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रायपुर@अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट की फटकार…जुबान पर लगाम लगाने की दी हिदायत

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अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज
-संवाददाता-
रायपुर , 26 नवंबर 2025 (घटती-घटना)।
क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल का नाम एक बड़े विवाद में आ गया है। हाल ही में उन्होंने एक सभा में भगवान झूलेलाल, महाराजा अग्रसेन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इन टिप्पणियों के बाद न केवल सिंधी समाज बल्कि अग्रवाल समाज ने भी तीखा विरोध जताया था जिसके बाद देशभर की कई जगहों पर बघेल के खिलाफ मामले दर्ज करवाए गए थे।
मामले को लेकर अमित बघेल ने देशभर में हुई शिकायतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी और इसके साथ ही देशभर में दर्ज केसेस के मर्जर के निवेदन को भी खारिज कर दिया गया है। कोर्ट ने अमित बघेल को सख्त हिदायत देते हुए कहा “आप अपनी ज़ुबान संभालकर रखें। राज्यों की पुलिस आएगी, आपको अपने-अपने राज्यों में ले जाएगी। पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए।”

रायपुर में मूर्ति तोड़ने की घटना से उपजा विवाद
26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर मानसिक बीमार एक युवक ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया। इस घटना से पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया। अगले ही दिन जब छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के सदस्य विरोध कर रहे थे, उनके अध्यक्ष अमित बघेल ने विवादित बयान दिया “पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अग्रसेन महाराज की मूर्तियां क्यों नहीं टूटतीं? पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं भगवान झूलेलाल के बारे में?” इन शब्दों ने धार्मिक और सामाजिक भावना को चोट पहुंचाई।

सिंधी और अग्रवाल समाज का तीखा विरोध
बघेल के बयान के बाद रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़ और जगदलपुर जैसे शहरों में प्रदर्शन हुए। सिंधी समाज ने कहा कि भगवान झूलेलाल पर टिप्पणी कर उनकी धार्मिक भावनाओं का अपमान किया गया है। अग्रवाल समाज ने भी महाराजा अग्रसेन का अपमान करने पर कड़ी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि बघेल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए।

मुंबई के ठाणे में FIR दर्ज
महाराष्ट्र के उल्हासनगर निवासी कैलाश महेश सुखरामानी ने ठाणे पुलिस में बघेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि बघेल की टिप्पणी से सिंधी समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।


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