासनिक संरचना, नीतिगत दिशा और विकास मॉडल को लेकर अनिश्चितता थी,डॉ.रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य को पहली बार दीर्घ अवधि की स्थिर सरकार मिली, योजनाओं को निरंतरता मिली,और नीतियों का सही रूप में क्रियान्वयन संभव हुआ,यह स्थिरता ही आगे चलकर छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत बनी।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली, ‘रमन मॉडल’ जिसने देश को दिशा दी
डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल की सबसे बड़ी पहचान बनी छत्तीसगढ़ की निष्पक्ष,पारदर्शी और डिजिटाइज्ड पीडीएस प्रणाली, इस सुधार को भारत सरकार,नीति आयोग,कई राज्यों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने सराहा,मुख्य सुधार में राशन दुकानों का कम्प्यूटरीकरण, फर्जी कार्डों का उन्मूलन,जीपीएस आधारित ट्रांसपोर्ट सिस्टम, वितरण पर निगरानी,गरीबों को सस्ते दर पर खाद्यान्न यह मॉडल इतना प्रभावी रहा कि इसे देशभर में आधुनिक पीडीएस मॉडल के रूप में अपनाया गया।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना… चिकित्सा सुरक्षा का राष्ट्रीय आधार…
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना, जिसने व्यापक स्तर पर स्मार्ट कार्ड आधारित स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की, महत्त्व गरीबों को कैशलेस उपचार,निजी और सरकारी दोनों अस्पताल शामिल,30-40 हजार रुपये तक निःशुल्क इलाज, यह योजना आगे चलकर आयुष्मान भारत की आधार-रचना बनी,विश्व बैंक,डब्ल्यूएचओ और कई राष्ट्रीय संस्थाओं ने इसे ‘सबसे प्रभावी प्रायोगिक मॉडल’ बताया।
ई-गवर्नेंस—डिजिटल शासन की शुरुआत
राज्य में सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल मंच पर लाने का कार्य शुरू हुआ,भूमि रिकॉर्ड,पेंशन,रजिस्ट्रेशन और पात्रता योजनाओं को कम्प्यूटरीकृत किया गया।
उद्योग और निवेश…छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक पहचान
उद्योग,खनिज और ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य ने तेज़ी से कदम बढ़ाए,स्टील, पावर,सीमेंट और खनिज आधारित उद्योगों का विस्तार,हजारों करोड़ के निवेश,नीति सुधार के बाद उद्यमिता को बढ़ावा,इसने छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया।
नक्सल क्षेत्रों में सड़क, स्कूल और
विकास…एक कठिन लेकिन उल्लेखनीय प्रयास

डॉ. रमन सिंह का सबसे बड़ा प्रशासनिक चैलेंज था,नक्सल प्रभावित दक्षिण बस्तर,उनके शासन में पहली बार इन क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण,स्कूलों का विस्तार,स्वास्थ्य सेवाएं,सुरक्षा ढांचे का सुदृढ़ीकरण हुआ,हालांकि चुनौतियां बनी रहीं, पर विकास का पहिया पहली बार गति पकड़ सका।
शहरी विकास-नई दिशा
छत्तीसगढ़ के शहरों में स्वच्छता,पेयजल, सड़कें और यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुए,नई नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों का गठन हुआ।
15 वर्ष का सार…एक स्थिर, योजनाबद्ध और प्रबंधन-केंद्रित शासन
छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह काल सबसे स्थिर शासन,जनकल्याण केंद्रित योजनाएं,राष्ट्रीय स्तर पर पहचान,प्रशासनिक सुधार का युग माना जाता है, रमन सिंह का 15 वर्ष 10 दिन का नेतृत्व छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में एक स्वर्ण अध्याय के रूप में दर्ज है,आज,7 दिसंबर को उनके इस ऐतिहासिक कीर्तिमान की चर्चा न केवल राजनीतिक हलकों में,बल्कि उन करोड़ों लोगों के बीच भी हो रही है जिन्होंने उनके शासन में बदलाव और स्थिरता का अनुभव किया।
सड़क,बिजली और ग्रामीण विकास… छत्तीसगढ़ का बुनियादी ढांचा बदला
15 वर्षों के दौरान राज्य में बड़े स्तर पर,सड़क निर्माण, ग्रामीण विद्युतीकरण, पुल-परियोजनाएँ, पेयजल और सिंचाई संरचनाएँ बनीं, मुख्य उपलब्धियाँ, 18,000+ गांवों तक सड़क संपर्क सिंचाई क्षमता में वृद्धि ऊर्जा उत्पादन में तेजी, गांवों में बिजली आपूर्ति का स्थायित्व छत्तीसगढ़ ‘ऊर्जा राज्य’ के नाम से पहचाना जाने लगा।
किसान हित…समर्थन मूल्य, बोनस और कृषि सुधार
किसानों के धान का समर्थन मूल्य लगातार बढ़ा,कई वर्षों में प्रति क्विंटल बोनस दिया गया,कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा मिला,सिंचाई परियोजनाओं और समितियों की संख्या बढ़ी,धान उत्पादन में छत्तीसगढ़ शीर्ष राज्यों में शामिल हुआ।
महिला व सामाजिक कल्याण
– स्व-सहायता समूहों को मजबूत आधार
– पोषण कार्यक्रमों में सुधार
– बालिका शिक्षा और मातृ-स्वास्थ्य पर फोकस
– योजनाओं में पारदर्शिता लाने का प्रयास
शिक्षा और कौशल विकास
– इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार
– आवासीय विद्यालयों की संख्या बढ़ी
– युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण केंद्र


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